साइबर धोखाधड़ी का बढ़ता खतरा: भारत को चाहिए सिंगापुर जैसी सख्त व्यवस्था
एलॉइस पार्कर स्कूल से सेवानिवृत्त होने के बाद अकेले रहती हैं मगर उनकी एडम क्ले से अच्छी दोस्ती हो गई। एडम उनके खलिहान में रहता है और मधुमक्खी पालता है। एक दिन पार्कर एक फिशिंग घोटाले की शिकार हो जाती हैं, जिसमें उनकी जीवन भर की कमाई साफ हो जाती है। साथ ही वह जो […]
रिजर्व बैंक: नए साल में नई राह या पुरानी लीक?
चीन के कैलेंडर के मुताबिक यह सांप का वर्ष है। चीन का करीब 2,000 साल पुराना कैलेंडर 12 साल के चक्र में चलता है और इसमें हर साल एक अलग जानवर के लिए होता है, जो चीनी पौराणिक कथाओं से जुड़ा होता है। इस चक्र में छठा जानवर सांप है, जो 2025 में केंद्र में […]
रिजर्व बैंक ने इस साल बढ़ाया निगरानी का दायरा
साल 2024 अब आखिरी पड़ाव पर है, इसलिए देखते हैं कि भारत के वित्तीय क्षेत्र के लिए यह साल कैसा रहा। नीतिगत दरों में साल भर कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 6.5 प्रतिशत बनी रही। किंतु भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की अक्टूबर और दिसंबर में हुई आखिरी दो बैठकों में कुछ […]
बैंकिंग साख: रिजर्व बैंक के गवर्नर के नाम खुला पैगाम
प्रिय मल्होत्रा साहब, बधाई हो। दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के केंद्रीय बैंक के शीर्ष पद पर आपका स्वागत है। आप इस ओहदे के लिए होड़ में बिल्कुल नहीं उतरे थे। भारतीय रिजर्व बैंक में आपके पूर्ववर्ती शक्तिकांत दास को शायद वैसा ही लगा होगा, जैसा विमल जालान ने वाईवी रेड्डी को अपना उत्तराधिकारी […]
विविध विकल्पों के बीच आरबीआई का चुनाव
नवंबर के पहले सप्ताह में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी मानक ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कमी करके उसे 4.5 से 4.75 फीसदी कर दिया जो मार्च 2023 के बाद का न्यूनतम स्तर है। फेड की नीतिगत समिति ने सर्वसम्मति से मौजूदा चक्र में लगातार दूसरी बार कटौती की। इन दो […]
बाजार में निवेश का माध्यम असुरक्षित ऋण?
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के एक अध्ययन से पता चलता है कि शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-फरोख्त (ट्रेडिंग) करने वाले 10 में से 9 लोगों ने वर्ष 2021-2022 (वित्त वर्ष 2022) और वित्त वर्ष 2024 के बीच तीन वर्षों के दौरान शेयर बाजार के वायदा एवं विकल्प (एफऐंडओ) सेगमेंट में पैसा गंवा […]
बैंकिंग साख: बैंकों की चुनौतियों के बीच ग्राहकों की भूमिका
वित्त वर्ष 2025 की जुलाई-सितंबर तिमाही अब खत्म होने वाली है और इस बात को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है कि भारत के बैंकिंग उद्योग के लिए सबसे अच्छा समय गुजर चुका है या नहीं। यह समझने के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण आंकड़ों पर करीब से नजर डालते हैं। उद्योग का सालाना परिचालन लाभ या […]
बैंकिंग साख: ग्रामीण क्षेत्रों को ऋण चक्र के जाल से मिले मुक्ति
भारत के एफएमसीजी क्षेत्र में जुलाई-सितंबर तिमाही में मूल्य के हिसाब से 5.7 प्रतिशत और कारोबार के हिसाब से 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो ग्रामीण क्षेत्रों की मांग की बदौलत संभव हुआ है। कंज्यूमर इंटेलिजेंस फर्म नील्सनआईक्यू ने हाल ही में अपनी तिमाही रिपोर्ट में यह जानकारी दी। लेकिन कई लोगों का मानना […]
कुछ NBFC पर रिजर्व बैंक की कार्रवाई जरूरी थी: कामत
नैशनल बैंक फॉर फाइनैंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड डेवलपमेंट के चेयरमैन केवी कामत ने बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में कहा कि असुरक्षित ऋणों और एनबीएफसी के खिलाफ रिजर्व बैंक की कार्रवाई जरूरी थी है। इनसाइट समिट में उनके साथ तमाल बंद्योपाध्याय की बातचीत के संपादित अंश: मीडिया में चीन के नए प्रोत्साहन पैकेज की खूब चर्चा […]
बीमा क्षेत्र में शत-प्रतिशत FDI की अनुमति देने का समय: Irdai चीफ देवाशिष पांडा
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष देवाशिष पांडा का कहना है कि नए नियामकीय ढांचे का जोर कारोबार सुगमता, अनुपालन का बोझ कम करने पर है। साथ ही बीमा उद्योग को उन क्षेत्रों में विस्तार करना होगा जहां कम सेवाएं दी गई हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड के सलाहकार संपादक तमाल बंद्योपाध्याय के साथ बातचीत […]








