facebookmetapixel
Advertisement
भारत और UAE के बीच 6 ऐतिहासिक समझौते; अबू धाबी में PM मोदी की यात्रा के दौरान रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र पर बड़ा फैसलापश्चिम एशिया संकट का असर: चार साल में पहली बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, CNG भी हुई महंगीतेल की बढ़ती कीमतों और कमजोर रुपये से शेयर बाजार बेदम; सेंसेक्स-निफ्टी में साप्ताहिक गिरावटApple पर CCI कसेगा शिकंजा, वैश्विक टर्नओवर के बजाय अब भारत के राजस्व पर मांगा जवाबरिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया: ₹96.14 तक लुढ़का, क्या ₹100 प्रति डॉलर तक गिर जाएगा?IMD का पूर्वानुमान: केरल में जल्दी आएगा मॉनसून, लेकिन अल नीनो के कारण सामान्य से कम बारिश की आशंकानीट परीक्षा में बड़ा बदलाव: अगले साल से ऑनलाइन मोड में होगी परीक्षा, शिक्षा मंत्री ने किया ऐलानरक्षा क्षेत्र का नया हब बनेगा आंध्र प्रदेश, सत्य साईं जिले में रखी गई स्टेल्थ फाइटर जेट परियोजना की नींवभोजशाला विवाद पर हाईकोर्ट ने दिया ऐतिहासिक फैसला, परिसर को बताया देवी सरस्वती का मंदिरनई दिल्ली में ब्रिक्स बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष पर नहीं बनी सहमति, बिना संयुक्त विज्ञप्ति के समाप्त हुई चर्चा

महाराष्ट्र के कृषि उत्पादों को मिला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म , सरकार ने की महा एग्रो ऐप की शुरुआत

Advertisement

कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने सोयाबीन की फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 26 जिले जबकि कपास की फसल के लिए 21 जिलों में कार्यक्रम लागू होगा।

Last Updated- March 07, 2024 | 9:03 PM IST
Maharashtra's agricultural products get e-commerce platform, government launches Maha Agro app महाराष्ट्र के कृषि उत्पादों को मिला ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म , सरकार ने की महा एग्रो ऐप की शुरुआत

महाराष्ट्र सरकार राज्य के किसानों और उनके कृषि उत्पादों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने के लिए डिजिटल ई- कॉमर्स प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसके लिए कृषि विभाग के महा एग्रो ऐप की शुरुआत की गई है। इस ऐप के जरिए खरीदे गए सामान को ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने इंडिया पोस्ट के साथ समझौता करार किया है।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने कहा कि देश में मोबाइल इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक भुगतान क्रांति आई है और इसका सबसे ज्यादा फायदा ई-कॉमर्स सेक्टर को हुआ है। भविष्य में भारत में ई-कॉमर्स 250 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है ।

सरकार का प्रयास महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र और किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स मोबाइल ऐप और वेब प्लेटफॉर्म प्रदान करना था। पारंपरिक कृषि को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है। इस ऐप के माध्यम से किसान , स्वयं सहायता समूह , स्वयं सहायता समूह , स्टार्ट-अप , छोटे और बड़े व्यवसाय और किसान कृषि उत्पाद, प्रसंस्कृत उत्पाद और कृषि से संबंधित उत्पाद ऑनलाइन बेच सकेंगे, इसलिए एक नए युग की शुरुआत हुई है।

कृषि विभाग की तरफ से बताया गया कि ऐप को शुरुआत करते वक्त इस प्लेटफॉर्म पर 358 निर्माताओं के 1370 उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं । इस ऐप पर महाराष्ट्र के किसानों को मौसम विभाग की जानकारी भी उपलब्ध होगी। साथ ही महाराष्ट्र राज्य कृषि विपणन निगम के माध्यम से विभिन्न प्रकार की कृषि वस्तुओं की दैनिक कीमतें भी इस पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएंगी। यह ऐप प्ले स्टोर पर महा एग्रो मार्ट के नाम से उपलब्ध है। इससे फ्लिपकार्ट , अमेज़न की तरह 1370 उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। ऑनलाइन भुगतान भी किया जा सकता है।

फसलों का उत्पादन बढ़ाने की योजना

किसानों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से जोड़ने के साथ सरकार राज्य की प्रमुख फसलों का उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। ताकि कुल राज्य का कुल उत्पादन बढ़े और किसानों की कमाई में इजाफा हो। राज्य सरकार कपास और सोयाबीन के साथ तिलहन फसलों की उत्पादकता बढ़ाने की नीति तैयार करने के लिए कृषि विभाग को निर्देश दिये हैं।

कृषि मंत्री धनंजय मुंडे ने सोयाबीन की फसल की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 26 जिले जबकि कपास की फसल के लिए 21 जिलों में कार्यक्रम लागू होगा। यदि इसके लिए और अधिक धन की आवश्यकता है, वह भी धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी ।

कपास और सोयाबीन की उत्पादक बढ़ाने की कवायद

सोयाबीन की उत्पादकता के मामले में महाराष्ट्र पहले से ही सबसे आगे है। महाराष्ट्र आगे भी इस बढ़त को कयाम रखना चाह रहा है। देश के सबसे बड़े सोयाबीन उत्पादक मध्य प्रदेश में प्रत‍ि हेक्टेयर उत्पादकता 11 से 11.5 क्व‍िंटल प्रत‍ि हेक्टेयर है। जबक‍ि महाराष्ट्र में यह 14 से 15 क्व‍िंटल प्रत‍ि हेक्टेयर है। राज्य सरकार राज्य की प्रमुख फसल कपास का उत्पादन बढ़ाना चाह रही है।

कपास उत्पादन के मामले में महाराष्ट्र देश के अन्य सभी राज्यों में भले ही सबसे आगे है, लेकिन उत्पादकता के मामले में राजस्थान और गुजरात से बहुत पीछे है। कपास का उत्पादन बढ़ेगा तो किसानों की आय बढ़ेगी । देश में कुल उत्पादित होने वाले कपास में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 27.10 फीसदी है । ऐसे में अगर उत्पादकता बढ़ेगी तो उसकी कुल उत्पादन में भागीदारी और बढ़ जाएगी।

Advertisement
First Published - March 7, 2024 | 9:03 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement