facebookmetapixel
Q3 Results: DLF का मुनाफा 13.6% बढ़ा, जानें Zee और वारी एनर्जीज समेत अन्य कंपनियों का कैसा रहा रिजल्ट कैंसर का इलाज अब होगा सस्ता! Zydus ने भारत में लॉन्च किया दुनिया का पहला निवोलुमैब बायोसिमिलरबालाजी वेफर्स में हिस्से के लिए जनरल अटलांटिक का करार, सौदा की रकम ₹2,050 करोड़ होने का अनुमानफ्लाइट्स कैंसिलेशन मामले में इंडिगो पर ₹22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गएIndiGo Q3 Results: नई श्रम संहिता और उड़ान रद्द होने का असर: इंडिगो का मुनाफा 78% घटकर 549 करोड़ रुपये सिंडिकेटेड लोन से भारतीय कंपनियों ने 2025 में विदेश से जुटाए रिकॉर्ड 32.5 अरब डॉलरग्रीनलैंड, ट्रंप और वैश्विक व्यवस्था: क्या महा शक्तियों की महत्वाकांक्षाएं नियमों से ऊपर हो गई हैं?लंबी रिकवरी की राह: देरी घटाने के लिए NCLT को ज्यादा सदस्यों और पीठों की जरूरतनियामकीय दुविधा: घोटालों पर लगाम या भारतीय पूंजी बाजारों का दम घोंटना?अवधूत साठे को 100 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश 

अवैध वॉकी-टॉकी बिक्री पर CCPA सख्त; Meta, Amazon, Flipkart और Meesho पर ₹10-10 लाख का जुर्माना

ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिना मंजूरी और गलत जानकारी के वॉकी-टॉकी बेचने का मामला

Last Updated- January 16, 2026 | 11:48 AM IST
Illegal Walkie Talkie Sale
Representational Image

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने मेटा, अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो समेत कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर अवैध वॉकी-टॉकी बेचने के मामले में सख्त कार्रवाई की है। CCPA ने इन चारों कंपनियों पर ₹10-10 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा चिमिया, जियोमार्ट, टॉक प्रो, और मास्कमैन टॉयज पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया है। कुल मिलाकर आठ कंपनियों पर ₹44 लाख का जुर्माना ठोका गया है।

CCPA ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और दूरसंचार कानूनों का उल्लंघन करते हुए अनाधिकृत वॉकी-टॉकी को लिस्ट करने और बेचने वाले ई-कॉमर्स मंचों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर 16,970 से ज्यादा नॉन-कम्प्लांस वाले प्रोडक्ट के लिस्ट किए जाने की पहचान के बाद 13 ई-कॉमर्स मंचों चिमिया, जियोमार्ट, टॉक प्रो, मीशो, मास्कमैन टॉयज, ट्रेडइंडिया, अंतरिक्ष टेक्नोलॉजीज, वरदानमार्ट, इंडियामार्ट, मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (फेसबुक मार्केटप्लेस), फ्लिपकार्ट, कृष्णा मार्ट और अमेजन को नोटिस जारी किए गए।

क्या था Illegal Walkie Talkie Sale मामला

CCPA ने पाया कि कई प्लेटफॉर्म्स पर ऐसे वॉकी-टॉकी (Personal Mobile Radio – PMR) बेचे जा रहे थे, जो तय फ्रीक्वेंसी बैंड के बाहर काम करते हैं, जिनके पास जरूरी ETA (Equipment Type Approval) सर्टिफिकेट नहीं था और जिनमें लाइसेंस की जानकारी भी नहीं दी गई थी। कानून के मुताबिक, सिर्फ 446.0–446.2 MHz फ्रीक्वेंसी वाले वॉकी-टॉकी ही बिना लाइसेंस के इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

जांच में क्या सामने आया

फ्लिपकार्ट पर हजारों ऐसे वॉकी-टॉकी बिके जिनकी फ्रीक्वेंसी की जानकारी या तो गलत थी या दी ही नहीं गई थी। अमेजन पर भी कई लिस्टिंग बिना सही सर्टिफिकेशन के पाई गईं। Meesho पर एक ही विक्रेता ने हजारों यूनिट बेचीं, लेकिन जरूरी जानकारी नहीं दी। फेसबुक मार्केटप्लेस पर बार-बार नियम तोड़ने वाली लिस्टिंग डाली गईं। कुछ प्लेटफॉर्म्स ने नोटिस मिलने के बाद लिस्टिंग हटाईं, लेकिन CCPA ने कहा कि सिर्फ हटाना काफी नहीं, रोकथाम भी जरूरी है।

इंटरमीडियरी होने का बचाव खारिज

कई कंपनियों ने कहा कि वे सिर्फ “प्लेटफॉर्म” हैं और विक्रेता की जिम्मेदारी उनकी नहीं है। लेकिन CCPA ने यह दलील खारिज कर दी और कहा कि अगर प्लेटफॉर्म बिक्री को बढ़ावा देता है, तो उसे पूरी सावधानी बरतनी होगी। CCPA ने अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडियो उपकरणों की बिक्री को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत फ्रीक्वेंसी और ETA की जांच जरूरी, गलत या भ्रामक विज्ञापन पर रोक, ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य, और प्लेटफॉर्म्स को खुद का ऑडिट करना होगा।

Illegal Walkie-Talkie Sale: राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा

CCPA ने चेतावनी दी कि बिना मंजूरी वाले वॉकी-टॉकी पुलिस, आपदा प्रबंधन, आपात सेवाओं की संचार व्यवस्था में बाधा डाल सकते हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। मौजूदा नियमों के तहत, लाइसेंस छूट केवल 446.0-446.2 मेगाहर्ट्ज बैंड में ही ऑपरेट होने वाले पीएमआर पर लागू होती है। शॉर्ट रेंज रेडियो फि्क्वेंसी उपकरणों के उपयोग संबंधी नियम 2018 का नियम पांच यह अनिवार्य करता है कि मैन्यूफैक्चरर्स तथा विक्रेताओं को ऐसे उपकरणों के आयात, बिक्री या संचालन से पहले ईटीए (अनुमति और प्रमाणीकरण) प्राप्त करना होगा।

इनपुट: PTI 

First Published - January 16, 2026 | 11:48 AM IST

संबंधित पोस्ट