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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

अनुपालन से करुणा तक: ग्राहक शिकायतों के निपटारे में आरबीआई का नया मानव-केंद्रित मॉडल

इस साल 1 जनवरी को बैंक कर्मचारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की एकीकृत लोकपाल योजना के तहत ग्राहकों की सभी लंबित शिकायतें दूर करने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने में व्यस्त थे। कम से कम 9,20,000 ऐसे मामले लंबित हैं। ये मामले केवल पैसों से संबंधित नहीं हैं। शिकायतों में चेक क्लियर करने में […]

आज का अखबार, लेख

2026 की तीन बड़ी चुनौतियां: बॉन्ड यील्ड, करेंसी दबाव और डिपॉजिट जुटाने की जंग

अगर आप अपने दोस्तों से जानना चाहेंगे कि साल 2025 कैसा रहा तो इसके अलग-अलग जवाब मिल सकते हैं। किसी के लिए वह सुनहरा साल था तो किसी के लिए पिछला वर्ष बस उम्मीदों से भरा। सोने ने तो कमाल कर दिया और वर्ष 1979 के बाद इसने सबसे ज्यादा 64 फीसदी का सालाना मुनाफा […]

आज का अखबार, लेख

क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक के 50 साल: भारत में बदलाव और सुधार की कहानी

हाल के दिनों में कुछ विशेष वित्तीय संस्थानों ने बड़े शांतिपूर्ण तरीके से अपनी 50वीं वर्षगांठ मनाई। इन बैंकों में भारत का पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) प्रथमा ग्रामीण बैंक भी था जिसकी स्थापना उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में 2 अक्टूबर, 1975 में हुई थी। इसका प्रायोजक बैंक, सिंडिकेट बैंक (अप्रैल 2020 में जिसका विलय […]

आज का अखबार, लेख

आरबीआई गवर्नर के रूप में संजय मल्होत्रा का पहला साल: स्थिरता और सुधारों की नई दिशा

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा को उनकी पहले की भूमिकाओं, जैसे आरईसी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, वित्त मंत्रालय में वित्तीय सेवा सचिव और राजस्व सचिव के रूप में देखने वाले लोग उनके व्यावहारिक दृष्टिकोण से अच्छी तरह वाकिफ हैं। समूह की बैठकों में, वह खूब नोट्स लेते थे। यदि समूह […]

आज का अखबार, लेख

RBI गवर्नर के रूप में संजय मल्होत्रा ​​का पहला साल: सुधारों के साथ स्थिरता भी

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ‘सांता क्लॉज’ बनकर भारत में समय से पहले ही क्रिसमस की सौगात दे दी है। अगस्त और अक्टूबर में यथास्थिति बनाए रखने के बाद आरबीआई ने शुक्रवार को रीपो दर 25 आधार अंक घटा कर इसे 5.25 फीसदी कर दी। भारतीय केंद्रीय बैंक की दर-निर्धारण संस्था […]

आज का अखबार, लेख

दिसंबर एमपीसी मीटिंग: क्या रेपो रेट में कटौती होगी? आरबीआई के रुख पर सबकी नजर

अक्टूबर में जो लोग दीपावली से पहले भारतीय रिजर्व बैंक (आबीआई) से तोहफा मिलने की उम्मीद कर रहे थे उन्हें निराशा ही हाथ लगी थी। तब आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रीपो दर 5.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित छोड़ दी थी। अब आगामी 5 दिसंबर को एमपीसी की तीन दिवसीय द्विमासिक बैठक फिर होने […]

आज का अखबार, लेख

बैंकों की कमाई बढ़ी, लेकिन चुनौतियां अब भी बरकरार

भारतीय बैंकों के लिए एक और अच्छी तिमाही रही जिसमें ऋण परिसंपत्तियों की गुणवत्ता उत्कृष्ट बनी हुई है। हर बैंक का शुद्ध लाभ भले ही आकर्षक न हो-कुछ बैंकों ने तो शुद्ध लाभ में गिरावट भी दर्ज की है- लेकिन पहली बार सूचीबद्ध निजी और सरकारी बैंकों (पीएसबी) का सामूहिक शुद्ध लाभ 2025-26 की सितंबर […]

आज का अखबार, लेख

क्या ऑनलाइन जमा की सुरक्षा के लिए बैंकिंग नियामक ‘चेक’ टूल पर विचार कर सकता है?

दो माह के अंतराल के बाद अक्टूबर में डीमैट खाता खोलने वालों की संख्या बढ़ी। अक्टूबर में 30 लाख नए खाते जुड़े और कुल डीमैट खातों की तादाद 21 करोड़ से अधिक हो गई। इसके पहले जुलाई में करीब 30 लाख नए डीमैट खाते खुले थे जो दिसंबर 2024 के बाद सबसे बड़ी मासिक वृद्धि […]

आज का अखबार, लेख

बैंकों के लिए नई चुनौती: म्युचुअल फंड्स और डिजिटल पेमेंट्स से घटती जमा, कासा पर बढ़ता दबाव

पिछले कुछ महीने से भारतीय बैंकों की बैलेंसशीट के जमा और ऋण दोनों पक्षों के बीच खींचतान मची है। एक ओर बैंक की परिसंपत्तियों में ऋण और निवेश शामिल हैं जबकि दूसरी ओर देनदारियों में जमा और पूंजी शामिल हैं। इस वित्त वर्ष के अधिकांश पखवाड़ों में ऋण वृद्धि असल में जमा वृद्धि से अधिक […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग सेक्टर में आने वाली है सुधारों की नई लहर, कैपिटल और ग्रोथ को मिलेगी रफ्तार

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र कई मोर्चों पर सुधार की राह पर है। पिछले एक दशक में यह उद्योग लगातार खबरों में रहा है। सबसे पहले, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने परिसंपत्ति गुणवत्ता समीक्षा के माध्यम से बड़े पैमाने पर सफाई अभियान चलाया। उसने डूबती परिसंपत्तियों का पता लगाया और यह सुनिश्चित किया कि बैंक इनके समाधान […]

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