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अगले 2 साल में जीवन बीमा उद्योग की वृद्धि 8-11% रहने की संभावना

केयरएज रेटिंग्स के अनुसार अगले दो वित्त वर्ष में जीवन बीमा उद्योग 8-11% की वृद्धि दर के साथ बढ़ेगा, समूह बीमा, पेंशन और डिजिटल सुविधाओं से समर्थन मिलेगा।

Last Updated- December 27, 2025 | 12:56 PM IST
Indian Economy
Representative Image

केयरएज रेटिंग्स के विश्लेषकों का कहना है कि समूह बीमा, व्यक्तिगत पेंशन और लाइफ कवर उत्पादों के कारण वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2027 के दौरान जीवन बीमा उद्योग की वृद्धि दर 8 से 11 प्रतिशत रहने की उम्मीद है।

इसके  अलावा समर्थन देने वाले नियमन, तेज डिजिटलीकरण, प्रभावी वितरण और बेहतर ग्राहक सेवाओं से भी वृद्धि में मदद मिलेगी। पिछले  2 दशक के दौरान इस क्षेत्र की वार्षिक चक्रवृद्धि दर (सीएजीआर) 13 प्रतिशत रही है।  यह बाजार भाव के मुताबिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर के अनुकूल है, जो इस अवधि के दौरान औसतन 12.4 प्रतिशत के करीब रही है।

समूह बीमा पॉलिसियों, पॉलिसियों के नवोन्मेष, ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक पॉलिसियों की पेशकश और व्यक्तिगत बीमा सेग्मेंट में मजबूत वितरण चैनल विकसित होने से इस क्षेत्र की वृद्धि दर बेहतर रहने की संभावना है। भारत में जीवन बीमा के कवरेज में आने वाले लोगों की संख्या वित्त वर्ष 2015 के करीब 15 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 40 करोड़ हो गई है, लेकिन कम राशि का बीमा होने जैसे ढांचागत खामियों के कारण मृत्यु और दीर्घायु जोखिम के हिसाब से यह अपर्याप्त साबित हुआ है।

विश्लेषकों ने कहा, ‘वित्त वर्ष 2025 में पॉलिसियों के नवीनीकरण में सुधार हुआ है, लेकिन स्थायी लाभ केवल कवर किए गए लोगों की संख्या बढ़ाने के बजाय पर्याप्त सुरक्षा और विश्वसनीय आय प्रदान करने से मिलेगा।’

भारत के बीमा बाजर में जीवन बीमा की हिस्सेदारी सबसे अधिक बनी हुई है और यह वित्त वर्ष 2025 में कुल प्रीमियम का करीब 74 प्रतिशत रहा है, जो 41 प्रतिशत वैश्विक औसत की तुलना में बहुत अधिक है। बहरहाल जीवन बीमा क्षेत्र शीर्ष 5 कंपनियों के कारोबार में सिमटा है, जिनकी कुल प्रीमियम में हिस्सेदारी 85 प्रतिशत से अधिक है।

First Published - December 27, 2025 | 12:56 PM IST

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