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लेखक : सुरिंदर सूद

आज का अखबार, लेख

खेती बाड़ी: रेशम उत्पादन में छिपीं तरक्की की संभावनाएं, 2030 तक चीन को पछाड़ने की तैयारी

रेशम कीड़ों के पालन और उनके कोकून से पैदा होने वाले रेशम फाइबर के उत्पादन में आई तेजी के कारण भारत 2030 तक रेशम और रेशम उत्पादों का प्रमुख उत्पादक देश बनने की ओर अग्रसर है। रेशम उत्पादन की प्रक्रिया को सेरीकल्चर कहा जाता है। वर्ष 2022-23 में अनुमानित रेशम उत्पादन 36,500 टन था, जिसके […]

आज का अखबार, लेख

खेती बाड़ी: जल संचयन, संरक्षण दूर करेंगे पानी की किल्लत

क्या भारत स्वाभाविक तौर पर पानी की किल्लत वाला देश रहा है? जब प्रत्येक वर्ष गर्मी में देश के कई हिस्से पानी की किल्लत का सामना करते हैं तो यह प्रश्न जरूर उभरता है। इसका कोई सीधा-सपाट उत्तर देना आसान नहीं है, क्योंकि इस विषय से जुड़े कई पहलू हैं जिनकी अलग-अलग व्याख्या हो सकती […]

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खेती बाड़ी: देश में मछली पालन में अपार संभावनाएं

भारत में मत्स्य पालन (Fisheries) या जलीय कृषि की तेज वृद्धि को अपेक्षित सराहना नहीं मिली है। पिछले एक दशक के दौरान जलीय कृषि फार्मों में मत्स्य एवं अन्य जलीय खाद्य उत्पादन में 80 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई है। देश में 2.8 करोड़ से अधिक लोग मछली पालन या जलीय कृषि से […]

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खेती बाड़ी: मधुमक्खी पालन से बढ़ता मुनाफा

भारत में तैयार होने वाले आधे से अधिक शहद के लिए विदेश में अच्छा-खासा तैयार बाजार मिल रहा है और मधुमक्खी पालन कृषि क्षेत्र के लिए एक लाभदायक निर्यात गतिविधि के तौर पर उभरा है। लगभग दो दशकों से शहद निर्यात की वृद्धि ने उत्पादन की वृद्धि को लगातार पीछे छोड़ा है। भारत इस प्राकृतिक […]

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खेती बाड़ी: भेड़-बकरियों की उत्पादकता का आधुनिकीकरण

भारत भले ही भेड़-बकरी के मांस का दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है, लेकिन पशुधन से जुड़े विकास कार्यक्रमों में इन छोटे लेकिन अत्यधिक मूल्यवान जानवरों की ज्यादातर उपेक्षा की जाती है। सरकारी अनुमानों से पता चलता है कि वर्ष 2022-23 में संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, मालदीव और ओमान जैसे देशों को भेड़ और […]

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खेती बाड़ी: नीतियां बदलें तो लौटे ‘पीली क्रांति’ की चमक

खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता हासिल करना केंद्र में सत्ता में आने वाली हर सरकार का प्रमुख एजेंडा रहा है, परंतु इस दिशा में कुछ खास प्रगति नहीं हुई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस साल अपने अंतरिम बजट भाषण में खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता के लिए रणनीति तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई है। […]

आज का अखबार, लेख

कैसे हो कृषक उत्पादक संगठन का विकास?

फसलों के बेहतर प्रबंधन के जरिये सीमांत और छोटे किसानों की आय बढ़ाने में कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। देश में इनका तेजी से प्रसार हो रहा है। केंद्र और राज्य सरकारें इनके विकास में गंभीरता से प्रयास करने लगी हैं। पूरे देश में इस समय लगभग 7,600 एफपीओ कार्यरत हैं […]

आज का अखबार, लेख

खेती बाड़ी: भविष्य के लिए सहेजना होगा भूजल

इस माह जारी भूजल स्रोत आकलन रिपोर्ट-2023 प्रथम दृष्टया इस महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन की ​​स्थिति पर आश्वस्त करने वाली तस्वीर पेश करती है। हालांकि रिपोर्ट में भूजल के बेतहाशा दोहन से उभरती चिंताजनक स्थिति और कई कृ​षि प्रधान एवं शहरी इलाकों में इसकी गुणवत्ता जैसे पहलुओं पर भी प्रकाश डाला गया है। रिपोर्ट से पता […]

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खेती बाड़ी: आर्थिक संभावनाओं से भरपूर कृषि वानिकी

आज जलवायु के अनुकूल खेती समय की मांग है। इसके लिए फसल उत्पादन और पशुपालन के साथ वृक्षों एवं झाडि़यों में उचित तालमेल बनाने की जरूरत है। तकनीकी रूप से इस तरह की खेती को कृषि वानिकी कहा जाता है। यह खेतों से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन कम करने में काफी मदद कर सकती है, […]

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जमीन के पट्‌टे के लिए चाहिए ठोस कानून

Agriculture क्षेत्र को दो सुधारों की तत्काल आवश्यकता है। इनमें से एक खेती की जोत और दूसरा जमीन के पट्‌टे को वैध बनाने से संबंधित है है। खेती की जमीन की सीमा तय करने की बात अपनी प्रासंगिकता खो चुकी है क्योंकि अधिकांश बड़ी जोत पहले ही कई पीढ़ियों के बाद छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट […]

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