Advertisement
NDA कॉन्क्लेव में पीएम मोदी बोले, “मेरे लिए जनता ही भगवान का स्वरूप”महाराष्ट्र में प्याज मुद्दे पर बनाई गई सब कमेटी, 15 दिनों के अंदर सुझावों के साथ जमा करेंगी रिपोर्टग्लोबल सुस्ती के बीच फ्लेक्सी स्टाफिंग सेक्टर ने जोड़े 1.18 लाख नए रोजगारSEBI का बड़ा प्रस्ताव: AMC कर्मचारियों और फंड मैनेजर्स की सैलरी डिटेल्स नहीं होंगी सार्वजनिक?SEBI की मंजूरी के साथ MF कारोबार में उतरी Nuvama, SIF से करेगी शुरुआतGold ETFs में 13 महीने से जारी निवेश का सिलसिला टूटा, मई में निवेशकों ने निकाले ₹725 करोड़मई में Equity MFs में निवेश 40% घटा, 12 महीने का लो रिकॉर्ड; ₹30,954 करोड़ के साथ SIP इनफ्लो ने संभाली रफ्तारFD से ज्यादा रिटर्न का मौका? RBI के कदम के बाद बैंकों में ब्याज बढ़ाने की होड़भारत बना ग्लोबल इकॉनमी का ‘ब्राइट स्पॉट’, चंद्रशेखरन ने बताया क्यों दुनिया की नजरें यहीं टिकींWipro का सबसे बड़ा बायबैक गुरुवार से, 180 रुपये के शेयर पर 250 रुपये देने को तैयार कंपनी
अन्य समाचार देश की चीनी मिलों पर किसानों का 1752.74 करोड़ रूपये बकाया
'

देश की चीनी मिलों पर किसानों का 1752.74 करोड़ रूपये बकाया

PTI

- August,28 2012 3:33 PM IST

सरकार ने आज बताया कि पिछले करीब तीन वर्षो के दौरान देश में चीनी मिलों पर किसानों को गन्ना के देय राशि का 1752.74 करोड़ रूपया भुगतान बकाया है।

लोकसभा में सुरेश काशीनाथ तावड़े और योगी आदित्यनाथ के एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक विमरण मंत्री के वी थामस ने कहा कि इसमें किसानों की सबसे अधिक 691.46 करोड़ रूपये की राशि उत्तर प्रदेश के चीनी मिलों पर बकाया है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक तमिलनाडु की चीनी मिलों पर किसानों का 313.46 करोड़ रूपये, उत्तराखंड में 194.69 करोड़ रूपये और आंध्र प्रदेश में 154.15 करोड़ रूपये बकाया है।

कर्नाटक में 98.08 करोड़ रूपये, बिहार में 82.99 करोड़ रूपये तथा महाराष्ट्र में 69.81 करोड़ रूपये बकाया है।

थामस ने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश 1966 के तहत 14 दिनों के बाद भुगतान में जितनी देरी होगी, बकाया राशि पर 15 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के भुगतान का प्रावधान है। इस प्रावधान को लागू करने की शक्तियां राज्य सरकारों और संघशासित क्षेत्रों को दी गई है।

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement