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लेखक : अमिता बत्रा

आज का अखबार, लेख

यूरोपीय संघ पूर्व की ओर देख रहा है: भारत-ईयू एफटीए पूरा करने का माकूल समय

तेजी से बदल रहे भू-राजनीतिक और व्यापारिक परिदृश्य में यूरोपीय संघ (ईयू) अमेरिका से इतर वैकल्पिक भागीदारों की तलाश में अपनी व्यापार नीति को एक नई दिशा देने में सबसे सक्रिय अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। वर्ष 2025 में राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के सत्ता में आने के जोखिमों को भांपते हुए ईयू ने एहतियाती […]

आज का अखबार, लेख

अमेरिकी टैरिफ के झटके से निपटने के लिए व्यापक और रचनात्मक नीति सुधार जरूरी

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की राजनीति प्रेरित व्यापार नीति के चलते करीब एक महीने पहले भारत के निर्यात पर 50 फीसदी का असाधारण रूप से ऊंचा शुल्क लगाने की घोषणा की गई। अब जबकि जुर्माने वाला शुल्क लागू हो चुका है तो भारतीय निर्यातकों को ट्रंप-पुतिन-जेलेंस्की की बैठकों तथा अमेरिका के साथ स्थगित व्यापार वार्ता […]

आज का अखबार, लेख

बहुपक्षीय समझौते WTO की प्रासंगिकता बनाए रखने में हो सकते हैं सहायक

इस महीने के आरंभ में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवेला ने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स में अपने भाषण में जोर देकर कहा कि बहुपक्षीय संस्थानों के पक्ष में बोलने की आवश्यकता है। खासतौर पर तब जबकि दबदबे वाली फंडिंग अर्थव्यवस्था ने इसकी आवाज और प्रासंगिकता को दबाने की ठानी है। उनका वक्तव्य […]

आज का अखबार, लेख

वैश्विक व्यापार संचालन में नयापन लाने का वक्त

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा जवाबी शुल्क के क्रियान्वयन पर 90 दिन के स्थगन की घोषणा में से तकरीबन 60 दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से लगभग रोज ही मित्र और अमित्र राष्ट्रों तथा अमेरिकी कंपनियों को नित नई टैरिफ संबंधी धमकी दी जा रही है। इस अनिश्चित व्यापार नीति […]

आज का अखबार, लेख

बराबरी का शुल्क और भारत के पास विकल्प

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने दूसरी बार सत्ता संभालते ही जो सबसे अहम मगर उथल-पुथल मचाने वाली घोषणाएं की हैं, उनमें एक है व्यापारिक साझेदारों पर ‘बराबरी का शुल्क’। व्हाइट हाउस से 13 फरवरी 2025 को जारी विज्ञप्ति में व्यापक ब्योरा देते हुए बताया गया है कि अमेरिका पांच कसौटियों का इस्तेमाल कर देखेगा कि […]

आज का अखबार, लेख

ब्रिक्स भुगतान प्रणाली में डॉलर की कितनी चुनौती?

ब्रिक्स उन अंतर-क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जो अमेरिका में नया निजाम आने के फौरन बाद सीधे निशाने पर आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने खुलेआम धमकाया है कि अगर ब्रिक्स डॉलर की जगह कोई और मुद्रा अपनाता है तो उस पर 100 प्रतिशत शुल्क लगा दिया जाएगा। ब्रिक्स देशों में डॉलर की जगह […]

आज का अखबार, लेख

सही नहीं है CPTPP का अवसर गंवाना

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से होने वाले आयात पर ऊंचा कर लगाने का बयान हाल ही में दिया है, जिसके बाद विश्व व्यापार के दो पहलुओं पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं – फ्रेंडशोरिंग (सहयोगी देशों में उत्पादन करना या उनसे कच्चा माल लेना) और अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौता (यूएसएमसीए)। […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप का दूसरा कार्यकाल आसियान की दुविधा

डॉनल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद क्या घटित होगा इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं। सबसे अधिक चर्चा अमेरिकी व्यापार नीति और चीन की वस्तुओं पर लगने वाला शुल्क बढ़ाने (लगभग 60 फीसदी करने) की हो रही थी। अमेरिकी व्यापार नीति में अपने साझेदारों के साथ द्विपक्षीयता और बहुपक्षीय […]

आज का अखबार, लेख

बदलते विश्व व्यापार नियम और भारत के लिए विकल्प

वैश्विक व्यापार संस्थाओं में हो रहे परिवर्तन के साथ भारत को अपनी व्यापार नीति में लचीलापन लाने की जरूरत है। बता रही हैं अमिता बत्रा भारत जब वैश्विक, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में आगे बढ़ रहा है तब यह समझना भी जरूरी है कि वैश्विक व्यापार रुझानों में बदलाव के साथ ही वैश्विक व्यापार […]

आज का अखबार, लेख

चीन से FDI लाने से पहले कुछ विचार जरूरी, व्यापार संतुलन जितना लगता है उतना आसान नहीं

वर्ष 2023-24 की आर्थिक समीक्षा में चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया है। इस पर बहस भी हो रही है परंतु हमें निम्न बातों पर भी विचार करना चाहिए। पहली बात, वैश्विक स्तर पर एफडीआई निवेश में विकसित अर्थव्यवस्थाओं की भारी भरकम हिस्सेदारी है। इनमें अमेरिका और जापान […]

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