वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल फरवरी में कनाडा यात्रा पर जा सकते हैं। मामले के जानकार सूत्रों ने कहा कि यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू की जा सकती है।
पिछले सप्ताह भारत और कनाडा के मुख्य वार्ताकारों ने वर्चुअल बातचीत में प्रस्तावित समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर आगे की राह निकालने पर चर्चा की थी। बैठक के दौरान यह विचार आया कि इसका एक एजेंडा बनाया जाए और बातचीत की राह पर आगे बढ़ा जाए।
उथल पुथल भरे द्विपक्षीय संबंधों के बीच दो साल से ज्यादा बीतने के बाद भारत और कनाडा ने नवंबर में एक बड़े फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिया और एक समग्र व्यापार समझौते पर बातचीत फिर शुरू करने पर सहमति जताई।
व्यापार समझौते पर बातचीत नए सिरे से शुरू होने की संभावना है। उपरोक्त उल्लिखित अधिकारियों में से एक ने कहा कि दोनों देशों का जोर शुल्क घटाने और गैर शुल्क बाधाएं दूर करने पर होगा। इस बात पर चर्चा हो सकती है कि दोनों देश किस तरीके से निवेश बढ़ा सकते हैं। हालांकि निवेशकों की सुरक्षा के लिए द्विपक्षीय निवेश समझौते को संभवतः अभी प्राथमिकता नहीं दी जाएगी।
पिछले सप्ताह वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा था, ‘दो वर्षों में देश आगे बढ़े हैं, दुनिया आगे बढ़ी है। व्यापार में कई अन्य चुनौतियां आ रही हैं। हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि हम कहां पर रुके थे।
मार्च 2022 में भारत और कनाडा ने औपचारिक रूप से समग्र व्यापार समझौते पर बातचीत फिर से शुरू की थी, जिससे व्यापार बढ़ाने व निवेश की आवक के नए अवसर खुल सकें। इसने यह फी फैसला किया था कि शुरुआती प्रगति व्यापार समझौता (ईपीएफए) भी सीईपीए की ओर बढ़ने के लिए बदलाव करने वाला चरण है।
बहरहाल 2 साल पहले भारत और कनाडा के बीच बातचीत अटक गई थी। दोनों देशों के बीच संबंध जून 2023 में निचले स्तर पर पहुंच गए, जब कश्मीरी अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई। कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडू ने इसके भारत से तार जुड़े होने की संभावना जताई थी और भारत ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।