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राज्यों के पूंजीगत व्यय में आई सुस्ती, 20 राज्य ने दो महीने में खर्च किया बजट का सिर्फ 5.86% हिस्साCredit Card Market: नए कार्ड जारी करने में SBI Card रहा नंबर-1, मई में जोड़े रिकॉर्ड 1.81 लाख ग्राहकरिकॉर्ड स्तर पर पहुंची गेहूं की सरकारी खरीद, 357 लाख टन के पार पहुंचा आंकड़ा; पंजाब-एमपी अव्वलकोयले से गैस बनाने के लिए ₹37,500 करोड़ की मेगा योजना शुरू, केंद्र सरकार ने जारी की अधिसूचनाFoxconn ने भारतीय इकाई में बढ़ाई हिस्सेदारी, कंपनी ने खरीदे ₹35 करोड़ से ज्यादा के शेयरस्टैनफोर्ड ड्रॉपआउट्स ने किया कमाल! Zepto के ऑटोमेटेड वेयरहाउस कैसे बदल रहे हैं क्विक-कॉमर्स का भविष्यरफ्तार में ऑटो सेक्टर: मई में वाणिज्यिक वाहनों की थोक बिक्री 13.5% बढ़ी, GST कटौती का दिख रहा असरनकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन का शक! सरकार ने बंद कराईं जैक्सन लैबोरेटरीज की दो राज्यों में विनिर्माण इकाइयांजाइडस ने सनशाइन के साथ मिलाया हाथ, श्रीलंका में लगेगा $2 करोड़ का दवा प्लांट; आयात पर घटेगी निर्भरताशेयर बाजार की तरह फिल्मों में लगेगा पैसा! ₹22,000 करोड़ के सिनेमा बिजनेस में नए फंड्स की होगी एंट्री

लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

सरकारी बैंकों में क्यों टिक नहीं पा रहे हैं युवा अधिकारी, अच्छे वेतन के बाद भी नौकरी छोड़ने की बढ़ी रफ्तार

सुरेश (बदला हुआ नाम) ने कॉलेज से निकलते ही सार्वजनिक क्षेत्र के एक बड़े बैंक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एक कड़ी प्रतियोगी परीक्षा और कई साक्षात्कारों को सफलतापूर्वक पास किया था। तीस वर्ष की आयु से पहले ही वह एक अच्छी तनख्वाह के साथ सुचारु रूप से संचालित एक विभाग […]

आज का अखबार, लेख

RBI के नए LCR नियमों के साथ शुरू हुआ ‘फ्री’ डिपॉजिट रेट्स का नया दौर

पिछले कुछ दिनों में कई बैंकों ने अपनी जमा दरें बढ़ाई हैं। फिलहाल भारत में वित्तीय क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के बीच बैंक जमा चर्चा का एक खास विषय बना हुआ है। इसकी वजह जमा में धीमी बढ़ोतरी या नई जमा जुटाने में बैंकों की चुनौती नहीं है। इसकी वजह कुछ और है यानी बैंकों […]

आज का अखबार, लेख

बैंक फिलहाल मजबूत स्थिति में, लेकिन आगे दोहरी चुनौतियों का सामना संभव

पिछले महीने बैंकों के तिमाही नतीजे जारी होने का सिलसिला थम गया। मगर सूचीबद्ध भारतीय बैंकों के तिमाही प्रदर्शन की पड़ताल करने से पहले यह देख लेते हैं कि वित्त वर्ष 2026 में उनका सफर कैसा रहा था। सूचीबद्ध निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल शुद्ध मुनाफा 3.94 लाख करोड़ रुपये रहा जो […]

आज का अखबार, लेख

विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए RBI ने खोले रास्ते, बॉन्ड बाजार में बड़ा बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मु​श्किल फैसला लेते हुए हुए डॉलर के प्रवाह के लिए रास्ते खोल दिए हैं। जून की मौद्रिक नीति में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए पांच सूत्री रणनीति की घोषणा की गई है। सबसे पहले, वह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बाह्य वाणिज्यिक उधार जुटाने को प्रोत्साहित करने के […]

आज का अखबार, लेख

ब्याज दर बढ़ाना नहीं है समाधान, रुपया संभालने के लिए RBI को आजमाने कुछ नए विकल्प

नीतिगत दरें तय करने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की संस्था मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की इस सप्ताह (3 से 5 जून) बैठक होने वाली है। चालू वित्त वर्ष में एमपीसी की यह दूसरी बैठक होगी। बड़ा सवाल यह है कि इस बैठक से क्या निकल कर आने वाला है?  अप्रैल में 5 से 8 […]

आज का अखबार, लेख

लोन लेने वाली महिलाओं की बढ़ी तादाद मगर नहीं बनेगी बात, दो-तिहाई अब भी फॉर्मल सिस्टम से बाहर

भारत में उधार लेने वाली महिलाओं पर अब कुल 76 लाख करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है, जो देश की भारतीय बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली में कुल कर्ज का 26 प्रतिशत है। महिलाओं पर 2017 में करीब 16 लाख करोड़ रुपये कर्ज था, जो 20 प्रतिशत सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। नीति आयोग, […]

आज का अखबार, लेख

बैंक बोर्ड बैठकों में अहम मुद्दों पर ध्यान नहीं, क्यों जरूरी है गवर्नेंस में बड़ा बदलाव?

सुबह के 11:00 बज रहे हैं। तारीख कौन सी थी इसे दरकिनार करते हुए सीधे उस जगह पहुंचते हैं जहां सार्वजनिक क्षेत्र के एक बैंक (पीएसबी) का निदेशक मंडल कक्ष (बोर्डरूम) है। महीने के इस दिन बोर्ड सचिवालय सुबह 7 बजे से काम शुरू कर देता है। पूर्वाह्न 11:02 बजे निदेशक अंदर आते हैं। बैंक […]

आज का अखबार, लेख

पीएसबी में प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन संरचना व चुनौतियां

भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) एक अनूठी चुनौती का सामना कर रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में छह दशक पुराने वेतन समझौते को एक नई प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना से प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) द्वारा तैयार पीएलआई योजना वरिष्ठ बैंक […]

आज का अखबार, लेख

क्या UPI पर सब्सिडी खत्म करने का समय आ गया है? Tiered MDR व्यवस्था की जरूरत पर बहस

भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से मार्च 2026 में 29.5 लाख करोड़ रुपये के लगभग 22.6 अरब लेनदेन हुए। पूरे वित्त वर्ष 2026 में कुल 241.617 अरब लेनदेन हुए थे जिनका मूल्य लगभग 314.23 लाख करोड़ रुपये था। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने यूपीआई को एक सुरक्षित, त्वरित और अंतर-संचालनीय तत्काल भुगतान प्रणाली […]

आज का अखबार, लेख

IBC में बदलाव: घर खरीदारों पर बढ़ा फोकस, अब अधर में लटके सपनों और अटके कर्ज को मिलेगी नई उम्मीद

ऋण शोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (संशोधन) अ​धिनियम, 2026 का पारित होना संभवतः एक ऐसा घटनाक्रम है जिसकी जरूरत महसूस की जा रही थी। यह संशोधन विधेयक 31 मार्च को लोक सभा में पारित हो गया और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है। माना जा रहा है कि इससे घर खरीदारों के हितों […]

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