जमा में वृद्धि की दर 12 दिसंबर को समाप्त पखवाड़े में सालाना आधार पर सुस्त होकर 9.7 प्रतिशत रह गई है, जबकि ऋण में वृद्धि बढ़कर 11.7 प्रतिशत हो गई है। इसकी वजह से ऋण और जमा के बीच वृद्धि का अंतर 200 आधार अंक हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों से बैंकिंग व्यवस्था में जमा में सुस्ती का पता चलता है।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कुल मिलाकर बैंकों द्वारा दिया गया ऋण 12 दिसंबर तक बढ़कर 196.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की समान अवधि के 175.86 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। इस पखवाड़े के दौरान ऋण 1.2 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है।
बहरहाल 12 दिसंबर तक कुल जमा 242.14 लाख करोड़ रुपये है, जो एक साल पहले 220.06 लाख करोड़ रुपये था। हालांकि पखवाड़े के दौरान जमा में 45,344 करोड़ रुपये की कमी आई है। इससे बैंकिंग व्यवस्था में नकदी की कमी जारी रहने का पता चलता है।
इसके पहले 28 नवंबर को समाप्त पखवाड़े में ऋण वृद्धि 11.5 प्रतिशत और जमा वृद्धि 10.2 प्रतिशत थी।