facebookmetapixel
Advertisement
भारत की ग्रोथ स्टोरी मजबूत, लेकिन कच्चा तेल, महंगाई और ग्लोबल रिस्क से बढ़ा दबावShare Market: सेंसेक्स 750 अंक उछला, निफ्टी 24,500 पार! क्या अब और तेजी आएगी?Explainer: शांतिवाद से सैन्य ताकत की ओर, जापान ने तोड़ी 80 साल पुरानी कसम; क्या बदल जाएगी वैश्विक रणनीतिHCLTech Q4FY26 results: मुनाफा 4% बढ़कर ₹4,488 करोड़, ₹24 के डिविडेंड का ऐलान100% एथनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य: गडकरी बोले- एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भर बनना जरूरीNestle India Q4FY26 Results: मुनाफा 27% बढ़कर ₹1,110 करोड़, रेवेन्यू में 23% का इजाफाAMC Stocks: खरीदारी के दम पर 5% तक का तगड़ा उछाल; ICICI Pru और Nippon Life नए हाई परसैलरी से कटा TDS कंपनी ने नहीं किया जमा, क्या कर्मचारी को फिर भरना होगा टैक्स? जानें ITAT का फैसलाICICI Prudential AMC समेत 3 संस्थाओं ने वेंचर कैपिटल विवाद सुलझाया, SEBI को ₹14.35 लाख चुकाएमेरठ से प्रयागराज अब सिर्फ 6 घंटे दूर! 29 अप्रैल को PM करेंगे 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

संसदीय समिति ने नैनो उर्वरकों पर लंबे खेत परीक्षण की सिफारिश की, कहा: असर की गहन जांच जरूरी

Advertisement

नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के वास्तविक प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए इन्हें विभिन्न फसलों पर लंबे समय तक फील्ड ट्रायल के माध्यम से जांचे जाने की सिफारिश की गई है

Last Updated- December 02, 2025 | 10:50 PM IST
nano fertiliser
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

संसद की एक समिति ने सरकार से नैनो तरल उर्वरक के असर को जांचने के लिए अलग-अलग खेती की फसलों पर लंबे समय तक खेत परीक्षण करने को कहा है। रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय संबंधित संसद की एक स्थायी समिति ने सोमवार को ‘उर्वरकों के आयात को रोकने के मकसद से उर्वरकों के उत्पादन में आत्मनिर्भरता- इसकी रुकावटों की समीक्षा’ संबंधित एक रिपोर्ट पेश की।

अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा कि उसे बताया गया कि नैनो-उर्वरक पौधों के पोषण में इस्तेमाल के लिए बहुत उम्मीद जगाते हैं, क्योंकि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) पारंपरिक यूरिया और डीएपी की तुलना में कम कीमत पर बोतलों में उपलब्ध हैं।

नैनो-उर्वरकों को और बढ़ावा देने के लिए, समिति ने रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के तहत उर्वरक विभाग को कई सुझाव दिए हैं। समिति ने विभाग से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) समेत नैनो उर्वरक का उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाने, असर जांचने के लिए खेत परीक्षण करने और किसानों में इस उत्पाद के बारे में जागरूकता फैलाने को कहा है। समिति ने कहा कि नैनो उर्वरक के उत्पादन के लिए कम मात्रा में कच्चे माल की ज़रूरत होती है।

Advertisement
First Published - December 2, 2025 | 10:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement