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क्या टेक कंपनियां गलत दांव लगा रही हैं? Meta AI के अगुआ यान लेकन ने ‘LLM’ की रेस को बताया गलत

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मेटा के AI एक्सपर्ट यान लेकन का कहना है कि बड़ी टेक कंपनियां LLMs में अरबों खर्च कर रही हैं, लेकिन ये इंसानी स्तर की बुद्धिमत्ता तक नहीं पहुंचाएंगे

Last Updated- November 18, 2025 | 4:58 PM IST
Yann LeCun
यान लेकन

दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अरबों-खरबों रुपये लगा रही हैं, खासकर ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स’ (LLM) में। ये वही तकनीक जो ChatGPT, गूगल का Gemini और मेटा का Llama चलाती है। लेकिन इस क्षेत्र के सबसे प्रभावशाली एक्सपर्ट्स में से एक मानते हैं कि ये रास्ता गलत है।

मेटा के पूर्व AI चीफ यान लेकन ने रविवार शाम ब्रुकलिन में एक कार्यक्रम के दौरान खुलकर कहा कि पूरी दुनिया का LLM की ओर दौड़ना सही नहीं है।

बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, “LLM शानदार हैं, बहुत काम के हैं, इनमें पैसा लगाना चाहिए, लोग इन्हें खूब इस्तेमाल करेंगे। लेकिन ये इंसानी स्तर की बुद्धिमत्ता तक पहुंचने का रास्ता नहीं हैं। बिल्कुल नहीं।”

लेकन का कहना है कि इन मॉडल्स के पीछे पागलपन की वजह से बाकी अच्छे-खासे रास्ते दबकर रह गए हैं। उन्होंने कहा, “अभी ये जहां भी जाते हैं, सारी ऑक्सीजन चूस लेते हैं। दूसरे कामों के लिए कुछ बचता ही नहीं। अगली बड़ी क्रांति के लिए हमें पीछे हटकर सोचना होगा कि मौजूदा तरीकों में क्या कमी है।”

Also Read: Artificial intelligence का बढ़ता इस्तेमाल और डेटा सुरक्षा के पहलू

LLM के पुराने आलोचक हैं लेकन

लेकन सालों से यही बात कहते आए हैं। उनका मानना है कि सिर्फ इंटरनेट के टेक्स्ट पर ट्रेन किए गए मॉडल से बड़ी सफलता नहीं मिलेगी। असली काम ‘वर्ल्ड मॉडल्स’ से होगा। यानी ऐसे AI जो दुनिया को देखकर, असल जिंदगी के अनुभव से सीखें।

पिछले कुछ महीनों से लेकन का मेटा में भविष्य चर्चा में रहा है। खासकर तब से, जब पिछले साल वसंत से कंपनी ने LLM के टॉप रिसर्चरों को अरबों खर्च कर हायर करना शुरू किया। ये कदम साफ बता रहा था कि कंपनी लेकन की पसंदीदा रास्ते से दूर जा रही है।

पिछले हफ्ते खबर आई थी कि लेकन जल्द ही मेटा छोड़कर अपना AI स्टार्टअप शुरू कर सकते हैं। रविवार को ब्रुकलिन के पायनियर वर्क्स में हुए कार्यक्रम में उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा। वहां पुरानी जनरेशन X वाले भी थे और टिकटॉक वाली जनरेशन Z भी।

बिजनेस इनसाइडर के मुताबिक, लेकन की बात एक बड़ी सच्चाई भी दिखाती है कि टेक्नोलॉजी में जो आज पक्का लगता है, वह कल भी पलट सकता है। कभी वे इस क्षेत्र के सबसे सम्मानित नाम थे, इसी वजह से 2013 में जकरबर्ग ने उन्हें हायर किया था। लेकिन ChatGPT के लॉन्च के बाद हवा पूरी तरह बदल गई। उस सफलता ने दुनिया भर में बड़े-बड़े मॉडल, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च टीम बनाने की होड़ लगा दी।

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First Published - November 18, 2025 | 4:56 PM IST

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