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सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी: UAPA मामलों में भी जमानत नियम है और जेल अपवाद!

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यूएपीए के तहत भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्वरित सुनवाई सर्वोपरि है, इसलिए जमानत ही नियम है और जेल सिर्फ एक अपवाद

Last Updated- May 18, 2026 | 10:58 PM IST
Supreme Court
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामलों में भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और त्वरित सुनवाई का अधिकार सर्वोपरि है। न्यायालय ने विशेष रूप से दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में कार्यकर्ता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले पूर्व फैसले पर सवाल उठाए। 

न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां के पीठ ने कुपवाड़ा निवासी सैयद इफ्तिखार अंद्राबी को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की, जो जून 2020 से जेल में बंद थे। उन पर जम्मू कश्मीर में मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवाद के वित्तपोषण में संलिप्तता के आरोप हैं। एनआईए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत 2020 में दर्ज मामले की जांच कर रहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यूएपीए की धारा 43डी(5) अनिश्चितकालीन कारावास को उचित नहीं ठहरा सकती और इसे अनुच्छेद 21 और 22 के अधीन ही लागू होना चाहिए। यह धारा जमानत संबंधी सख्त प्रतिबंध निर्धारित करती है।

दिल्ली दंगों से संबंधित गुलफिशा फातिमा मामले में दो न्यायाधीशों के पीठ द्वारा दिए गए फैसले को अस्वीकार करते हुए शीर्ष अदालत ने कहा कि इसमें के.ए. नजीब मामले में दिए गए फैसले का ठीक से पालन नहीं किया गया है, जिसमें यूएपीए के तहत मामलों में लंबे समय तक मुकदमे में देरी को जमानत का आधार माना गया था। 

दिल्ली दंगा मामले में शीर्ष अदालत ने कई आरोपियों को जमानत दे दी थी लेकिन छात्र नेता उमर खालिद और शरजील इमाम को यह राहत नहीं मिली थी। पीठ ने कहा, ‘जमानत नियम है और जेल अपवाद है। यह अनुच्छेद 21 और 22 से निकला एक संवैधानिक सिद्धांत है और निर्दोष होने की धारणा कानून के शासन द्वारा शासित किसी भी सभ्य समाज की आधारशिला है।’

पीठ ने कहा, ‘हमें यह कहने में कोई संदेह नहीं है कि यूएपीए के तहत भी जमानत नियम है और जेल अपवाद। बेशक, उचित मामले में उस विशेष मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए जमानत से इनकार किया जा सकता है।’ 

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First Published - May 18, 2026 | 10:34 PM IST

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