Iran Israel War: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि इजराइल ईरान के एनर्जी स्ट्रक्चर पर आगे हमले से बचेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में गैस ठिकानों पर हमलों के बाद ऊर्जा कीमतों में तेज उछाल देखा गया। बुधवार को इजराइली जेट्स द्वारा ईरान के साउथ पार्स गैस क्षेत्र और उससे जुड़े ढांचे पर बमबारी के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित क्षेत्र के कई तेल और गैस ठिकानों पर हमले किए, जिससे कच्चे तेल और गैस की कीमतें और बढ़ गईं।
इस बमबारी के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भी नाराजगी जताई। उन पर इस युद्ध को खत्म करने का दबाव बढ़ रहा है, जो अब तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, नेतन्याहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इस हमले में इजराइल ने अकेले कार्रवाई की थी,” और यह भी जोड़ा कि ट्रंप के कहने पर उनका देश इस साइट पर आगे हमला नहीं करेगा। ईरान के जवाबी हमलों से कतर में दुनिया के सबसे बड़े एलएनजी एक्सपोर्ट प्लांट को “भारी नुकसान” हुआ। कतर एनर्जी के अनुसार इससे सालाना लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है और इसे ठीक करने में पांच साल तक लग सकते हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि ईरान अगर कतर पर हमले जारी रखता है तो अमेरिका “पूरे साउथ पार्स गैस क्षेत्र को तबाह कर देगा।” ट्रंप ने कहा, “मैंने उनसे कहा ऐसा मत करो, और वह ऐसा नहीं करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और इजराइल के संबंध मजबूत हैं और दोनों में तालमेल है।
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नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इजराइल अमेरिका की मदद कर रहा है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सके, हालांकि उन्होंने विस्तार से जानकारी नहीं दी। युद्ध के बाद सहयोगी देशों को ऐसे पाइपलाइन बनाने पर ध्यान देना चाहिए जो इन रणनीतिक मार्गों पर निर्भरता कम करें।
नेतन्याहू ने दावा किया कि लगभग तीन हफ्तों के युद्ध के बाद ईरान अब यूरेनियम संवर्धन या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा, “हम उनके औद्योगिक ढांचे को खत्म कर रहे हैं, जैसा पहले कभी नहीं किया।” हालांकि उन्होंने युद्ध खत्म होने की कोई समयसीमा नहीं बताई, लेकिन संकेत दिया कि यह संघर्ष अपेक्षा से जल्दी खत्म हो सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि यह युद्ध लोगों की सोच से कहीं ज्यादा जल्दी खत्म हो सकता है।”