facebookmetapixel
Advertisement
AI एक्सपो में दिखी भारत की तकनीकी ताकत, पीएम बोले भविष्य यहीं से तय होगाInfosys ने एआई कंपनी Anthropic से मिलाया हाथ, शेयर 3% उछला; डील से क्या फायदा होगा?AI Impact Summit 2026, Day 2: नीति और टेक्नोलॉजी पर चर्चा, जानें आज क्या कुछ होगा खासग्लोबल साउथ को अपने डाटा से खुद के AI मॉडल बनाने चाहिए: अमिताभ कांतClean Max Enviro IPO: अगले हफ्ते खुल रहा ₹3100 करोड़ का आईपीओ, प्राइस बैंड हुआ फाइनल; चेक करें सभी डिटेल्सAadhaar Card New Design: सिर्फ फोटो और QR कोड के साथ आएगा नया आधार? जानें पूरा अपडेटक्या बदल जाएगी ‘इंडस्ट्री’ की कानूनी परिभाषा? सुप्रीम कोर्ट की 9 जजों की बेंच करेगी समीक्षाGold-Silver Price Today: सोने में 1,000 से ज्यादा की गिरावट, चांदी भी लुढ़की; खरीदारी से पहले आज के रेटDefence stock: रॉकेट बना डिफेंस कंपनी का शेयर, 7% तक आई तेजी; रक्षा मंत्रालय से मिला ₹5,000 करोड़ का ऑर्डरNRI का भारत पर भरोसा बढ़ा, हेल्थ इंश्योरेंस खरीद में 126% की रिकॉर्ड छलांग

New RBI Governor: रिजर्व बैंक को मिलेगा मृदुभाषी मल्होत्रा के अनुभवों का लाभ

Advertisement

संजय मल्होत्रा का राजस्व सचिव से लेकर नियामक की भूमिका तक का सफर

Last Updated- December 09, 2024 | 10:43 PM IST
RBI MPC Meet: Big announcement by new Governor Sanjay Malhotra, Repo Rate cut by 0.25% after five years नए गवर्नर संजय मल्होत्रा का बड़ा ऐलान, पांच साल बाद Repo Rate में 0.25% की कटौती

राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने 7 नवंबर को उद्योग संगठनों की बजट पूर्व प्रस्तुतियों को पूरी तन्मयता से सुना और इसके बाद उन्होंने उनकी बजट पूर्व सिफारिशों को प्राप्त किया। किसी को अनुमान भी नहीं था कि मृदु भाषी मल्होत्रा बजट बनाने की प्रक्रिया को छोड़कर भारतीय रिजर्व बैंक के अगले गवर्नर बनने जा रहे हैं।

मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह आठ महीने वित्तीय सेवा विभाग में सचिव रहे और फिर 1 दिसंबर, 2022 को राजस्व सचिव नियुक्त हुए। मल्होत्रा ने बैंकिंग और गैर बैंकिंग क्षेत्र का कुछ समय तक ही दायित्व संभाला है लेकिन अब वे इस क्षेत्र के नियामक की भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नार्थ ब्लॉक में अपनी सेवाएं देने से पहले ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक और विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर कार्य किया था।

मल्होत्रा ने राजस्व सचिव की भूमिका निभाने के दौरान कई महत्त्वपूर्ण फैसले लिए थे। इस क्रम में इस साल के बजट में पूंजीगत लाभ कर को युक्तिसंगत बनाना, नई कर व्यवस्था अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए कर स्लैब को युक्तिसंगत बनाना और अप्रत्याशित लाभ कर को हटाना प्रमुख फैसले हैं। अप्रत्याशित कर लाभ हटाने से तेल शोधन उद्योग को खासी राहत मिली है।

उन्होंने ऑनलाइन गेम्स पर 28 फीसदी कर लगाने के मामले में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक में राज्यों और केंद्र सरकार के हितों में सामंजस्य स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने वर्ष 2013 से 2018 के दौरान ज्यादातर अपने होम कैडर के विभागों में कार्य किया। इन विभागों में खनन, वाणिज्यिक कर, सूचना प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और राजस्व विभाग शामिल हैं।

इस दौरान मल्होत्रा ने विदेश में नियुक्ति के दौरान उपसचिव पद पर संयुक्त राष्ट्र के औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के परियोजना समन्वयक के रूप में कार्य किया। उन्होंने वर्ष 2000 से 2003 के दौरान अंतरिक्ष और एमएसएमई राज्य मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्य किया।

मल्होत्रा ने कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) से कंप्यूटर साइंस में डिग्री हासिल की है। उन्होंने अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में परास्नातक किया है। राजस्व सचिव ने अपने हालिया सार्वजनिक संबोधनों में से एक 4 दिसंबर को राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि ‘सोने के अंडे देने वाली मुर्गी को ही मारने की कोशिश न करें’। उन्होंने वाणिज्यिक धोखाधड़ी के मामले में भारी कर नोटिस जारी करने से पहले अर्थव्यवस्था का ध्यान रखने की हिदायत दी थी।

Advertisement
First Published - December 9, 2024 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement