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लेखक : तमाल बंद्योपाध्याय

आज का अखबार, लेख

विविध विकल्पों के बीच आरबीआई का चुनाव

नवंबर के पहले सप्ताह में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने अपनी मानक ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कमी करके उसे 4.5 से 4.75 फीसदी कर दिया जो मार्च 2023 के बाद का न्यूनतम स्तर है। फेड की नीतिगत समिति ने सर्वसम्मति से मौजूदा चक्र में लगातार दूसरी बार कटौती की। इन दो […]

आज का अखबार, लेख

बाजार में निवेश का माध्यम असुरक्षित ऋण?

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के एक अध्ययन से पता चलता है कि शेयर बाजार में शेयरों की खरीद-फरोख्त (ट्रेडिंग) करने वाले 10 में से 9 लोगों ने वर्ष 2021-2022 (वित्त वर्ष 2022) और वित्त वर्ष 2024 के बीच तीन वर्षों के दौरान शेयर बाजार के वायदा एवं विकल्प (एफऐंडओ) सेगमेंट में पैसा गंवा […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: बैंकों की चुनौतियों के बीच ग्राहकों की भूमिका

वित्त वर्ष 2025 की जुलाई-सितंबर तिमाही अब खत्म होने वाली है और इस बात को लेकर गंभीर चर्चा चल रही है कि भारत के बैंकिंग उद्योग के लिए सबसे अच्छा समय गुजर चुका है या नहीं। यह समझने के लिए कुछ महत्त्वपूर्ण आंकड़ों पर करीब से नजर डालते हैं। उद्योग का सालाना परिचालन लाभ या […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: ग्रामीण क्षेत्रों को ऋण चक्र के जाल से मिले मुक्ति

भारत के एफएमसीजी क्षेत्र में जुलाई-सितंबर तिमाही में मूल्य के हिसाब से 5.7 प्रतिशत और कारोबार के हिसाब से 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो ग्रामीण क्षेत्रों की मांग की बदौलत संभव हुआ है। कंज्यूमर इंटेलिजेंस फर्म नील्सनआईक्यू ने हाल ही में अपनी तिमाही रिपोर्ट में यह जानकारी दी। लेकिन कई लोगों का मानना […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

कुछ NBFC पर रिजर्व बैंक की कार्रवाई जरूरी थी: कामत

नैशनल बैंक फॉर फाइनैंसिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड डेवलपमेंट के चेयरमैन केवी कामत ने बिज़नेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट में कहा कि असुरक्षित ऋणों और एनबीएफसी के खिलाफ रिजर्व बैंक की कार्रवाई जरूरी थी है। इनसाइट समिट में उनके साथ तमाल बंद्योपाध्याय की बातचीत के संपादित अंश: मीडिया में चीन के नए प्रोत्साहन पैकेज की खूब चर्चा […]

आज का अखबार, बीमा, वित्त-बीमा

बीमा क्षेत्र में शत-प्रतिशत FDI की अनुमति देने का समय: Irdai चीफ देवाशिष पांडा

भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष देवाशिष पांडा का कहना है कि नए नियामकीय ढांचे का जोर कारोबार सुगमता, अनुपालन का बोझ कम करने पर है। साथ ही बीमा उद्योग को उन क्षेत्रों में विस्तार करना होगा जहां कम सेवाएं दी गई हैं। बिज़नेस स्टैंडर्ड के सलाहकार संपादक तमाल बंद्योपाध्याय के साथ बातचीत […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

विकास यात्रा पर निकले भारत जितनी शानदार और दिलचस्प जगह कोई नहीं: अनंत नागेश्वरन

भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने बीएफएसआई इनसाइट समिट में बिज़नेस स्टैंडर्ड के सलाहकार संपादक तमाल बंद्योपाध्याय से अमेरिकी चुनाव परिणाम, जीडीपी वृद्धि, कृषि से लेकर अर्थव्यवस्था पर अपने निजी अनुभव तक तमाम मसलों पर बातचीत की। प्रमुख अंश… अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद हमने देखा कि […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

यूरोपीय नियामक की शर्तों पर रिजर्व बैंक ने अपनाया उचित रुख: RBI डिप्टी गवर्नर टी रविशंकर

भारतीय रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर टी रविशंकर ने बिज़नेस स्टैंडर्ड के सलाहकार संपादक तमाल बंद्योपाध्याय से बातचीत में कहा कि अमेरिकी चुनाव परिणाम के बाद की स्थिति में विनिमय दर में किसी भी तरह के अतिरिक्त उतार चढ़ाव को नियंत्रित करने को लेकर भारत पर्याप्त सक्षम है। संपादित अंश…. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव परिणाम […]

आज का अखबार, लेख

बैंकिंग साख: ऋणमाफी की सियासत से बिगड़ रही कर्जदारों की आदत

कुछ महीने पहले आम चुनाव के दौरान एक बड़ा बैंक किसी राज्य में किसानों और सूक्ष्म, लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयों को दिया कर्ज पूरी तरह नहीं वसूल पाया। वजह एक राजनीतिक दल था, जिसके कार्यकर्ताओं ने बैंक के वसूली एजेंटों को उस इलाके में घुसने ही नहीं दिया। मामला इतने पर ही खत्म नहीं […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

BS BFSI Summit: NBFC के ​खिलाफ हमारी कार्रवाई कोई सजा नहीं

BS BFSI Summit: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने मुद्रास्फीति पर लगाम कसने में नरमी से इनकार कर दिया। उन्होंने वृद्धि के बारे में आशावादी रहते हुए महंगाई को लेकर बड़े जोखिम का हवाला दिया। बिजनेस स्टैंडर्ड बीएफएसआई इनसाइट समिट के दौरान तमाल बंद्योपाध्याय के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि भारतीय वित्तीय […]

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