अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई में मौतें कम हो रही हैं। उनका मानना है कि बड़े पैमाने पर फांसी देने की कोई मौजूदा योजना भी नहीं है। इससे पहले संकटग्रस्त देश में सैन्य हस्तक्षेप की धमकी देने के बाद ट्रंप ने देखो और इंतजार करो की रणनीति अपनाई है।
ईरान के विदेश मंत्री के यह कहने के बाद कि ईरान की लोगों को फांसी देने की कोई योजना नहीं है, यहां के सरकारी मीडिया ने गुरुवार को बताया कि करज शहर में विरोध प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किए गए 26 वर्षीय व्यक्ति को मौत की सजा नहीं दी जाएगी।
इस बीच गुरुवार को ट्रंप प्रशासन ने ईरान से संबंधित नए प्रतिबंध जारी किए। अमेरिका के वित्त विभाग की वेबसाइट के अनुसार ये प्रतिबंध शिपिंग, ट्रेडिंग और ऊर्जा कंपनियों को लक्षित कर लगाए गए हैं। मानवाधिकार संगठन हेंगाव ने भी इरफान सुल्तानी के परिजनों के हवाले से कहा कि फांसी का आदेश स्थगित कर दिया गया है। हेंगाव ने पहले कहा था कि सुल्तानी को बुधवार को मौत की सजा दी जाएगी। ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि सुल्तानी पर आंतरिक सुरक्षा और शासन के खिलाफ प्रचार गतिविधियों में हिस्सा लेने का आरोप है, लेकिन मौत की सजा ऐसे आरोपों पर लागू नहीं होती है।
सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने गुरुवार को फांसी टलने संबंधी एक समाचार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘यह अच्छी खबर है। उम्मीद है, यह जारी रहेगा!’ ट्रंप के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई टालने के संकेत देने के बाद तेल की कीमतें 3 प्रतिशत तक गिर गईं। सोने में गिरवट दर्ज की गई। विश्लेषकों ने कहा कि टिप्पणियों ने हाल के दिनों में बने जोखिम को कम कर दिया है। बुधवार को कच्चे तेल की कीमतें 66.82 डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गई थीं, जो सितंबर के बाद सबसे अधिक है।
ईरान में कई लोगों ने रॉयटर्स को बताया कि सोमवार के बाद से विरोध प्रदर्शन कम होते दिख रहे हैं। वैसे एक सप्ताह से इंटरनेट बाधित होने से अधिक सूचनाएं नहीं मिल रही हैं। एक दिन पहले ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को चेताया था कि अमेरिकी हमलों की स्थिति में वह अरब क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला करेगा। इससे बुधवार को तनाव और बढ़ गया था।
हालांकि व्हाइट हाउस में ट्रंप ने कहा कि उन्हें बताया गया है कि सरकार की कार्रवाई में हत्याएं कम हो रही हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से अभी इनकार नहीं किया है और कहा कि वह करीब से स्थिति पर नजर रख रहे हैं। रॉयटर्स को एक अलग टिप्पणी में ट्रंप ने कहा कि वह इस बारे में पक्का कुछ नहीं कह सकते कि ईरान के स्वर्गीय शाह के बेटे और प्रमुख विपक्षी नेता रजा पहलवी सत्ता संभालने के लिए पर्याप्त समर्थन जुटा पाएंगे।
चीन, सऊदी अरब और तुर्किये ने ईरान के खिलाफ किसी भी बाहरी कार्रवाई का विरोध किया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने गुरुवार को ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ फोन पर बात की और क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करने के तरीकों पर चर्चा की।
अमेरिका स्थित एचआरएएनए अधिकार समूह का कहना है कि उसने अब तक 2,435 प्रदर्शनकारियों और 153 सरकार से संबद्ध लोगों की मौतों की पुष्टि की है। ईरान और उसके पश्चिमी दुश्मनों, दोनों ने प्रदर्शनों को 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से सबसे हिंसक बताया है। अमेरिका के अलावा जी7 में शामिल अन्य देशों कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और ब्रिटेन ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों पर क्रूर कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वे ईरान पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाएंगे।
ईरान के कुछ समय के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने के कारण भारत की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया और इंडिगो ने अपनी कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि कई मार्गों पर उनकी सेवाएं प्रभावित हुईं। अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका और यूरोप जाने वाली एयर इंडिया की उड़ानें तथा ‘कॉमनवेल्थ ऑफ इंडिपेंडेंट स्टेट्स’ देशों- उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान, अजरबैजान और जॉर्जिया तथा यूरोप और तुर्किये के लिए इंडिगो की सेवाएं प्रभावित हुई हैं।