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लेखक : अमिता बत्रा

आज का अखबार, लेख

ब्रिक्स भुगतान प्रणाली में डॉलर की कितनी चुनौती?

ब्रिक्स उन अंतर-क्षेत्रीय संगठनों में शामिल है, जो अमेरिका में नया निजाम आने के फौरन बाद सीधे निशाने पर आया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने खुलेआम धमकाया है कि अगर ब्रिक्स डॉलर की जगह कोई और मुद्रा अपनाता है तो उस पर 100 प्रतिशत शुल्क लगा दिया जाएगा। ब्रिक्स देशों में डॉलर की जगह […]

आज का अखबार, लेख

सही नहीं है CPTPP का अवसर गंवाना

अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मेक्सिको और कनाडा से होने वाले आयात पर ऊंचा कर लगाने का बयान हाल ही में दिया है, जिसके बाद विश्व व्यापार के दो पहलुओं पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं – फ्रेंडशोरिंग (सहयोगी देशों में उत्पादन करना या उनसे कच्चा माल लेना) और अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौता (यूएसएमसीए)। […]

आज का अखबार, लेख

ट्रंप का दूसरा कार्यकाल आसियान की दुविधा

डॉनल्ड ट्रंप के दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद क्या घटित होगा इसे लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं। सबसे अधिक चर्चा अमेरिकी व्यापार नीति और चीन की वस्तुओं पर लगने वाला शुल्क बढ़ाने (लगभग 60 फीसदी करने) की हो रही थी। अमेरिकी व्यापार नीति में अपने साझेदारों के साथ द्विपक्षीयता और बहुपक्षीय […]

आज का अखबार, लेख

बदलते विश्व व्यापार नियम और भारत के लिए विकल्प

वैश्विक व्यापार संस्थाओं में हो रहे परिवर्तन के साथ भारत को अपनी व्यापार नीति में लचीलापन लाने की जरूरत है। बता रही हैं अमिता बत्रा भारत जब वैश्विक, क्षेत्रीय और द्विपक्षीय व्यापार वार्ताओं में आगे बढ़ रहा है तब यह समझना भी जरूरी है कि वैश्विक व्यापार रुझानों में बदलाव के साथ ही वैश्विक व्यापार […]

आज का अखबार, लेख

चीन से FDI लाने से पहले कुछ विचार जरूरी, व्यापार संतुलन जितना लगता है उतना आसान नहीं

वर्ष 2023-24 की आर्थिक समीक्षा में चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को बढ़ावा देने का सुझाव दिया गया है। इस पर बहस भी हो रही है परंतु हमें निम्न बातों पर भी विचार करना चाहिए। पहली बात, वैश्विक स्तर पर एफडीआई निवेश में विकसित अर्थव्यवस्थाओं की भारी भरकम हिस्सेदारी है। इनमें अमेरिका और जापान […]

आज का अखबार, लेख

वैश्विक व्यापार के रुझान और बजट-2024 में किए गए उपायों को और व्यापक और समावेशी बनाने की जरूरत

वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में कुछ वस्तुओं पर सीमा शुल्क में छूट दी गई है और मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के इस्तेमाल से जुड़े नियम सरल बनाए गए हैं, जो व्यापार नीति के लिहाज से सकारात्मक उपाय हैं। जरूरी यह है कि इस निरंतरता को बनाए रखा जाए और वादे के मुताबिक अगले छह […]

आज का अखबार, लेख

गहन व्यापार समझौतों को प्राथमिकता

यह बात उत्साह बढ़ाने वाली है कि वाणिज्य मंत्रालय ने मई में चिंतन शिविर का आयोजन किया ताकि भविष्य के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के लिए होने वाली वार्ताओं के लिए रणनीतियां और मानक परिचालन प्रक्रिया तैयार की जा सकें। यह समय पर की गई पहल है क्योंकि यूरोपीय संघ और यूनाइटेड किंगडम के साथ […]

आज का अखबार, लेख

श्रीलंका और बांग्लादेश का रुख क्षेत्रीय व्यापार समझौते के जरिये पूर्व की ओर

दक्षिण एशिया के छोटे देश द्विपक्षीय एवं बड़े क्षेत्रीय व्यापार समझौते के जरिये पूर्व की ओर रुख कर रहे हैं जिसका परिणाम होगा कि इन देशों के व्यापार पर चीन का दबदबा बढ़ता जाएगा। बता रही हैं अमिता बत्रा पिछले महीने के शुरू में श्रीलंका में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा था कि क्षेत्रीय […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: इंडोनेशिया के हालात पाकिस्तान से बढ़िया

दक्षिण एशिया के दो देशों इंडोनेशिया और पाकिस्तान में पिछले महीने राष्ट्रीय चुनाव हुए जिनके परिणाम सत्ता बदलने वाले रहे। दुनिया के चौथे और पांचवें सबसे बड़ी आबादी वाले ये देश सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले देश भी हैं। दोनों देश आजादी के बाद अलग-अलग दौर में तकरीबन समान अवधि यानी तीन दशकों तक सैन्य […]

आज का अखबार, लेख

Opinion: भारत के लिए आसियान की अहमियत

आसियान- भारत वस्तु व्यापार समझौते (एआईटीआईजीए) की समीक्षा इसी माह होनी है। देश का उद्योग जगत लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। वह समझौते के प्रावधानों में संशोधन चाहता है ताकि द्विपक्षीय व्यापार संतुलन, जो आसियान के पक्ष में है, उसे कम किया जा सके या पलटा जा सके। गत नवंबर में समीक्षा […]

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