facebookmetapixel
Advertisement
केजरीवाल को आबकारी नीति मामले में कोर्ट से क्लीन चिट: क्या अब बदल जाएगी 2026 की राजनीति?भारत विभाजन का गवाह ‘जिन्ना हाउस’ होगा नीलाम, ₹2600 करोड़ के इस बंगले की लगेगी बोलीफरवरी में UPI लेनदेन में मामूली गिरावट, कुल 26.84 लाख करोड़ रुपये का हुआ ट्रांजैक्शनGST की शानदार रफ्तार: फरवरी में शुद्ध राजस्व 7.9% बढ़ा, ₹1.61 लाख करोड़ पहुंचा संग्रहफिनो पेमेंट्स बैंक के CEO की गिरफ्तारी से हड़कंप, गेमिंग और सट्टेबाजी के अवैध लेनदेन पर बड़ी कार्रवाईबाजार की गिरावट में भी चमके वायर शेयर: पॉलिकैब और KEI इंडस्ट्रीज ने बनाया नया रिकॉर्डईरान-इजरायल युद्ध का बाजार पर दिख सकता है असर, सोमवार को सेंसेक्स-निफ्टी में भारी गिरावट का डरपेंट दिग्गजों पर दोहरी मार: महंगे कच्चे तेल और कड़ी प्रतिस्पर्धा ने बिगाड़ा एशियन पेंट्स का गणितएमेजॉन इंडिया का बड़ा धमाका: 12.5 करोड़ उत्पादों पर रेफरल शुल्क खत्म, विक्रेताओं की होगी भारी बचतVolvo India का यू-टर्न: 2030 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनने का लक्ष्य बदला, अब बाजार तय करेगा रफ्तार

भारत-कनाडा संबंधों में नया मोड़: PM मोदी और मार्क कार्नी की होगी बैठक, व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य

Advertisement

प्रधानमंत्री मोदी और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी की बैठक से द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर तक पहुंचने और यूरेनियम आपूर्ति सहित बड़े समझौतों की उम्मीद है

Last Updated- March 01, 2026 | 10:19 PM IST
Modi Mark Carney
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी | फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच सोमवार को बेहद अहम बैठक होगी, जिसमें दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देते हुए इस वर्ष के अंत तक मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करने के लिए औपचारिक बातचीत शुरू करने की घोषणा कर सकते हैं। कार्नी पिछले साल मार्च में प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद पहली बार भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आए हैं। दोनों नेता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 50 अरब अमेरिकी डॉलर करने की प्रतिबद्धता भी जताएंगे।

भारत और कनाडा देश काफी समय से लंबित 10 वर्षीय यूरेनियम आपूर्ति समझौते को अंतिम रूप देने की तैयारी कर रहे हैं। इस समझौते के लिए दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम उत्पादकों में से एक केमेको कॉर्पोरेशन और भारत का परमाणु ऊर्जा विभाग काम कर रहे हैं।

अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत और कनाडा को नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री कार्नी ने इस टैरिफ से आसन्न संकट से अपने देश को बचाने के लिए व्यापक व्यापार विविधीकरण रणनीति अपनाई है। वह अगले दशक में अमेरिका से अलग दूसरे बाजारों में निर्यात को दोगुना करने का प्रयास कर रहे हैं। वर्ष 2030 तक भारत के साथ अपने दो-तरफा व्यापार को 50 अरब डॉलर तक दोगुना करना इसी रणनीति का हिस्सा है।

बीते शनिवार को मुंबई में कनाडा-इंडिया फोरम को संबोधित करते हुए कार्नी ने कहा कि कनाडा एक खाद्य और ऊर्जा महाशक्ति है। उनका देश इन क्षेत्रों में भारत के साथ अधिक सहयोग चाहता है। साथ ही परमाणु सहयोग का भी इच्छुक है, क्योंकि वह बड़े पैमाने पर और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों के निर्माण के लिए यूरेनियम का सबसे विश्वसनीय दीर्घकालिक आपूर्तिकर्ता है।

कार्नी ने कहा, ‘हम भारत के विनिर्माण, स्वच्छ तकनीक और परमाणु उद्योगों के लिए दुर्लभ खनिज एवं धातुओं में भी रणनीतिक भागीदार हो सकते हैं। दुनिया कनाडा की ​स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ है। हम नया रास्ता बनाने के लिए दृढ़ हैं।’

बीते 26 फरवरी को कार्नी की भारत यात्रा पर बात करते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के लिए महत्त्वपूर्ण मोड़ होगा। भारतीय अधिकारियों ने कहा था कि दोनों देश ऊर्जा, दुर्लभ खनिजों, शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, एआई, रक्षा, संस्कृति, एरोस्पेस, संसदीय सहयोग और कृषि-खाद्य क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।

हाल के महीनों में भारत और कनाडा के द्विपक्षीय संबंध काफी सामान्य हुए हैं। जून 2025 में कनाडा में जी7 शिखर सम्मेलन के मौके पर अपनी बैठक के बाद मोदी और कार्नी ने 23 नवंबर को जोहान्सबर्ग में जी20 शिखर सम्मेलन के मौके पर मुलाकात की थी, जहां वे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 50 अरब अमरीकी डॉलर करने के लिए व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए थे।

पिछले कुछ महीनों में विदेश मंत्री एस जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद आपसी संपर्क में रहे हैं। बीते साल सितंबर में अनीता के दिल्ली दौरे के बाद से दोनों नेता पांच मौकों पर मिल चुके हैं। जयशंकर भी नवंबर में कनाडा गए थे। 

कनाडाई नैशनल सिक्योरिटी ऐंड इंटेलिजेंस एडवाइजर (एनएसआईए) नथाली ड्रौइन ने सितंबर में नई दिल्ली में नैशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। ये मुलाकातें 2023-24 के दौरान भारत-कनाडा के बीच उपजी कड़वाहट को दूर करने के प्रयासों का हिस्सा रही हैं। कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू नवंबर में भारत आए थे और वहां के ऊर्जा मंत्री टिमोथी हॉजसन ने भी इस साल जनवरी के अंत में गोवा में आयोजित इंडियन एनर्जी वीक में भाग लिया था। डोभाल ने फरवरी के पहले सप्ताह में कनाडा का दौरा किया था।

वर्ष 2024 में भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं में कुल द्विपक्षीय व्यापार 8.98 अरब डॉलर का रहा था। उस साल कनाडा के साथ भारत का द्विपक्षीय सेवा व्यापार 14.22 अरब डॉलर था। कनाडा से भारत में पोर्टफोलियो निवेश 75 अरब डॉलर से अधिक है। भारत में 600 से अधिक कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। कनाडा के 21 विश्वविद्यालय प्रमुखों का प्रतिनिधिमंडल 2 से 6 फरवरी के बीच भारत आया था। 

कनाडा में अंतरराष्ट्रीय छात्रों में सबसे ज्यादा भारत से हैं। 31 दिसंबर, 2024 तक कनाडा में अनुमानित 3,92,810 भारतीय छात्र अध्ययन कर रहे हैं। अनुमानित 18 लाख से अधिक इंडो-कनाडा और लगभग 10 लाख अनिवासी भारतीयों के साथ कनाडा दुनिया में सबसे बड़े और सबसे जीवंत भारतीय डायस्पोरा में से एक है।

Advertisement
First Published - March 1, 2026 | 10:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement