Accenture Results: जब पूरी दुनिया में IT सेक्टर पर दबाव है, जेन AI और जियोपॉलिटिकल तनाव से अनिश्चितता बनी हुई है, ऐसे समय में Accenture ने उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश कर सभी को चौंका दिया। कंपनी का रेवेन्यू 8 प्रतिशत बढ़कर 18 अरब डॉलर पहुंच गया, जो बाजार के अनुमान से ज्यादा है। यह साफ संकेत है कि मुश्किल दौर में भी बड़ी IT कंपनियां खुद को संभाले हुए हैं।
कंपनी के कंसल्टिंग बिजनेस में 3 प्रतिशत की ग्रोथ रही, जबकि आउटसोर्सिंग सेगमेंट ने 5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। नए ऑर्डर भी बढ़े, लेकिन यहां थोड़ी सुस्ती दिखी। यानी डिमांड बनी हुई है, लेकिन तेजी उतनी मजबूत नहीं है जितनी पहले थी। फिर भी, बड़े डील्स और लंबे प्रोजेक्ट्स पर कंपनियां खर्च कर रही हैं, जो सेक्टर के लिए राहत की बात है।
Accenture की पूरी रणनीति अब AI के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। कंपनी ने साफ कहा है कि AI उसकी ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बन रहा है। नए डील्स, मार्केट शेयर और भविष्य के मौके, सब कुछ AI से जुड़ता दिख रहा है। यही वजह है कि कंपनी तेजी से AI में निवेश और भर्ती बढ़ा रही है।
सबसे बड़ी बात यह रही कि Accenture ने पूरे साल के लिए अपना ग्रोथ अनुमान बढ़ा दिया। अब कंपनी को 4 से 6 प्रतिशत की ग्रोथ की उम्मीद है। ऐसे समय में गाइडेंस बढ़ाना, जब बाजार कमजोर है, अपने आप में बड़ा संकेत है कि कंपनी को आगे भी भरोसा है।
Accenture ने AI, डेटा सेंटर, साइबर सिक्योरिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाने की योजना बनाई है। AI से जुड़े कर्मचारियों की संख्या 85 हजार के पार पहुंच चुकी है और अब इसे और बढ़ाया जाएगा। कंपनी ने अधिग्रहण पर खर्च का लक्ष्य भी बढ़ाकर 5 अरब डॉलर कर दिया है, जो इसके आक्रामक विस्तार को दिखाता है।
नुवामा की रिपोर्ट के मुताबिक, Accenture का यह प्रदर्शन भारतीय IT कंपनियों के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है। जब ग्लोबल लीडर मजबूत दिखता है, तो इसका असर पूरे सेक्टर पर पड़ता है। रिपोर्ट का मानना है कि AI आने वाले समय में IT सेक्टर के लिए बहुत बड़ा मौका बन सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।)