Israel Strikes Tehran: मध्य-पूर्व से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया है। इजरायल ने इसे ‘प्रिवेंटिव स्ट्राइक’ यानी पहले से बचाव के लिए हमला बताया है। इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज के मुताबिक, इस सैन्य ऑपरेशन को अमेरिका और इजरायल के रक्षा बल मिलकर अंजाम दे रहे हैं। शनिवार सुबह हुए इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है और इजरायल ने अपने यहां ‘स्टेट ऑफ इमरजेंसी’ (आपातकाल) का ऐलान कर दिया गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए इसे एक ‘बड़ा कॉम्बैट ऑपरेशन’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मकसद ईरानी शासन के खतरों को खत्म कर अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना है।
शनिवार सुबह जब हमला शुरू हुआ, तो ईरान की राजधानी तेहरान दहल उठी। तेहरान के दो अलग-अलग इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई और शहर के बीचों-बीच धुएं का गुबार देखा गया। ईरान की ‘तस्नीम न्यूज एजेंसी’ ने पुष्टि की है कि हमले के बाद ईरान का हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) बंद कर दिया गया है। वहीं, जवाबी हमले के डर से इजरायल ने भी अपनी नागरिक उड़ानों के लिए आसमान बंद कर दिया है।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शहर के बीचों-बीच धुएं का गुबार देखने को मिला और पहला धमाका सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के ठीक पास हुआ।जब यह हमला हुआ 86 साल के खामेनेई उस वक्त दफ्तर में थे या नहीं, यह पता नहीं चला है। तेहरान में लोगों ने भी खामेनेई के दफ्तर के पास पहला जोरदार धमाका सुना।
वही इजरायल में सुबह करीब 8:15 बजे सायरन बजने लगे, जिससे लोगों को संभावित मिसाइल हमले के प्रति सचेत किया गया। प्रशासन ने लोगों को निर्देश दिया है कि वे सुरक्षित घरों (सेफ रूम) के करीब रहें, हालांकि अभी उन्हें अंदर जाने के लिए मजबूर नहीं किया गया है। दूसरी ओर, इजरायल की खुफिया एजेंसी ‘मोसाद’ ने सीधे ईरानी जनता से संपर्क साधा है। मोसाद ने टेलीग्राम पर फारसी भाषा में संदेश जारी कर कहा, “ईरानी भाइयों और बहनों, आप अकेले नहीं हैं। हम साथ मिलकर ईरान के सुनहरे दिनों को वापस लाएंगे।”
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक 8 मिनट का वीडियो जारी कर इस पूरी कार्रवाई का ब्यौरा दिया। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि उनका लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को पूरी तरह खत्म करना है। उन्होंने चेतावनी दी, “हम ईरान के मिसाइल उद्योग को पूरी तरह जमींदोज और नेस्तनाबूद कर देंगे।”
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने तेहरान के साथ समझौते की कई कोशिशें की थीं, लेकिन ईरान ने हर मौका ठुकरा दिया। ट्रंप के मुताबिक, जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हुई बमबारी के बाद ईरान फिर से अपना परमाणु कार्यक्रम खड़ा करने की कोशिश कर रहा था।
उन्होंने कहा, “वे अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ने को तैयार नहीं थे, और अब हम इसे और बर्दाश्त नहीं कर सकते।” इस ऑपरेशन के लिए अमेरिका ने मध्य पूर्व में 2003 के इराक युद्ध के बाद से अब तक का सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा किया है, जिसमें दुनिया का सबसे बड़ा विमान वाहक पोत ‘गेराल्ड आर. फोर्ड’ भी शामिल है।
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) February 28, 2026
मध्य पूर्व में छिड़ी इस जंग के बीच भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने इजरायल में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए एक सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारत ने अपने नागरिकों से ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतने और स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है।
एडवाइजरी में भारतीयों को सुरक्षित ठिकानों और रहने की सही जगह की जानकारी रखने तथा अगली सूचना तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक बातचीत चल रही थी। हालांकि, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही इस तरह के किसी भी समझौते का विरोध कर चुके थे जो ईरान की मिसाइल शक्ति को नियंत्रित न करता हो। अब इस हमले के बाद पूरे क्षेत्र में एक बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।
ADVISORY
In view of the prevailing security situation in the region, all Indian nationals in Israel are advised to exercise utmost caution and remain vigilant at all times.
2. Indian nationals are strongly advised to strictly adhere to the safety guidelines and instructions… pic.twitter.com/SBWmNLgIsS— India in Israel (@indemtel) February 28, 2026