West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते राजनीतिक तनाव और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए रविवार को देश के प्रमुख हवाई यातायात केंद्र इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे से उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। आज रविवार को कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं हैं, जिससे हजारों यात्री परेशान और भ्रमित स्थिति में हैं।
हवाईअड्डा प्रबंधन की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि कुल रद्द हुए उड़ानों में लगभग 60 प्रस्थान (डिपार्चर) और 40 आगमन (अराइवल) शामिल हैं। इस चरणबद्ध रद्दीकरण का मुख्य कारण क्षेत्र में जारी तनाव और कई देशों के वातावरणीय व सुरक्षा कारणों से हवाई क्षेत्र का बंद या प्रतिबंधित होना है, जिसके कारण पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानों के रूट प्रभावित हो रहे हैं।
मुख्य रूप से मध्य पूर्व की राजनीति और असुरक्षा के कारण एयरलाइंस को अपने फ्लाइट शेड्यूल में बड़े पैमाने पर बदलाव करना पड़े हैं। दिल्ली हवाईअड्डा संचालक (DIAL) ने सोशल मीडिया पर बताया कि बदलती राजनीतिक परिस्थिति के चलते पश्चिम की दिशा में उड़ानों को समय परिवर्तन या रद्द किया जा सकता है।
अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) द्वारा संचालित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। यह हवाई अड्डा प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानों का संचालन करता है और देश के सबसे व्यस्त हवाई मार्गों में से एक माना जाता है।
हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रविवार को घरेलू एयरलाइंस द्वारा लगभग 444 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द किए जाने की संभावना है। मंत्रालय के अनुसार, यह कदम हवाई अड्डे पर अत्यधिक व्यस्तता और अन्य संचालन संबंधी चुनौतियों के कारण उठाया गया है।
हवाई यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा से पहले अपने फ्लाइट शेड्यूल की पुष्टि कर लें और एयरलाइंस द्वारा उपलब्ध कराए गए अपडेट्स पर नजर रखें। अधिकारियों ने यह भी कहा कि रद्द की गई उड़ानों से प्रभावित यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों और रिफंड की सुविधाएं दी जाएंगी।
इस सन्दर्भ में इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) ने रविवार को बताया कि कई यात्राओं के बुकिंग रद्द करने तथा शेड्यूल बदलने की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। यह समस्या विशेष रूप से उन मार्गों पर है जो खाड़ी के महत्वपूर्ण हब से होते हुए यूरोप को जोड़ते हैं।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO) के अध्यक्ष रवि गोसैन ने पीटीआई संवाददाता से बातचीत में कहा कि देश के तमाम ट्रैवल एजेंट इस संकट की स्थिति में एयरलाइंस और विदेशी साझेदारों के साथ मिलकर यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए संवेदनशीलता से काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रियों के लिए पुनः बुकिंग, रिफंड और वैकल्पिक मार्गों के चयन जैसे विकल्प उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
गोसैन ने आगे स्पष्ट किया कि फिलहाल की परिस्थितियां थोड़ी अनिश्चित हैं लेकिन इसका असर दीर्घकाल तक नहीं टिकेगा। उन्होंने कहा कि यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकांश एयरलाइंस अपने यात्रियों को वैकल्पिक सुविधाएं और विकल्प प्रदान कर रही हैं जिससे उन्हें परेशानी कम हो।
उन्होंने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे अपने ट्रैवल एजेंटों के संपर्क में बने रहें तथा बिना जानकारी लिए यातायात रद्द न करें। एजेंट और एयरलाइंस मिलकर सबसे उपयुक्त समाधान प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं।
पश्चिम एशिया में इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कुछ देशों के वायु मार्गों को बंद कर दिया गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में व्यापक व्यवधान आया है और कई फ्लाइट्स को रूट बदलने, देरी या रद्द करने की स्थिति का सामना करना पड़ा है।