मजबूत चीन, कमजोर अंदरूनी हालात: सीपीसी की बैठक ने खोले बड़े राजनीतिक संकेत
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की 20वीं केंद्रीय समिति (सीसी) का चौथा पूर्ण अधिवेशन 23 से 25 अक्टूबर 2025 तक पेइचिंग में आयोजित किया गया। यह अधिवेशन कई मायनों में महत्त्वपूर्ण था क्योंकि इसमें ‘आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिए 15वीं पंचवर्षीय योजना (एफवाईपी) 2026-2030 तैयार करने से संबंधित सिफारिशें स्वीकार कर ली गईं’। पूर्ण […]
पेरिस शिखर सम्मेलन के एक दशक बाद, बिखर गए दुनिया के जलवायु वादे
आज से 33 वर्ष पहले 1992 में मैं भी उस भारतीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा था जो रियो डी जेनेरियो में अंतिम दौर की वार्ता में शामिल हुआ। यह संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क सम्मेलन (यूएनएफसीसीसी) के रूप में सामने आया। यह वैश्विक जलवायु परिवर्तन के आसन्न संकट से निपटने का एक बहुपक्षीय प्रयास था। विकासशील […]
नेपाल की उथल-पुथल, भारत के लिए सबक: दक्षिण एशियाई एकीकरण पर पुनर्विचार
हाल ही में श्रीलंका, बांग्लादेश और नेपाल में हुई हिंसक घटनाओं का एक बड़ा कारण युवा पीढ़ी के लिए विकास और रोजगार के अवसरों की कमी रहा है। यह युवा पीढ़ी अधिक शिक्षित है, क्षेत्रीय और वैश्विक रुझानों से अधिक परिचित है और इंटरनेट एवं सोशल मीडिया की बदौलत आपस में और व्यापक दुनिया के […]
यूरोप से सबक: ‘अंगूठी चूमने’ से डॉनल्ड ट्रंप का समर्थन नहीं मिलता
एक बाहरी पर्यवेक्षक के लिए यह देखना कष्टप्रद था कि गत सोमवार को वाॅशिंगटन में यूक्रेन मुद्दे को लेकर हुई बैठक में दुनिया के कुछ सर्वाधिक ताकतवर देशों के नेता अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के समक्ष चापलूसी का प्रदर्शन कर रहे थे। इस बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमिर जेलेंस्की के अलावा सात अन्य प्रमुख […]
शुल्क, धमकियां और ट्रंप: अमेरिकी धौंस के आगे बिल्कुल न झुके भारत
पिछला एक हफ्ता भारत की आंखें खोलने वाला रहा है। राष्ट्रपति के तौर पर डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीदें उस समय चकनाचूर हो गईं, जब ट्रंप ने अपने ‘मित्र’ भारत पर 25 फीसदी शुल्क लगाने का ऐलान कर डाला। यही नहीं उन्होंने […]
चीन को दोबारा महान बना रहे हैं डॉनल्ड ट्रंप
वर्ष 2023 और 2024 में चीन की यात्रा के दौरान मेरे चीनी वार्ताकारों के बीच अपेक्षाकृत शांत और निराशावादी माहौल था। चीन की अर्थव्यवस्था डांवाडोल थी। ऐसा उसके संपत्ति क्षेत्र में आए संकट की बदौलत था। विगत चार दशकों से वही चीन की वृद्धि का मुख्य इंजन था। चीन की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि में […]
समुद्री लक्ष्यों पर असमंजस: भारत को सागर संरक्षण में आगे आना होगा
इंसान भले ही जमीन पर रहते हैं लेकिन मानवता का मूल गहरे समुद्र में है। सन 1967 में जब दुनिया ऐतिहासिक समुद्री कानून पर बातचीत कर रही थी तब माल्टा के राजनयिक अरविड प्राडो ने कहा था, ‘समुद्र ही वह कोख है, जहां से जीवन आया। महफूज रखने वाले इस समुद्र से ही जीवन निकला। […]
दूसरे विश्व युद्ध के बाद की विश्व व्यवस्था
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 7 से 10 मई तक मॉस्को की महत्त्वपूर्ण यात्रा पर थे। 2012 में पद संभालने के बाद से यह उनकी 11वीं रूस यात्रा थी। वह विक्ट्री डे यानी विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत संघ और चीन समेत […]
आंबेडकर की विरासत और भारत की मुक्ति का मार्ग
भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को उनके सम्मान में देश भर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया। राजनीतिक दलों में लंबे समय से इस बात को लेकर होड़ रही है कि वे ही उनकी राजनीतिक विरासत की सच्ची वारिस हैं। उनकी प्रशंसा के गीत गाना […]
टैरिफ से उथल-पुथल और भूराजनीतिक हालात
राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अधीन अमेरिका ने दो अप्रैल को नया ‘लिबरेशन डे’ घोषित करते हुए अमेरिका के तमाम कारोबारी साझेदारों पर ‘जवाबी’ शुल्क लगा दिया है। इन टैरिफ तथा अमेरिका और विश्व अर्थव्यवस्था पर उनके आर्थिक और वाणिज्यिक प्रभावों का जहां व्यापक अध्ययन किया जा रहा है वहीं अमेरिका के इस ताजा कदम के […]









