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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: नए एसबीआई प्रमुख के सामने नई चुनौतियां

देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कामकाज का तरीका इतना जटिल है कि कोई भी चेयरमैन 10 प्रतिशत से अधिक फर्क नहीं ला सकता। सांख्यिकी में इसे मानक विचलन (स्टैंडर्ड डिविएशन) कहते हैं। बैंकिंग उद्योग में अक्सर कहा जाता है कि यह बात बहुत मायने नहीं रखती कि चेयरमैन बहुत कुशल […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: जमाओं की होड़ में नए जाल में फंस रहे बैंक

वित्तीय नतीजों का दौर बीत चुका है। इस वित्त वर्ष की जून तिमाही में कुछ बैंकों को छोड़कर ज्यादातर सूचीबद्ध बैंकों का शुद्ध मुनाफा बढ़िया रहा। पिछले वर्ष की जून तिमाही के मुकाबले उनका कुल शुद्ध लाभ 21.04 फीसदी बढ़ गया। कुछ बैंकों के समूचे कर्ज में फंसे कर्ज की हिस्सेदारी बढ़ी है मगर खतरे […]

आज का अखबार, लेख

बैंक जमाएंः गलत दिशा में बढ़ती प्राथमिकताएं? आकर्षित करने के लिए ढूंढने ही होंगे नए तरीके

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास बैंकिंग क्षेत्र की में जमा वृद्धि धीमी होने पर चिंतित हैं। बैंकिंग उद्योग जमा में भी ऋण के बराबर वृद्धि दर हासिल करने में सबसे कठिन चुनौतियों से जूझ रहा है। 26 जुलाई तक सभी वाणिज्यिक बैंकों के पास कुल 211.93 लाख करोड़ […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: वृद्धि पर चिंता नहीं, महंगाई दर में राहत नहीं, बाजार से RBI गवर्नर ने कहे सिर्फ दो शब्द

वैश्विक बाजारों में हालिया उथल-पुथल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी सितंबर में यानी चार सालों में पहली बार दर कटौती की संभावना के बीच कई लोग उम्मीद कर रहे थे कि भारतीय रिजर्व बैंक दरें घटा देगा। इसके साथ ही रुख में बदलाव की भी संभावना थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: पीयर टू पीयर उद्योग पर आरबीआई की बढ़ती नजर

भारत में ऋणदाताओं को ऋण लेने वालों से ऑनलाइन माध्यम से मिलाने वाले पीयर टू पीयर (पी2पी) ऋण क्षेत्र के हालात को समझने के लिए एक घटना ही काफी है। मई में ‘ए’ नाम के व्यक्ति ने पी2पी प्लेटफॉर्म पर उधार देने के लिए 10,000 रुपये का निवेश किया। यहां किसी निवेशक या बैंक का […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: RBI के MPC बैठक के फैसले में नीतिगत दर में कटौती की उम्मीद नहीं

बैंक ऑफ इंगलैंड (बीओई) ने 1 अगस्त को मुख्य उधारी दर 25 आधार अंक घटाकर 5 प्रतिशत कर दी। मार्च 2020 में कोविड महामारी फैलने के बाद पहली बार बीओई ने ब्याज दर घटाई है। बीओई के इस कदम से ठीक एक दिन पहले अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत […]

आज का अखबार, लेख

Union Budget 2024: बैंकिंग सुधार के लिए फिलहाल इंतजार, राजकोषीय मजबूती के लक्ष्य से नहीं भटकी सरकार

Budget 2024: वित्त वर्ष 2024-25 के बजट की एक विशेष बात यह रही है कि इसमें सरकार राजकोषीय मजबूती के लक्ष्य से नहीं भटकी है। राजकोषीय घाटे का अनुमान अंतरिम बजट के 5.1 प्रतिशत से घटाकर 4.9 प्रतिशत किया गया है। मगर सरकार ने अंतरिम बजट में प्रस्तावित पूंजीगत व्यय का अनुमान 11.1 लाख करोड़ […]

आज का अखबार, लेख

बैंक फर्जीवाड़े के नित नए बदलते स्वरूप

दिल्ली के सीआर पार्क में रहने वाली 72 वर्षीया कृष्णा दासगुप्ता ने हाल ही में 83 लाख रुपये गंवा दिए, जब एक दिन उन्हें करीब 12 घंटे तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ का सामना करना पड़ा। डिजिटल हाउस अरेस्ट क्या है? यह एक ऐसा तरीका है जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी लोगों को उनके घरों में कैद कर […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: बजट में बैंक निजीकरण पर बढ़ेगी सरकार?

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के प्रमुख दिनेश खारा मंगलवार को पेश होने वाले बजट में ब्याज आय पर कर राहत की हिमायत कर रहे हैं। लगभग सभी बैंकों के प्रमुख भी यही चाहते हैं। फिलहाल बैंकों को जमा पर अर्जित ब्याज पर टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) काटना पड़ता है। यह तब होता है जब […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के बदलते आयाम

भारतीय बैंक अब तक के सबसे मजबूत दौर में हैं। बैंकिंग उद्योग की संपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में यह उद्योग के लिए सबसे अच्छा वक्त है। कुल फंसे कर्ज यानी गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) वित्त वर्ष 2024 में 12 वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच कर 2.8 प्रतिशत हो गईं। फंसे कर्ज के लिए अलग से […]

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