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लेखक : असित रंजन मिश्र

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

वित्त वर्ष 2026 में राजकोषीय घाटा 4.4% पर रखने की तैयारी, आर्थिक वृद्धि पर गहराया दबाव

निजी पूंजीगत खर्च में नरमी के बीच राजकोषीय घाटे को कम करने पर सरकार के जोर से वृद्धि की रफ्तार प्रभावित होने की चिंता बनी हुई है। इस बीच माना जा रहा है कि सरकार वित्त वर्ष 2026 के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.4 फीसदी पर रोकने का लक्ष्य […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, कानून

‘देश 20वीं सदी के संपदा कर को अपनाए’

फ्रांसीसी अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी ने कहा कि सभी देशों को 20वीं सदी के दौरान यूरोप में प्रचलित रहे वृद्धिशील संपदा कर (वेल्थ टैक्स) को अपनाना चाहिए और वैश्विक संदर्भ में ऐसा ही कर का ढांचा तैयार करना चाहिए। उन्होंने ईमेल के जरिये एक सवाल के जवाब में कहा, ‘यूरोप के कई देशों में 20वीं सदी […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, वित्त-बीमा

‘रिजर्व बैंक को करना है संतुलन साधने का कठिन काम’

रोजमर्रा के इस्तेमाल का सामान बनाने वाली कंपनी इमामी के उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक हर्ष वर्धन अग्रवाल ने बीते महीने भारतीय वाणिज्य और उद्योग महासंघ (फिक्की) के अध्यक्ष का कार्यभार संभाला। अग्रवाल ने अक्षरा श्रीवास्तव और असित रंजन मिश्र को नई दिल्ली में दिए साक्षात्कार में कई विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अमेरिका […]

अर्थव्यवस्था

भारत में अधिक वृद्धि के साथ तेजी से घटेगी गरीबी

फ्रांस के अर्थशास्त्री थॉमस पिकेटी आर्थिक असमानता, धन वितरण और पूंजीवाद पर अपने अभूतपूर्व शोध के लिए जाने जाते हैं। वह पेरिस स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स के प्रोफेसर और वहां वर्ल्ड इनइक्वैलिटी लैब (डब्ल्यूआईएल) एवं वर्ल्ड इनइक्वैलिटी डेटाबेस (डब्ल्यूआईडी) के सह-संस्थापक भी रहे हैं। पिकेटी के शोध ने वैश्विक स्तर पर एक नई बहस की शुरुआत […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

New RBI Governor: रिजर्व बैंक को मिलेगा मृदुभाषी मल्होत्रा के अनुभवों का लाभ

राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने 7 नवंबर को उद्योग संगठनों की बजट पूर्व प्रस्तुतियों को पूरी तन्मयता से सुना और इसके बाद उन्होंने उनकी बजट पूर्व सिफारिशों को प्राप्त किया। किसी को अनुमान भी नहीं था कि मृदु भाषी मल्होत्रा बजट बनाने की प्रक्रिया को छोड़कर भारतीय रिजर्व बैंक के अगले गवर्नर बनने जा रहे […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, भारत

अब नहीं आएंगे गोल्ड बॉन्ड! वित्तीय बोझ कम करने की तैयारी

सरकार अपना कर्ज कम करने पर ध्यान दे रही है। इसी क्रम में वित्त मंत्रालय अगले वित्त वर्ष (2025-26) से सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड बंद करने पर विचार कर रहा है। एक वरिष्ठ सरकारी अ​धिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘सरकार को सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड के निवेशकों को परिपक्वता अव​धि पूरी होने […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार, कंपनियां, समाचार

नागेश्वरन ने चेताया, कर्मचारियों का कम वेतन कंपनी जगत और अर्थव्यवस्था के लिए हो सकता है आत्मघाती

भारतीय कंपनी जगत द्वारा कर्मचारियों को अपेक्षाकृत कम वेतन दिए जाने की बढ़ती चिंता पर वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने आज कहा कि इसका उपभोक्ता मांग पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही यह कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए भी आत्मघाती हो सकता है। विश्लेषकों ने जुलाई-सितंबर तिमाही में […]

आज का अखबार, बैंक, वित्त-बीमा

बैंकिंग संशोधन विधेयक पारित, बैंकों के कामकाज में सुधार और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के प्रावधान पर जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 को आज लोक सभा में मंजूरी मिल गई। इस विधेयक का उद्देश्य निवेशकों के हितों की सुरक्षा को सुदृढ़ करना, ग्राहक ​शिकायत और बैंकों के संचालन मानकों में सुधार लाना है। विधेयक में बैंकों से संबं​धित 19 संशोधन का प्रस्ताव किया गया है। इनमें […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

भारत का जीडीपी वृद्धि अनुमान घटाया, वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में तेजी की उम्मीद

आर्थिक अनुमान जाहिर करने वाली एजेंसियों ने वित्त वर्ष 2025 के लिए भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के अपने अनुमान में भारी कटौती की है। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि 5.4 फीसदी रही, जो पिछली सात तिमाहियों में सबसे कम थी। इसे देखते हुए रेटिंग एजेंसियों […]

अर्थव्यवस्था, आज का अखबार

धीमी पड़ी अर्थव्यवस्था की रफ्तार, वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 5.4 फीसदी रही; 7 तिमाही में सबसे कम

वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में देश की आ​र्थिक वृद्धि दर में अनुमान से ज्यादा कमी आई है। दूसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 5.4 फीसदी रही जो सात तिमा​ही में सबसे कम है। इस आंकड़े ने विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया क्योंकि वे वृद्धि दर 6.5 फीसदी […]

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