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बिज़नेस स्टैंडर्ड

मकर संक्रांति पर गुड़ से पकवान बनाना हुआ महंगा, कीमतों में 18% तक का इजाफा

Jaggery Price: चालू सर्दी के सीजन में गुड़ की गर्माहट महंगी पड़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल गुड़ महंगा बिक रहा है। इसकी वजह गन्ना महंगा होने के साथ ही कोहरे से गुड़ का उत्पादन प्रभावित…

Jaggery costlier due to increase in demand amid production being affected

Jaggery costlier due to increase in demand amid production being affected Photo: Creative Commons license

Last Updated: जनवरी 11, 2024 | 7:20 PM IST

Jaggery Price: चालू सर्दी के सीजन में गुड़ की गर्माहट महंगी पड़ रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल गुड़ महंगा बिक रहा है। इसकी वजह गन्ना महंगा होने के साथ ही कोहरे से गुड़ का उत्पादन प्रभावित होना है।

मकर संक्रांति (Makar Sankranti) के कारण इस समय गुड़ की मांग भी मजबूत है। कारोबारियों के अनुसार आगे मौसम खुलने के बाद गुड़ सस्ता हो सकता है।

पिछले साल से थोक बाजार में गुड़ 400 से 500 रुपये क्विंटल महंगा

उत्तर प्रदेश स्थित मुजफ्फरनगर गुड़ की प्रमुख मंडी है। इस मंडी के कारोबारी अरुण खंडेलवाल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि गन्ने की पैदावार कम होने से इसके दाम ज्यादा हैं। पिछले साल सर्दी के सीजन में गुड़ निर्माताओं को गन्ना 300 से 330 रुपये क्विंटल मिला था। इस साल यह 330 से 380 रुपये क्विंटल मिला है। इस वजह से गुड़ बनाने की लागत बढ़ गई है। लागत बढ़ने से गुड़ के दाम भी बढ़े हैं।

कोहरे के कारण गुड़ का उत्पादन प्रभावित

मुजफ्फरनगर मंडी में गुड़ की थोक कीमत 3,540 रुपये से लेकर 3,850 रुपये क्विंटल है। पिछले साल की तुलना में गुड़ के थोक भाव 400 रुपये क्विंटल अधिक हैं।

दिल्ली के गुड़ कारोबारी देशराज कहते हैं कि लागत बढ़ने के साथ ही कोहरे के कारण गुड़ का उत्पादन भी प्रभावित हुआ है। इससे भी गुड़ महंगा बिक रहा है। दिल्ली में गुड़ के थोक भाव 4,000 से 4,200 रुपये प्रति क्विंटल हैं। पिछले साल ये भाव 3,500 से 3,700 रुपये क्विंटल थे। लागत बढ़ने और मकर संक्रांति की मजबूत मांग के कारण गुड़ की कीमतों में तेजी आई है।

खंडेलवाल ने कहा कि कोहरे से गुड़ का उत्पादन कम हो रहा है। इससे मंडी में गुड़ की आवक भी कम हो रही है। मंडी में इन दिनों 4,000 से 5,000 मन (40 किलोग्राम) गुड़ की आवक हो रही है। अगर मौसम खुला होता तो यह आवक 6,000 से 8,000 मन होती।

गुड़ के खुदरा भाव 18 फीसदी तक बढ़े

मंडियों में गुड़ के थोक भाव ज्यादा होने का असर इसके खुदरा भाव पर भी पड़ रहा है। पिछले साल की तुलना में इस साल गुड़ के खुदरा भाव 18 फीसदी तक ज्यादा हैं।

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मुताबिक देश भर के खुदरा बाजार में गुड़ की औसत खुदरा कीमत 11 जनवरी को 52.87 रुपये किलो दर्ज की गई। पिछले साल इस तारीख को यह कीमत 48.59 रुपये किलो थी। जाहिर है देश भर में एक साल के दौरान गुड़ की औसत खुदरा कीमत में करीब 9 फीसदी इजाफा हुआ है। दिल्ली में सबसे ज्यादा 18 फीसदी गुड़ महंगा हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिल्ली के खुदरा बाजार में बीते एक साल के दौरान गुड़ की औसत खुदरा कीमत 48 रुपये से बढ़कर 57 रुपये किलो हो गई है। इस दौरान उत्तर प्रदेश में गुड़ के औसत खुदरा दाम 44 रुपये से बढ़कर 47.54 रुपये, मध्य प्रदेश में 41.08 रुपये से बढ़कर 46.74 रुपये और महाराष्ट्र में 48.95 रुपये से बढ़कर 53.21 रुपये प्रति किलो हो गए हैं। कारोबारियों के मुताबिक आगे गुड़ की कीमतों में कमी आ सकती है।

खंडेलवाल ने कहा कि गुड़ के दाम काफी बढ़ चुके हैं और अब मकर संक्रांति के बाद गुड़ की मांग भी कमजोर पड़ने लगेगी। साथ ही उत्पादन भी सुधरेगा। ऐसे में आगे इसके भाव घट सकते हैं। देशराज के मुताबिक 26 जनवरी के बाद गुड़ सस्ता होने की उम्मीद है।

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