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लाल किले की प्राचीर से बोले PM: देश अब छोटे सपनों से नहीं चलेगा, बड़े संकल्प के साथ ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ रहे हम80वां स्वतंत्रता दिवस: राजघाट पर बापू को नमन के बाद लाल किला पहुंचे PM मोदी, पहली बार वंदे मातरम गाया गयाअमेरिकी कोर्ट ने एंट्रिक्स के खिलाफ देवास का फैसला रखा बरकरार, 56.25 करोड़ डॉलर का अवॉर्ड कायमएअर इंडिया A320 का हाइड्रोलिक सिस्टम हुआ था फेल, 4 सेकंड तक नियंत्रण से बाहर रहा विमान: एयरबसमहिंद्रा का भारी ट्रकों पर बड़ा दांव, बाजार हिस्सेदारी 5% करनी की तैयारी; नई डीलरशिप जोड़ेगी कंपनीAMCA लड़ाकू विमान के लिए रिलायंस और रोल्स-रॉयस ने मिलाया हाथ, भारत में बनेगा फाइटर जेट इंजनवैश्विक पटल पर चमका भारत, प्यू रिसर्च के सर्वे में दुनिया के कई देशों ने जताई सकारात्मक रायस्वतंत्रता दिवस पर घूमने का बढ़ा क्रेज, होटल बुकिंग 20% तक बढ़ी; युवाओं में ट्रैवल का जोशलंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की मांग बढ़ी, ब्याज दर स्थिर रहने की उम्मीद से मिला सहारावीकेंड पर भारी डिस्काउंट व ग्राहकों के बेहतर मूड से अच्छी खरीदारी की उम्मीद, रिटेलरों को मजबूत बिक्री का भरोसा

लेखक : श्याम सरन

आज का अखबार, लेख

डॉलर या ब्रिक्स+ की यूनिट आखिर क्या करे भारत?

इस अखबार के स्तंभों में चीन की वित्त तथा मुद्रा से जुड़ी दिक्कतों पर नियमित रूप से लिखा गया है। चीन अमेरिकी डॉलर के दबदबे वाली अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तथा मुद्रा प्रणालियों के विकल्पों को बढ़ावा देने में जुटा है। यह काम एक साथ कई तरीकों से हो रहा है। चीन ने सबसे पहले अपने यहां […]

आज का अखबार, लेख

लोकतंत्र विरोधी मुहिम का भारत पर असर

अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद वहां की सरकारी अफसरशाही के लगभग सभी स्तंभ ढहते जा रहे हैं और इस काम में उनका साथ दे रहे हैं अरबपति कारोबारी ईलॉन मस्क। मस्क नए सरकारी दक्षता विभाग या डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डोज) के मुखिया हैं। यह समझना जरूरी है कि अमेरिका में […]

आज का अखबार, लेख

दुनिया में उथल-पुथल मचाने वाली ट्रंप की नीतियां

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने चुनाव अभियान के दौरान काफी आक्रामक थे और कई मुद्दों पर आर या पार करने के संकेत दे रहे थे। उस समय किसी को लगा हो कि ट्रंप के बयान महज चुनावी जुमले और दांव-पेच थे तो उसे ऐसे ख्याल तुरंत छोड़ देने चाहिए। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप के टैरिफ युद्ध से बचने की चीनी जुगत और भारत

चीन की सालाना सेंट्रल इकनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस (सीईडब्ल्यूसी) आम तौर पर साल के आखिर में होती है। इसका बेसब्री से इंतजार रहता है क्योंकि इससे पता चलता है कि चीनी नेतृत्व को गुजरते साल में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन कैसा लगा और आगे की चुनौतियों से निपटने के लिए वह क्या कदम उठाएगा। इस साल सीईडब्ल्यूसी […]

आज का अखबार, लेख

चीन में सुधारों की शुरुआत की कथा

पचास वर्ष पहले अगस्त के एक उमस भरे दिन मैं हॉन्गकॉन्ग से चीन की राजधानी पेइचिंग जा रहा था। एक कनिष्ठ राजनयिक के रूप में यह मेरा पहला काम था। हॉन्गकॉन्ग उस समय तक ब्रिटिश उपनिवेश था और हॉन्गकॉन्ग से कोई सीधी उड़ान नहीं थी। वहां से चीन जाने के लिए एक जलधारा पर बना […]

आज का अखबार, लेख

सऊदी अरब की महत्त्वाकांक्षा भरी तकनीकी छलांग

वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं में अग्रणी देशों की बात करें तो आम तौर पर सऊदी अरब का ध्यान नहीं आता। उसकी छवि अब भी अर्द्ध सामंती, रूढ़िवादी समाज की ही बनी हुई है, जहां वंशवादी राजशाही का शासन है। लेकिन हकीकत काफी अलग है। वली अहद यानी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के प्रधानमंत्री बनने […]

आज का अखबार, लेख

भारत की वैश्विक भूमिका और विकास की चुनौती: क्या 2047 तक पूरा होगा ‘विकसित’ अर्थव्यवस्था का सपना?

भारत अब भी विकासशील देश की पहचान से बाहर नहीं निकल पाया है। इसकी प्रति व्यक्ति आय 2,500 डॉलर है, जो आय एवं धन में व्यापक असमानता की तरफ इशारा करती है। मानव विकास सूचकांक में भारत इस समय 193 देशों में 134वें स्थान पर है। मानव विकास सूचकांक किसी देश की आबादी के सामाजिक […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिकी चुनाव के बीच भारत की रणनीति काफी अहम, सहज और परिपक्व प्रतिक्रिया से मिलेगी मजबूती

कमला हैरिस नवंबर में अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में औपचारिक रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रत्याशी घोषित हो चुकी हैं। शिकागो में डेमोक्रेटिक पार्टी का सम्मेलन हैरिस के सफल अभियान के शिखर पर पहुंचने का साक्षी बन गया है। कुछ हफ्तों पहले तक हैरिस की पहचान एक मामूली राजनेता और कम प्रभावशाली उप […]

आज का अखबार, लेख

महाशक्ति के दर्जे के लिए एक नया एजेंडा

नई सरकार का गठन इस बात का अवसर है कि देश की आर्थिक रणनीतियों की समीक्षा की जाए। सालाना बजट जल्दी ही सदन में पेश किया जाएगा। बजट में ऐसी आर्थिक नीति पेश की जानी चाहिए जो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल करने का प्रयास करें, जो भारत की आजादी की सौवीं वर्षगांठ […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: नई सरकार के सामने भूराजनीतिक चुनौतियां

एक अप्रैल से 1 जून, 2024 तक विस्तारित आम चुनाव की प्रक्रिया के दौरान लाजिमी ही है कि लोगों का ध्यान बाहरी दुनिया के बजाय घरेलू राजनीतिक घटनाक्रम पर केंद्रित हो जाए। देश में बनने वाली अगली सरकार के सामने एक ऐसा अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य होगा जो 1 अप्रैल से तब तक बहुत बदल चुका होगा। […]

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