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पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर, ईरान बोला: अमेरिका ने और हमला किया तो खाड़ी देशों के तेल ठिकाने होंगे राख

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ईरान की यह यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कुवैत की सेना ने ईरान की ओर से दागे गए ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया है

Last Updated- August 02, 2026 | 8:29 AM IST
Donald Trump Mojtaba Khamenei
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई | फाइल फोटो

पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के साथ जारी संघर्ष के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान ने अमेरिका की ओर से नए हमलों की धमकियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना ने आगे कोई भी दुस्साहस किया या उसके ठिकानों को निशाना बनाया, तो इसका मुंहतोड़ और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब कुवैत की सेना ने ईरान की ओर से दागे गए ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया है।

इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान के साथ फोन पर अलग-अलग बातचीत की।

अराघची ने साफ कहा कि अमेरिका की ओर से क्षेत्र को अस्थिर करने वाले किसी भी कदम का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सऊदी अरब को स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका या इजरायल ने हमले किए और खाड़ी का कोई भी देश इसमें शामिल हुआ, तो ईरान भी उसी अनुपात में आक्रामक कार्रवाई करेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के रुख को देखते हुए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने ट्रंप से बात कर अमेरिकी हमलों पर चिंता जताई और स्पष्टता मांगी है।

Also Read: क्या खत्म होने वाला है गाजा युद्ध? Trump ने किया बड़े समझौते का दावा, हमास-इजरायल की चुप्पी ने बढ़ाया सस्पेंस

ऊर्जा ठिकानों पर मंडराया संकट, जलमार्गों में बढ़ा खौफ

तनाव की यह आग अब खाड़ी देशों के ऊर्जा क्षेत्रों तक फैलती दिख रही है। ईरान के शीर्ष सुरक्षा निकाय से जुड़े मीडिया आउटलेट ‘नूरन्यूज’ ने कहा है कि यदि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला किया, तो ईरान इसका बदला सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और इजरायल के तेल व गैस क्षेत्रों को तबाह करके लेगा।

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। जुलाई में बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत करीब 24 फीसदी बढ़ गई। इसकी बड़ी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी हमलों का डर है, जिसके चलते इस रास्ते से गुजरने वाले ज्यादातर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर दुनिया भर में ऊर्जा सप्लाई और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है।

इधर, यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के दूसरे छोर पर मौजूद बाब अल-मंदेब स्ट्रेट को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। यह रास्ता सऊदी अरब से कच्चे तेल के निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है।

हाल के घटनाक्रम में कुवैत के उत्तरी हिस्से में एक सरकारी केंद्र और बुबियां द्वीप पर एक निजी संपत्ति को ड्रोन के मलबे से नुकसान पहुंचा है। वहीं, यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (UKMTO) ने ओमान के तट के पास समुद्र में हुई कुछ घटनाओं की जानकारी दी है। इनमें एक टैंकर पर एक अज्ञात हमला भी शामिल है, जिससे उसके इंजन रूम को नुकसान पहुंचा है।

अमेरिका में राजनीतिक मोर्चे पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कैंप डेविड में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि उनकी टीम ईरान के साथ समझौते की कोशिश कर रही है। हालांकि, उनका कहना है कि अब उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं रह गया है क्योंकि वह अपनी बात से पीछे हट जाता है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर निकट भविष्य में ईंधन की कीमतें ऊंची रहती हैं, तो इसकी वजह ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की उनकी प्राथमिकता है।

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First Published - August 2, 2026 | 8:21 AM IST

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