अचानक बंद नहीं हो सकते डेरिवेटिव: सेबी चेयरमैन पांडेय
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय के लिए भरोसा भारत के तेजी से बढ़ते पूंजी बाजारों की आधारशिला है और इसे घोषणाओं से नहीं बल्कि हर दिन कार्रवाई से अर्जित किया जाना चाहिए। बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई समिट 2025 में तमाल बंद्योपाध्याय के साथ बेबाक बातचीत में उन्होंने बताया कि कैसे […]
नियामक के तौर पर खुलेपन को तरजीह: BFSI समिट में बोले अजय सेठ
भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद अजय सेठ ने अपनी पहली सार्वजनिक बातचीत में तमाल बंद्योपाध्याय से जीएसटी सुधारों, बीमा में एफडीआई, बीमा सुगम पहल और बीमा कंपनियों के लिए निवेश मानदंडों में लचीलेपन के प्रभाव पर चर्चा की। संपादित अंश : जीएसटी कटौती का […]
डॉलर को हटाना नहीं, बल्कि जोखिम घटाना है रुपये के अंतरराष्ट्रीयकरण का मकसद : आरबीआई डिप्टी गवर्नर टी. रवि शंकर
भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी. रवि शंकर ने बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में तमाल बंद्योपाध्याय के साथ बातचीत में कहा कि भारतीय रुपये का अंतरराष्ट्रीयकरण डॉलर को हटाने के लिए नहीं है बल्कि भारतीय कारोबारियों के जोखिम को कम करने के लिए है। यह भारत के कारोबारियों के लिए रुपये में अधिक […]
चयनात्मक खुलापन और कड़ी जांच के बीच विदेशी बैंकों के लिए भारत में बदलता परिदृश्य
सितंबर 2006 में केंद्र सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सलाह पर सातारा (महाराष्ट्र) स्थित यूनाइटेड वेस्टर्न बैंक पर रोक लगा दी थी। इसको खरीदने के लिए कई दावेदार थे। इनमें भारत में कार्यरत दो बड़े विदेशी बैंक और एक पुराना निजी बैंक भी शामिल था, लेकिन आईडीबीआई बैंक विजेता रहा।अब परिदृश्य बिल्कुल अलग […]
BFSI Summit: तकनीक पर सबसे ज्यादा खर्च करने वालों में शुमार है स्टेट बैंक- शेट्टी
भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने तमाल बंद्योपाध्याय से बातचीत में सुस्त ऋण वृद्धि, भारतीय रिजर्व बैंक के सुधारों और सरकारी बैंकों में निजी क्षेत्र के पेशेवरों को अनुमति देने के संभावित असर पर बात की। प्रमुख अंश… ऋण वृद्धि गति क्यों नहीं पकड़ रही है? हमारी ऋण वृद्धि में कमी नहीं है। […]
बैंक तेजी से खुदरा ग्राहकों की ओर देख रहे हैं : BSFI समिट में बोले कामत
तकनीकी और वित्तीय विविधीकरण के कारण भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में आ रहे बदलाव के बीच जियो फाइनैंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक के वी कामत ने बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में तमाल बंद्योपाध्याय से बातचीत में कंपनियों की बैंकों पर कम निर्भरता, कर्जदाताओं के लिए खुद को नए सिरे से ढालने, खुदरा ग्राहकों […]
क्या निजी बैंकर चला सकते हैं सरकारी बैंक? सरकार को धैर्य रखना होगा
अक्टूबर के पहले सप्ताह में कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) में पूर्णकालिक निदेशकों के चयन के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किया और पहले के सभी मानदंड रद्द कर दिए। नए दिशानिर्देशों के तहत निजी क्षेत्र के अभ्यर्थी भारतीय स्टेट बैंक में चार प्रबंध निदेशक (एमडी) पदों में से एक, 11 […]
सरकारी बैंकों में टॉप नौकरियां: प्राइवेट टैलेंट के लिए दरवाजे खोलने पर गर्व और पूर्वग्रह
अप्रैल 2015 में, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने पांच बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों- बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, आईडीबीआई बैंक लिमिटेड और पंजाब नैशनल बैंक के लिए प्रबंध निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी (एमडी एवं सीओओ) पद हेतु आवेदन आमंत्रित किए थे। इन पदों के लिए योग्यता मानदंडों […]
बैलेंस शीट से आगे: अब बैंकों के लिए ग्राहक सेवा बनी असली कसौटी
कई बार पेंशन या अन्य सेवाओं के लिए लोगों को बैंकों के चक्कर काटने पड़ते हैं और बाद में ऊपरी स्तर से हस्तक्षेप के बाद ही ऐसे मामलों का समाधान हो पाता है। ऐसे कई तथ्य और इनसे जुड़े आंकड़े हैं जो बैंकों और बीमा कंपनियों के बहीखाते में नजर नहीं आते हैं। इनके प्रभाव […]
ब्याज दर में कटौती के आसार बहुत कम: CPI घटा, जीडीपी स्थिर, निवेशक सतर्क
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने फरवरी और जून के बीच तीन किश्तों में नीतिगत रीपो दर में एक प्रतिशत अंक की कटौती के बाद, अगस्त महीने में दर को 5.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित छोड़ दिया था। इसके अलावा ‘तटस्थ’ मौद्रिक नीति रुख में भी कोई बदलाव नहीं किया गया। ये […]








