facebookmetapixel
Advertisement
सोने पर 15% ड्यूटी से क्या घटेगा भारत का ट्रेड डेफिसिट? जानिए क्यों इतना आसान नहीं है यह गणिततेल संकट के बीच सरकार का बड़ा दावा! 4 साल से नहीं बढ़े पेट्रोल-डीजल के दामMSCI Index में बड़ा फेरबदल! Adani Energy और MCX की एंट्री, RVNL बाहरAirtel Q4 Results: मुनाफे में 33.5% की भारी गिरावट, ₹7,325 करोड़ पर आया नेट प्रॉफिटDA Hike: सरकार का बड़ा तोहफा! रेलवे कर्मचारियों और पेंशनर्स का DA बढ़ा, सैलरी में होगा सीधा असरस्मार्ट लाइटिंग से चमकेगा भारत! 2031 तक 24 अरब डॉलर पार करेगा स्मार्ट होम मार्केटकैबिनेट का बड़ा फैसला, नागपुर एयरपोर्ट बनेगा वर्ल्ड क्लास हब; यात्रियों को मिलेंगी नई सुविधाएंKharif MSP 2026: खरीफ फसलों की MSP में इजाफा, धान का समर्थन मूल्य ₹72 बढ़ाFMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड के नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’

लेखक : श्याम सरन

आज का अखबार, लेख

शुल्क, धमकियां और ट्रंप: अमेरिकी धौंस के आगे बिल्कुल न झुके भारत

पिछला एक हफ्ता भारत की आंखें खोलने वाला रहा है। राष्ट्रपति के तौर पर डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचने की उम्मीदें उस समय चकनाचूर हो गईं, जब ट्रंप ने अपने ‘मित्र’ भारत पर 25 फीसदी शुल्क लगाने का ऐलान कर डाला। यही नहीं उन्होंने […]

आज का अखबार, लेख

चीन को दोबारा महान बना रहे हैं डॉनल्ड ट्रंप

वर्ष 2023 और 2024 में चीन की यात्रा के दौरान मेरे चीनी वार्ताकारों के बीच अपेक्षाकृत शांत और निराशावादी माहौल था। चीन की अर्थव्यवस्था डांवाडोल थी। ऐसा उसके संपत्ति क्षेत्र में आए संकट की बदौलत था। विगत चार दशकों से वही चीन की वृद्धि का मुख्य इंजन था। चीन की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि में […]

आज का अखबार, लेख

समुद्री लक्ष्यों पर असमंजस: भारत को सागर संरक्षण में आगे आना होगा

इंसान भले ही जमीन पर रहते हैं लेकिन मानवता का मूल गहरे समुद्र में है। सन 1967 में जब दुनिया ऐतिहासिक समुद्री कानून पर बातचीत कर रही थी तब माल्टा के राजनयिक अरविड प्राडो ने कहा था, ‘समुद्र ही वह कोख है, जहां से जीवन आया। महफूज रखने वाले इस समुद्र से ही जीवन निकला। […]

आज का अखबार, लेख

दूसरे विश्व युद्ध के बाद की विश्व व्यवस्था

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 7 से 10 मई तक मॉस्को की महत्त्वपूर्ण यात्रा पर थे। 2012 में पद संभालने के बाद से यह उनकी 11वीं रूस यात्रा थी। वह विक्ट्री डे यानी विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि थे। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सोवियत संघ और चीन समेत […]

आज का अखबार, लेख

आंबेडकर की विरासत और भारत की मुक्ति का मार्ग

भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार बाबासाहेब आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को उनके सम्मान में देश भर में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया। राजनीतिक दलों में लंबे समय से इस बात को लेकर होड़ रही है कि वे ही उनकी राजनीतिक विरासत की सच्ची वारिस हैं। उनकी प्रशंसा के गीत गाना […]

आज का अखबार, लेख

टैरिफ से उथल-पुथल और भूराजनीतिक हालात

राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के अधीन अमेरिका ने दो अप्रैल को नया ‘लिबरेशन डे’ घोषित करते हुए अमेरिका के तमाम कारोबारी साझेदारों पर ‘जवाबी’ शुल्क लगा दिया है। इन टैरिफ तथा अमेरिका और विश्व अर्थव्यवस्था पर उनके आर्थिक और वाणिज्यिक प्रभावों का जहां व्यापक अध्ययन किया जा रहा है वहीं अमेरिका के इस ताजा कदम के […]

आज का अखबार, लेख

डॉलर या ब्रिक्स+ की यूनिट आखिर क्या करे भारत?

इस अखबार के स्तंभों में चीन की वित्त तथा मुद्रा से जुड़ी दिक्कतों पर नियमित रूप से लिखा गया है। चीन अमेरिकी डॉलर के दबदबे वाली अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तथा मुद्रा प्रणालियों के विकल्पों को बढ़ावा देने में जुटा है। यह काम एक साथ कई तरीकों से हो रहा है। चीन ने सबसे पहले अपने यहां […]

आज का अखबार, लेख

लोकतंत्र विरोधी मुहिम का भारत पर असर

अमेरिका में डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद वहां की सरकारी अफसरशाही के लगभग सभी स्तंभ ढहते जा रहे हैं और इस काम में उनका साथ दे रहे हैं अरबपति कारोबारी ईलॉन मस्क। मस्क नए सरकारी दक्षता विभाग या डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डोज) के मुखिया हैं। यह समझना जरूरी है कि अमेरिका में […]

आज का अखबार, लेख

दुनिया में उथल-पुथल मचाने वाली ट्रंप की नीतियां

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने चुनाव अभियान के दौरान काफी आक्रामक थे और कई मुद्दों पर आर या पार करने के संकेत दे रहे थे। उस समय किसी को लगा हो कि ट्रंप के बयान महज चुनावी जुमले और दांव-पेच थे तो उसे ऐसे ख्याल तुरंत छोड़ देने चाहिए। राष्ट्रपति पद की शपथ लेने […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप के टैरिफ युद्ध से बचने की चीनी जुगत और भारत

चीन की सालाना सेंट्रल इकनॉमिक वर्क कॉन्फ्रेंस (सीईडब्ल्यूसी) आम तौर पर साल के आखिर में होती है। इसका बेसब्री से इंतजार रहता है क्योंकि इससे पता चलता है कि चीनी नेतृत्व को गुजरते साल में अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन कैसा लगा और आगे की चुनौतियों से निपटने के लिए वह क्या कदम उठाएगा। इस साल सीईडब्ल्यूसी […]

1 2 3 4 5
Advertisement
Advertisement