facebookmetapixel
Advertisement
कॉल और डेटा के बाद अब AI टोकन से कमाई की तैयारी में जियोसिर्फ 30 दिन का LPG स्टॉक बचा, खाड़ी में फंसे जहाजों से भारत में गैस संकट का डरगैस संकट गहराया: कतर से LNG बंद, CNG महंगी होने का खतराअब नहीं जाना पड़ेगा अलग वेबसाइट पर, इन बैंक ऐप्स से ही मिलेगी पूरी CIBIL रिपोर्टपाकिस्तान में भड़के प्रदर्शन, अमेरिका ने कराची-लाहौर से स्टाफ हटाने का दिया आदेशBusiness Loan Insurance क्यों है जरूरी? कहीं आपकी एक चूक परिवार और संपत्ति को संकट में न डाल दे!SIP Investment: ₹10,000 की मंथली एसआईपी से कितना बनेगा पैसा? 5 से 15 साल तक की पूरी कैलकुलेशन देखेंSugar Stocks: क्या आने वाली है एथेनॉल कीमतों में बढ़ोतरी? शुगर शेयरों ने लगाई दौड़दुनिया के केंद्रीय बैंक अचानक क्यों धीमे पड़ गए? जनवरी में सोना खरीद सिर्फ 5 टनखामेनेई के बाद कौन? बेटे मोजतबा को सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी

GST की शानदार रफ्तार: फरवरी में शुद्ध राजस्व 7.9% बढ़ा, ₹1.61 लाख करोड़ पहुंचा संग्रह

Advertisement

कुल मिलाकर शुद्ध जीएसटी राजस्व जनवरी के 1.70 लाख करोड़ रुपये और अक्टूबर के 1.69 लाख करोड़ रुपये के बाद पिछले 6 महीने में तीसरा सर्वाधिक संग्रह है

Last Updated- March 01, 2026 | 10:40 PM IST
GST
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

सरकार द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से फरवरी में शुद्ध राजस्व सालाना आधार पर 7.9 प्रतिशत बढ़कर 1.61 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले 6 महीनों में सबसे अधिक वृद्धि दर है। इसमें जीएसटी मुआवजा उपकर से प्राप्तियां शामिल नहीं हैं। 

कुल मिलाकर शुद्ध जीएसटी राजस्व जनवरी के 1.70 लाख करोड़ रुपये और अक्टूबर के 1.69 लाख करोड़ रुपये के बाद पिछले 6 महीने में तीसरा सर्वाधिक संग्रह है। आंकड़ों के मुताबिक अगर क्रमिक आधार पर बदलाव की स्थिति देखें तो फरवरी में संग्रह करीब 5.7 प्रतिशत घटा है। केंद्र सरकार ने 1 फरवरी से मुआवजा उपकर देना बंद कर दिया है। फरवरी महीने में दिया गया 5,063 करोड़ रुपये मुआवजा उपकर जनवरी में हुए लेनदेन का है।  

कुल जीएसटी रिफंड 10.2 प्रतिशत बढ़ा है। इसमें घरेलू रिफंड 5.3 प्रतिशत कम हुआ है, जबकि आयात से संबंधित रिफंड 26.5 प्रतिशत बढ़ा है।

इस बीच सकल जीएसटी राजस्व 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये हो गया। हालांकि क्रमिक आधार पर इसमें 5.05 प्रतिशत की गिरावट आई, क्योंकि जनवरी में समग्र राजस्व 1.93 लाख करोड़ रुपये था। 

आयात से सकल राजस्व 17.2 प्रतिशत बढ़कर 0.47 लाख करोड़ रुपये हो गया, वहीं घरेलू लेनदेन से सकल राजस्व 5.3 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये हो गया। ईवाई के पार्टनर सौरभ अग्रवाल के अनुसार लगातार चल रही वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत में जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि से अर्थव्यवस्था की मजबूती और बढ़ते औपचारीकरण का पता चलता है। 

अग्रवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर, बिहार, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मेघालय, ओडिशा और लद्दाख में तेज बढ़ोतरी से पूरे देश में आर्थिक गतिविधियों का पता चलता है और इससे संकेत मिलते हैं कि अब पहले की तुलना में अर्थव्यवस्था बहुत व्यापक हो गई है। 

उल्लेखनीय है कि खपत बढ़़ाने और कारोबार सुगमता की कवायद के तहत सितंबर में जीएसटी परिषद ने जीएसटी दरों को युक्तियुक्त बनाया था। 

डेलॉयट इंडिया में पार्टनर और अप्रत्यक्ष कर लीडर महेश जयसिंह ने कहा कि घरेलू जीएसटी राजस्व से मजबूती का पता चलता है, जबकि आयात से जु़ड़े आईजीएसटी में वृद्धि से व्यापारिक गतिविधियों की सततता नजर आती है।

Advertisement
First Published - March 1, 2026 | 10:40 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement