facebookmetapixel
Advertisement
कॉल और डेटा के बाद अब AI टोकन से कमाई की तैयारी में जियोसिर्फ 30 दिन का LPG स्टॉक बचा, खाड़ी में फंसे जहाजों से भारत में गैस संकट का डरगैस संकट गहराया: कतर से LNG बंद, CNG महंगी होने का खतराअब नहीं जाना पड़ेगा अलग वेबसाइट पर, इन बैंक ऐप्स से ही मिलेगी पूरी CIBIL रिपोर्टपाकिस्तान में भड़के प्रदर्शन, अमेरिका ने कराची-लाहौर से स्टाफ हटाने का दिया आदेशBusiness Loan Insurance क्यों है जरूरी? कहीं आपकी एक चूक परिवार और संपत्ति को संकट में न डाल दे!SIP Investment: ₹10,000 की मंथली एसआईपी से कितना बनेगा पैसा? 5 से 15 साल तक की पूरी कैलकुलेशन देखेंSugar Stocks: क्या आने वाली है एथेनॉल कीमतों में बढ़ोतरी? शुगर शेयरों ने लगाई दौड़दुनिया के केंद्रीय बैंक अचानक क्यों धीमे पड़ गए? जनवरी में सोना खरीद सिर्फ 5 टनखामेनेई के बाद कौन? बेटे मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी

प​श्चिम ए​शिया में युद्ध के बादल: $92 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है कच्चा तेल, भारत की बढ़ेगी टेंशन

Advertisement

ईरान-इजरायल तनाव से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं। होर्मुज मार्ग बंद होने से भारत के तेल आयात और अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ने की आशंका है

Last Updated- March 01, 2026 | 9:53 PM IST
Iran attack
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की आधिकारिक घोषणा के बाद समर्थक तेहरान में एक सभा में शोक व्यक्त करते हुए | फोटो: AP/PTI

प​श्चिम ए​शिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज स्ट्रेट  के बंद होने से भारत के तेल आयात बिल के साथ ही ऊर्जा सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी बढ़ सकती हैं। होर्मुज वैश्विक तेल की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है। विशेषज्ञों ने इसकी जानकारी दी। भारत सरकार ​स्थिति पर करीबी नजर रख रही है। इसी क्रम में सोमवार को निर्यातकों और ​शिपिंग कंपनियों के साथ बैठक बुलाई गई है। 

ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान पर सैन्य हमले शुरू कर दिया जिसमें उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इस घटनाक्रम से क्षेत्रीय तनाव काफी बढ़ गया है और ईरान ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

विश्लेषकों के अनुसार बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 20 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर 92 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। कच्चे तेल की कीमतें पहले ही बढ़कर लगभग 70-73 डॉलर प्रति बैरल हो गई हैं, जो पहले 65 डॉलर प्रति बैरल थी। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव ने एक रिपोर्ट में कहा, ‘ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद वैश्विक कच्चे तेल के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं क्योंकि बाजार दुनिया के सबसे महत्त्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र से आपूर्ति में व्यवधान के जोखिम को भांप रहे हैं।’

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 90 फीसदी आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमतें बढ़ने से भारत का आयात बिल भी बढ़ जाएगा। भारत ने चालू वित्त वर्ष के पहले 10 महीनों में 100 अरब डॉलर मूल्य के 20.6 करोड़ टन कच्चे तेल का आयात किया है। कैपलर में प्रमुख शोध विश्लेषक सुमित रिटोलिया ने कहा, ‘होर्मुज बंद होने से भारत के लिए तेल आयात की लागत, माल ढुलाई और बीमा में बढ़ोतरी हो सकती है। संभावित अल्पकालिक आपूर्ति में कमी और रुपये और राजकोषीय संतुलन पर भी दबाव होगा।

इसके अतिरिक्त ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की खबरों से भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा जोखिम पैदा हो गए हैं क्योंकि भारत हर दिन इसी मार्ग से करीब 26 लाख बैरल कच्चे तेल का आयात करता है। भारत मुख्य रूप से इस मार्ग के ज​रिये इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत से तेल का आयात करता है।

पिछले वित्त वर्ष में भारत के कच्चे तेल और एलएनजी आयात का लगभग आधा हिस्सा होर्मुज के माध्यम से आया था। 

Advertisement
First Published - March 1, 2026 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement