बैंक निवेश कंपनी की घोषणा कर सकती है सरकार
केंद्र सरकार बजट 2021-22 में बैंक निवेश कंपनी (बीआईसी) बनाने की घोषणा कर सकती है। इसी के साथ केंद्र 1970 और 1980 के बैंक राष्ट्रीयकरण अधिनियमों और 1955 के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अधिनियम में संशोधन की प्रक्रिया आरंभ करेगा। ऐसा होने पर केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के बीच जून, 2020 से चली […]
अगले साल 8-11.5 प्रतिशत होगी वृद्धि दर
अर्थशास्त्रियों ने कहा है कि वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान अर्थव्यवस्था स्थिर मूल्य पर 8 से 11.5 प्रतिशत के बीच बढ़ सकती है। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि या मौजूदा भाव पर आर्थिक विस्तार की बजट बनाने की प्रक्रिया में अहम भूमिका होती है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर कर के आंकड़े, राजकोषीय घाटे के […]
बजट में बुनियादी ढांचे के खर्च पर होगा जोर
आगामी केंद्रीय बजट में आत्मनिर्भर पैकेजों पर जोर दिए जाने की उम्मीद है। सरकार ने आर्थिक सुस्ती से निपटने के लिए 2020 में इन पैकेजों की घोषणा की थी। बुनियादी ढांचा संबंधी बजटीय घोषणाओं में कोई बड़ा फेरबदल होने की संभावना नहीं है। सड़क निर्माण, समुद्री और रेल संबंधी आर्थिक विकास पर जोर देते हुए […]
मंत्रिमंडल इस महीने सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (पीएसयू) के बहुप्रतीक्षित निजीकरण की नीति पर विचार कर सकता है। इससे रणनीतिक और गैर रणनीतिक क्षेत्रों में सरकारी मालिकाना वाली इकाइयों की संख्या कम करने का खाका तैयार होगा। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि केंद्र का बजट आने के पहले ही इस नीति पर मंत्रिमंडल […]
नया राजकोषीय खाका तैयार करने का वक्त
हर सरकारी बजट में प्राय: कराधान और व्यय आवंटन पर सबसे अधिक ध्यान दिया जाता है क्योंकि वे करदाताओं और गैर करदाताओं को सीधे प्रभावित करते हैं। परंतु करीब एक माह बाद पेश होने वाले 2021-22 के केंद्रीय बजट में एक और चीज पर ध्यान दिया जाएगा और वह है सरकार के राजकोषीय सुदृढ़ीकरण खाके […]
बजट में विभिन्न क्षेत्रों की जरूरत पूरी करेंगे
बीएस बातचीत वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि दिसंबर में 1.15 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह आर्थिक सुधार और कर चोरी पर अंकुश की बदौलत रहा। दिलाशा सेठ और इंदिवजल धस्माना से बातचीत के अंश: क्या कोविड के नए रूप से आर्थिक अनिश्चितता बढ़ेगी? इसका बजट बनाने पर क्या असर पड़ेगा? हम […]
उत्पादन के मामले में आधुनिक बनेगा भारत: वित्त मंत्री
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अगले वर्ष के बजट को लेकर आशान्वित नजर आ रही हैं और उद्योग जगत से उनकी मंशा जानने में लगी हैं। वित्त मंत्री ने कहा, ‘मैं महामारी के बाद ऐसा बजट देखना चाहती हूं जैसा कि इससे पहले 100 वर्ष में नहीं देखा गया है।’ उन्होंने कहा कि महामारी के बाद […]
केंद्रीय योजनाओं पर चलेगी कैंची
राजकोषीय दबाव को देखते हुए केंद्र सरकार आगामी बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं और केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं का आकार घटाने या कुछ को बंद करने पर विचार कर रही है। लेकिन केंद्र के प्रस्तावित कदम पर राज्यों ने आपत्ति जताई है। केरल का मानना है कि योजनाओं के लिए कम आवंटन की कवायद से […]
अर्थव्यवस्था को गति देने का किया आग्रह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट से पहले उद्योग जगत के लोगों से मशविरा शुरू कर दिया है। सोमवार को ऐसी ही एक बैठक हुई, जिसमें उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने फिलहाल राजकोषीय मजबूती के बजाय अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने वाला बजट तैयार करने का आग्रह किया। इन प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री से वित्त वर्ष […]
कृषि नीति से निपटने का जिम्मा राज्यों पर छोड़े केंद्र सरकार
अगर कृषि क्षेत्र राज्य सूची का एक विषय है तो फिर हमें केंद्रीय स्तर पर इतने बड़े मंत्रालय की जरूरत ही क्यों है? एक विशाल इमारत में इस मंत्रालय का मुख्यालय है और बजट में इसके लिए आवंटन भी तमाम विभागों से अधिक होता है। वर्ष 2020 में कृषि मंत्रालय को बजट में 1.42 लाख […]