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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: NBFC पर RBI के बढ़ते एतराज, लोन की मांग न होने के बावजूद बैलेंसशीट में बढ़ोत्तरी की पीछे क्या है व्यापक तस्वीर

ऐसा लगता है कि भारतीय बैंकिंग नियामक के शब्दकोश में ‘सब बस भौंकते हैं, काटते नहीं’ मुहावरे का कोई स्थान नहीं है। महज एक हफ्ते पहले गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को कड़ी चेतावनी देने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पिछले हफ्ते एक आदेश जारी कर चार एनबीएफसी को नए ऋण को मंजूरी देने […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: सरकारी उपक्रम और भुगतान चूक के मामले

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में उस समय राहत की सांस साफ सुनी गई, जब बैंकरों को पता चला कि सरकार महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (MTNL) और राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) को संकट से उबारने की सोच रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के इन दोनों उपक्रमों (पीएसयू) को नवरत्न का दर्जा प्राप्त है। दूरसंचार और इस्पात मंत्रालय […]

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बैंकिंग साख: ब्याज दरें रह सकती हैं बरकरार, RBI ने ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपनाई तो हैरानी की बात नहीं

अगस्त में मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नीतिगत दर और अपने रुख दोनों में बदलाव नहीं किया था। लगातार 9वीं बार आरबीआई ने रीपो रेट 6.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित छोड़ दी थी। अब एमपीसी में तीन नए बाहरी सदस्य आए हैं। क्या नई एमपीसी से कोई नया […]

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माइक्रोफाइनैंस क्षेत्र में नए दौर की शुरुआत, कर्ज लेने वालों को लुभाने और लोन देने पर तुली कंपनियां

सूचीबद्ध माइक्रोफाइनैंस कंपनी फ्यूजन फाइनैंस लिमिटेड ने हाल ही में कहा कि फंसे हुए ऋणों में इजाफे को देखते हुए उसे 2024-25 की सितंबर तिमाही में 500-550 करोड़ रुपये अलग रखने पड़ सकते हैं। पहली तिमाही में फ्यूजन ने 348 करोड़ रुपये अलग रखे थे, जिसे प्रोविजनिंग भी कहते हैं। 21 सितंबर को स्टॉक एक्सचेंजों […]

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बैंकिंग साख: RBI ने फिनटेक क्षेत्र में दी SRO को मान्यता मगर अभी भी कई सवालों के उत्तर मिलना बाकी

अगस्त में भारतीय रिजर्व बैंक ने फिनटेक एसोसिएशन फॉर कंज्यूमर एम्पॉवरमेंट (फेस) को वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र में स्वनियामक संस्था या सेल्फ रेग्युलेटरी ऑर्गनाइजेशन (एसआरओ) की मान्यता दे दी। बैंकिंग नियामक को तीन आवेदन मिले थे। इनमें से एक को एसआरओ का दर्जा दिया गया, एक से कहा गया कि वह बताई गई जरूरतें पूरी […]

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बैंकिंग साख: आपका क्रेडिट स्कोर वित्तीय सेहत पर कैसे डालता है असर? RBI के नए निर्देश से सभी को फायदा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को ग्राहकों की साख की जानकारी (क्रेडिट रिपोर्ट) हरेक 15 दिन या उससे भी कम अंतराल पर देने का निर्देश दिया है। फिलहाल बैंक एवं वित्तीय संस्थान मासिक आधार पर क्रेडिट रिपोर्ट क्रेडिट ब्यूरो को सौंपते हैं। आरबीआई का नया निर्देश 1 जनवरी, 2025 या इससे पहले ही प्रभावी […]

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बैंकिंग साख: नए एसबीआई प्रमुख के सामने नई चुनौतियां

देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) में कामकाज का तरीका इतना जटिल है कि कोई भी चेयरमैन 10 प्रतिशत से अधिक फर्क नहीं ला सकता। सांख्यिकी में इसे मानक विचलन (स्टैंडर्ड डिविएशन) कहते हैं। बैंकिंग उद्योग में अक्सर कहा जाता है कि यह बात बहुत मायने नहीं रखती कि चेयरमैन बहुत कुशल […]

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बैंकिंग साख: जमाओं की होड़ में नए जाल में फंस रहे बैंक

वित्तीय नतीजों का दौर बीत चुका है। इस वित्त वर्ष की जून तिमाही में कुछ बैंकों को छोड़कर ज्यादातर सूचीबद्ध बैंकों का शुद्ध मुनाफा बढ़िया रहा। पिछले वर्ष की जून तिमाही के मुकाबले उनका कुल शुद्ध लाभ 21.04 फीसदी बढ़ गया। कुछ बैंकों के समूचे कर्ज में फंसे कर्ज की हिस्सेदारी बढ़ी है मगर खतरे […]

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बैंक जमाएंः गलत दिशा में बढ़ती प्राथमिकताएं? आकर्षित करने के लिए ढूंढने ही होंगे नए तरीके

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गर्वनर शक्तिकांत दास बैंकिंग क्षेत्र की में जमा वृद्धि धीमी होने पर चिंतित हैं। बैंकिंग उद्योग जमा में भी ऋण के बराबर वृद्धि दर हासिल करने में सबसे कठिन चुनौतियों से जूझ रहा है। 26 जुलाई तक सभी वाणिज्यिक बैंकों के पास कुल 211.93 लाख करोड़ […]

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बैंकिंग साख: वृद्धि पर चिंता नहीं, महंगाई दर में राहत नहीं, बाजार से RBI गवर्नर ने कहे सिर्फ दो शब्द

वैश्विक बाजारों में हालिया उथल-पुथल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी सितंबर में यानी चार सालों में पहली बार दर कटौती की संभावना के बीच कई लोग उम्मीद कर रहे थे कि भारतीय रिजर्व बैंक दरें घटा देगा। इसके साथ ही रुख में बदलाव की भी संभावना थी। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने […]

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