facebookmetapixel
Advertisement
अगर युद्ध एक महीने और जारी रहा तो दुनिया में खाद्य संकट संभव: मैट सिम्पसनहोर्मुज स्ट्रेट खुला लेकिन समुद्री बीमा प्रीमियम महंगा, शिपिंग लागत और जोखिम बढ़ेपश्चिम एशिया युद्ध का भारत पर गहरा असर, रियल्टी और बैंकिंग सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव मेंगर्मी का सीजन शुरू: ट्रैवल और होटल कंपनियों के ऑफर की बाढ़, यात्रियों को मिल रही भारी छूटबाजार में उतार-चढ़ाव से बदला फंडरेजिंग ट्रेंड, राइट्स इश्यू रिकॉर्ड स्तर पर, QIP में भारी गिरावटपश्चिम एशिया संकट: MSME को कर्ज भुगतान में राहत पर विचार, RBI से मॉरेटोरियम की मांग तेजRCB की बिक्री से शेयरहोल्डर्स की बल्ले-बल्ले! USL दे सकती है ₹196 तक का स्पेशल डिविडेंडतेल में बढ़त से शेयर और बॉन्ड में गिरावट; ईरान का अमेरिका के साथ बातचीत से इनकारगोल्डमैन सैक्स ने देसी शेयरों को किया डाउनग्रेड, निफ्टी का टारगेट भी घटायाकिधर जाएगा निफ्टीः 19,900 या 27,500; तेल और भू-राजनीति तनाव से तय होगा रुख

Electric Two-Wheelers: जो स्टार्टअप आगे थे, अब पीछे! इलेक्ट्रिक स्कूटर बाजार में बड़ा उलटफेर

Advertisement

स्टार्टअप की रफ्तार धीमी, टीवीएस-बजाज जैसी पुरानी कंपनियों ने बाजार में बढ़ाई पकड़

Last Updated- January 16, 2026 | 11:39 AM IST
Electric Two-Wheelers

भारत का Electric Two-Wheelers वाहन बाजार अब वैसा नहीं रहा जैसा कुछ साल पहले दिखता था। जिस सेक्टर में स्टार्टअप कंपनियां सबसे आगे नजर आती थीं, वहां अब पुरानी और स्थापित कंपनियां कमान संभालती दिख रही हैं। एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग की रिपोर्ट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच तेज प्रयोग और उछाल के बाद बाजार की कमान अब धीरे-धीरे पुरानी और भरोसेमंद कंपनियों के हाथ में जा रही है।

तीन चरणों में बदला बाजार

रिपोर्ट बताती है कि 2021-22 के दौरान इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार प्रयोग के दौर से गुजरा। इसके बाद 2023-24 में सरकारी फेम-2 सब्सिडी, सस्ती कीमतों और ग्राहकों की बढ़ती दिलचस्पी ने बाजार को तेजी से आगे बढ़ाया। लेकिन 2025 में तस्वीर बदली और अब ग्रोथ की जगह टिकाऊ कारोबार पर फोकस बढ़ गया है।

Electric Two-Wheelers बिक्री के आंकड़े दिखाते हैं सच्चाई

वाहन पोर्टल ‘वाहन’ के आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच कुल करीब 12 से 13 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बिके। 2024 से बाजार ने असली रफ्तार पकड़ी, लेकिन 2025 में कई स्टार्टअप कंपनियों की बिक्री में सुस्ती आई। इसके उलट टीवीएस, बजाज और हीरो जैसी पुरानी कंपनियों की बिक्री में तेज उछाल देखने को मिला।

शहरों से निकलकर आम सड़कों तक

Electric Two-Wheelers गाड़ियां अब सिर्फ बड़े शहरों में दिखने वाली नई गाड़ियां नहीं रहीं। खासकर इलेक्ट्रिक स्कूटर अब आम आदमी के रोज के काम आने लगे हैं। इन्हें चलाने में खर्च कम पड़ता है, सरकार की मदद मिलती है और अब ये पहले से ज्यादा ठीक और भरोसेमंद हो गई हैं, इसलिए लोग इन्हें खरीदने लगे हैं। हालांकि 2024-25 में कुछ कंपनियों की गाड़ियों में खराबी और सर्विस की परेशानी भी सामने आई, जिस वजह से लोगों का रुझान कुछ कंपनियों से हटकर दूसरी कंपनियों की तरफ चला गया।

बाजार की बादशाहत बदली

2024 में बाजार में सबसे आगे रही ओला इलेक्ट्रिक 2025 में पिछड़कर चौथे नंबर पर आ गई। वहीं टीवीएस मोटर ने लगातार और स्थिर प्रदर्शन के दम पर 2025 में करीब 3 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ पहला स्थान हासिल किया। बजाज ऑटो ने भी मजबूत वापसी करते हुए दूसरे नंबर पर जगह बनाई।

एथर एनर्जी ने प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ बनाए रखी और 2025 में तीसरे स्थान पर रही। हीरो मोटोकॉर्प ने देर से लेकिन ठोस रणनीति के साथ बाजार में एंट्री की और 2024 के बाद अपनी बिक्री तेजी से बढ़ाई।

सब्सिडी से भरोसे की ओर सफर

रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक दोपहिया उद्योग अब सब्सिडी के सहारे चलने वाले दौर से बाहर निकल रहा है। आने वाले समय में वही कंपनियां टिकेंगी जिनके पास मजबूत पूंजी, भरोसेमंद सर्विस नेटवर्क और बड़ा वितरण तंत्र होगा। निवेशकों के लिए भी यह सेक्टर अब सिर्फ एक प्रयोग नहीं, बल्कि दोपहिया उद्योग की भविष्य की दिशा तय करने वाला अहम हिस्सा बनता जा रहा है।

Advertisement
First Published - January 16, 2026 | 11:39 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement