ईरान ने अपने एक प्रमुख गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के जवाब में गुरुवार को खाड़ी देशों में तेल और गैस के प्रतिष्ठानों पर हमले बढ़ा दिए और इस तरह युद्ध की स्थिति गहराती जा रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है। इन हमलों के बाद ईंधन के दामों में तेजी से वृद्धि हुई और ईरान के पड़ोसी अरब देशों के सीधे संघर्ष के दायरे में आने का खतरा बढ़ गया है।
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के लगातार अवरोधों के कारण पहले से दबाव में बनी हुई वैश्विक आपूर्ति ईरान के इन हमलों से और अधिक दबाव में आ रही है। इस क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के तट के पास एक जहाज में आग लगा दी गई और कतर के पास एक अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हो गया। एक ईरानी ड्रोन से लाल सागर में स्थित सऊदी अरब की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया।
इजरायल और अमेरिका द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर हमलों के साथ युद्ध शुरू होने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत 118 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। तेल के अंतरराष्ट्रीय मानक ‘ब्रेंट क्रूड’ की कीमत युद्ध शुरू होने के बाद से 60 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई है। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के हमलों की निंदा की। अरब लीग के महासचिव अहमद अबूल घीत ने इसे खतरनाक तरीके से उकसावे वाला बताया।
सऊदी अरब ने बताया कि एक ड्रोन ने लाल सागर के किनारे स्थित बंदरगाह शहर यानबू में देश की एसएएमआरईएफ रिफाइनरी पर गुरुवार को हमला किया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है लेकिन उसने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। यह हमला कुवैत की दो तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद हुआ। ईरान ने फारस की खाड़ी में ‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर बुधवार को किए गए इजरायली हमले के जवाब में ये हमले किए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने आश्वासन दिया कि इजरायल ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ पर और हमले नहीं करेगा लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि अगर ईरान ने कतर पर फिर हमला किया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और उस ‘पूरे क्षेत्र को उड़ा देगा।’
उधर पेंटागन ने ईरान युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर का अतिरिक्त कोष मांगा है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने इन हमलों के ऐसे ‘अनियंत्रित परिणाम’ होने की चेतावनी दी, जो ‘पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकते हैं।’