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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

आरबीआई को नीतिगत दरों में बढ़ोतरी करने की कोई जल्दी नहीं

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की अगस्त की मौद्रिक नीति में कोई आश्चर्य की बात नहीं है। केंद्रीय बैंक की दर निर्धारण संस्था, मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने वित्त वर्ष 2027 की अपनी तीसरी द्विमासिक बैठक में नीतिगत दर को 5.25 फीसदी पर अपरिवर्तित रखा है। बुधवार को समाप्त हुई बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से […]

आज का अखबार, लेख

RBI की ‘इंतजार करो और देखो’ की रणनीति, ब्याज दरें स्थिर रहने के आसार

वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंकों के लिए पिछला पखवाड़ा घटनापूर्ण रहा। शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान ने अपनी नीतिगत ब्याज दर को 1 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा। उसने मुद्रास्फीति के जोखिम बढ़ने की स्थिति में उधार लागत बढ़ाने की अपनी तत्परता दोहराई। उसकी नीतिगत बैठक में मध्य जून में  बढ़ोतरी कर 1 प्रतिशत करने के […]

आज का अखबार, लेख

बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत और धोखाधड़ी का काला खेल, जानें कैसे खाली हो रही है एफडी?

एक प्रवासी भारतीय (एनआरआई) ग्राहक दो वर्ष बाद जब अपनी बैंक शाखा पहुंचीं तो उन्होंने देखा कि उनकी एक टर्म डिपॉजिट पर ‘लियन’ लगा था यानी उन्हें रकम निकालने या इधर-उधर करने की अनुमति नहीं थी। उन्हें यह देखकर काफी हैरानी हुई क्योंकि उन्होंने इस डिपॉजिट को गिरवी रखकर कर्ज नहीं लिया था बल्कि उन्होंने […]

आज का अखबार, लेख

चलती ट्रेन में आधी रात की गिरफ्तारी से खुला 16 करोड़ का बैंक घोटाला, इनसाइडर फ्रॉड बना नई चुनौती

आधी रात बीत चुकी थी। अहमदाबाद से दिल्ली जा रही आश्रम एक्सप्रेस, अंधेरे मैदानों को पार करते हुए उत्तर की ओर बढ़ रही थी। वातानुकूलित डिब्बों में सन्नाटा पसरा था और अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे। इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के चार अधिकारी चुपचाप एक-एक कोच में आगे बढ़ रहे थे। उनका लक्ष्य […]

आज का अखबार, लेख

बैंकों में उच्च पदों के लिए लोगों की उपलब्धता सीमित क्यों?

मुंबई की मॉनसूनी बारिश ने मुझे दो बैंकर मित्रों के साथ कॉफी पर एक शाम बिताने पर विचार के लिए ‘हां’ कहने को प्रेरित किया, जो एचडीएफसी बैंक के अगले अंशकालिक चेयरमैन के बारे में अटकलबाजी का आनंद ले रहे थे ।   1985 बैच के आईएएस अधिकारी और आर्थिक मामलों तथा निवेश एवं सार्वजनिक संपत्ति […]

आज का अखबार, लेख

टाटा संस की लिस्टिंग पर इतना शोर क्यों? जानिए RBI के नए संशोधन का असली मतलब

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के किसी निर्देश को विभिन्न व्यापारिक समाचार पत्रों द्वारा इतनी अलग-अलग तरह से शायद ही कभी पढ़ा गया हो। यहां मैं आरबीआई (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां-पंजीकरण, छूट और पैमाने आधारित विनियमन के लिए ढांचा) द्वितीय संशोधन निर्देश 2026 की बात कर रहा हूं, जो 24 जून को जारी किया गया था। एक […]

आज का अखबार, लेख

सरकारी बैंकों में क्यों टिक नहीं पा रहे हैं युवा अधिकारी, अच्छे वेतन के बाद भी नौकरी छोड़ने की बढ़ी रफ्तार

सुरेश (बदला हुआ नाम) ने कॉलेज से निकलते ही सार्वजनिक क्षेत्र के एक बड़े बैंक में परिवीक्षाधीन अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने एक कड़ी प्रतियोगी परीक्षा और कई साक्षात्कारों को सफलतापूर्वक पास किया था। तीस वर्ष की आयु से पहले ही वह एक अच्छी तनख्वाह के साथ सुचारु रूप से संचालित एक विभाग […]

आज का अखबार, लेख

RBI के नए LCR नियमों के साथ शुरू हुआ ‘फ्री’ डिपॉजिट रेट्स का नया दौर

पिछले कुछ दिनों में कई बैंकों ने अपनी जमा दरें बढ़ाई हैं। फिलहाल भारत में वित्तीय क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों के बीच बैंक जमा चर्चा का एक खास विषय बना हुआ है। इसकी वजह जमा में धीमी बढ़ोतरी या नई जमा जुटाने में बैंकों की चुनौती नहीं है। इसकी वजह कुछ और है यानी बैंकों […]

आज का अखबार, लेख

बैंक फिलहाल मजबूत स्थिति में, लेकिन आगे दोहरी चुनौतियों का सामना संभव

पिछले महीने बैंकों के तिमाही नतीजे जारी होने का सिलसिला थम गया। मगर सूचीबद्ध भारतीय बैंकों के तिमाही प्रदर्शन की पड़ताल करने से पहले यह देख लेते हैं कि वित्त वर्ष 2026 में उनका सफर कैसा रहा था। सूचीबद्ध निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल शुद्ध मुनाफा 3.94 लाख करोड़ रुपये रहा जो […]

आज का अखबार, लेख

विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए RBI ने खोले रास्ते, बॉन्ड बाजार में बड़ा बदलाव

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मु​श्किल फैसला लेते हुए हुए डॉलर के प्रवाह के लिए रास्ते खोल दिए हैं। जून की मौद्रिक नीति में विदेशी पूंजी को आकर्षित करने के लिए पांच सूत्री रणनीति की घोषणा की गई है। सबसे पहले, वह सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बाह्य वाणिज्यिक उधार जुटाने को प्रोत्साहित करने के […]

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