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वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड अनाज उत्पादन के साथ कृषि क्षेत्र ने दिखाया मजबूत विकास

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बेहतर मानसून और अच्छी कीमतों के कारण वित्त वर्ष 2025 में कृषि और संबंधित क्षेत्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा है।

Last Updated- May 30, 2025 | 10:33 PM IST
agriculture warehouse market
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वित्त वर्ष 2025 में कृषि क्षेत्र ने तेजी की राह पर चलना जारी रखा है। वित्त वर्ष 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही में कृषि क्षेत्र की 5.4 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर रही है, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 0.9 प्रतिशत थी। इसकी वजह से  कृषि और संबंधित गतिविधियों में पूरे वर्ष का सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो जाएगा, जो वित्त वर्ष 2024 में 2.7 प्रतिशत था।

अनंतिम अनुमान में वित्त वर्ष 2025 की पूरे साल की वृद्धि दर हाल के वर्षों में सर्वश्रेष्ठ है। इसका मतलब यह भी है कि कृषि क्षेत्र ने कम से कम वित्त वर्ष 2025 में विनिर्माण के प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया है।

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वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में कृषि और संबंधित गतिविधियों मे नॉमिनल वृद्धि दर 8.7 प्रतिशत रही है। यह वित्त वर्ष 2024 की समान तिमाही में 7.9 प्रतिश थी। पूरे साल के लिए नॉमिनल टर्म में कृषि क्षेत्र का जीवीए 10.4 प्रतिशत बढ़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष में 9.6 प्रतिशत बढ़ा था।

बेहतर मानसून और अच्छी कीमतों के कारण वित्त वर्ष 2025 में कृषि और संबंधित क्षेत्रों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि  कम आधार के कारण भी वृद्धि के आंकड़े बेहतर नजर आ रहे हैं। वित्त वर्ष 2024 में कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर कम मॉनसूनी बारिश और लंबे चले गर्म मौसम के कारण देश के कुछ इलाकों में प्रभावित हुई थी।

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मॉनसून के हिसाब से देखें तो पिछले सितंबर में 2024 का मौसम लगभग 8 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश के साथ समाप्त हुआ। यह पिछले तीन वर्षों (2020 से) में सबसे अच्छा प्रदर्शन था। कुल मिलाकर जून से सितंबर 2024 के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर देश में 935 मिलीमीटर बारिश होने का अनुमान लगाया गया था, जो सामान्य 870 मिलीमीटर बारिश से 8 प्रतिशत अधिक थी।

बेहतर बारिश के कारण 2024-25 के फसल सीजन में भारत का खाद्यान्न उत्पादन 3539.5 लाख टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

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First Published - May 30, 2025 | 10:22 PM IST

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