सोने की कीमत सोमवार को रिकॉर्ड 4,600 डॉलर तक पहुंच गई जबकि चांदी ने भी एक नया शिखर बनाया। इसकी वजह ट्रंप प्रशासन द्वारा फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जीरोम पॉवेल की आपराधिक जांच रही। लिहाजा, निवेशकों ने इस परिसंपत्ति में फिर से निवेश शुरू कर दिया। फेड और ट्रंप प्रशासन के बीच तनाव बढ़ जाने से वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स में गिरावट आई और डॉलर में तीन सप्ताह में सबसे बड़ी नरमी दर्ज की गई।
पॉवेल ने कहा कि पिछली गर्मियों में कांग्रेस के सामने उनकी गवाही को लेकर उन पर मुकदमा चलाने की धमकी ट्रंप प्रशासन द्वारा ब्याज दरों को ज्यादा प्रभावित हासिल करने का बहाना था, अमेरिकी राष्ट्रपति दरों को नाटकीय रूप से कम कराना चाहते हैं।
गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली समेत अन्य ब्रोकरेज फर्मों को जून और सितंबर में ब्याज दरों में दो बार 25-25 आधार अंकों की कटौती की उम्मीद है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरानी विरोध प्रदर्शनों पर सैन्य कार्रवाई के मामले में कई कड़े कदमों पर भी विचार कर रहे हैं।
ईरान में अशांति ऐसे समय में फैली है जब ट्रंप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने वेनेजुएला के निकोलस मादुरो को राष्ट्रपति पद से हटा दिया है और ग्रीनलैंड के अधिग्रहण पर चर्चा कर रहे हैं। सोने जैसी नॉन-यील्डिंग परिसंपत्तियां कम ब्याज दर वाले माहौल में और भू-राजनीतिक या आर्थिक अनिश्चितता के दौरान अच्छा प्रदर्शन करती हैं।
हाजिर चांदी कारोबार के दौरान अब तक के सर्वोच्च स्तर 84.60 डॉलर को छूने के बाद अंत में 4.8 फीसदी की बढ़त के साथ 83.78 डॉलर प्रति औंस पर रही। मार्केटप्लस बाई ओएंडा में विश्लेषक जईन वावडा ने कहा, अगर औद्योगिक दबाव बढ़ता है तो चांदी के लिए 90 डॉलर और संभवतः 100 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का रास्ता खुला है।