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विश्व रैंकिंग में फिसले भारतीय शिक्षा संस्थान

विनय उमरजी /  11 27, 2019

क्यूएस वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग 2020

बिजनेस स्टैंडर्ड विश्व रैंकिंग में फिसले भारतीय शिक्षा संस्थानहाल ही में जारी क्यूएस वर्ल्‍ड यूनिवर्सिटी एशिया रैंकिंग 2020 में अधिकांश प्रमुख भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों की रैंकिंग में गिरावट आई है और देश का कोई भी संस्थान अन्य एशियाई संस्थानों की तुलना में शीर्ष 30 में जगह नहीं बना सका।  2020 रैंकिंग में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बंबई पिछले वर्ष के मुकाबले एक पायदान फिसलकर 34वें स्थान पर आ गया। आईआईटी दिल्ली की रैंकिंग में भी तीन स्थानों की गिरावट आई और नई रैंकिंग में वह 43वें स्थान पर रहा। अच्छा प्रदर्शन करने वाले शेष तीन संस्थानों आईआईटी मद्रास, आईआईएससी बेंगलूरु और आईआईटी खडग़पुर की रैंकिंग में भी गिरावट आई है और इस बार ये क्रमश: 48वें, 50वें और 53वें स्थान पर रहे। 

क्यूएस 2020 रैंकिंग में भारत के कुल 96 विश्वविद्यालय शामिल हैं जिनमें 20 ने पहली बार स्थान बनाया है। कुल संस्थानों की संख्या में केवल चीन भारत से आगे हैं और वहां की 118 यूनिवर्सिटी इस सूची में हैं। हालांकि रैंकिंग में चीन के चार संस्थान शीर्ष 10 में शामिल हैं जो इनकी शानदार प्रगति दर्शाते हैं। करीब पांच वर्ष पहले चीन का केवल एक संस्थान शीर्ष विश्वविद्यालयों की सूची में शामिल था। भारत की कोई भी यूनिवर्सिटी शीर्ष 30 में जगह नहीं बना पाईं। क्यूएस के अनुसार, पड़ोसी देशों के मुकाबले भारत ने ठीक प्रदर्शन किया है और शीर्ष 100 संस्थानों में भारत के आठ विश्वविद्यालय शामिल हैं।

क्यूएस में निदेशक (शोध) बेन सोटर कहते हैं, 'भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ी है। विश्वविद्यालयों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है, और कॉलेजों की संख्या में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसका शानदार असर हुआ है। इसके अलावा, देश में युवा आबादी के बीच शिक्षा की मांग तेजी से बढ़ रही है और उम्मीद है कि वर्ष 2030 तक शिक्षा अध्ययन के मामले में यह विश्व की सबसे बड़ी आबादी हो जाएगी।' 

हालांकि सोटर ने कहा कि अध्यापन तथा शोध में लगातार निवेश और वैश्वीकरण के सहारे भारत की प्रस्पिर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी। इस रैंकिंग को बनाने में विश्व के सबसे व्यापक सर्वे का सहारा लिया गया जिसमें विभिन्न शिक्षण संस्थाओं की 90,000 से अधिक फैकल्टी और 44,000 से अधिक नियोक्ताओं को शामिल किया गया। कुल मिलाकर, लगातार दूसरे वर्ष नैशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया को  एशिया का सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय घोषित किया गया। इसके बाद पिछली बार तीसरे पायदान पर रही नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी ने इस बार दूसरा स्थान हासिल किया है। हॉन्गकॉन्ग विश्वविद्यालय तीसरे स्थान पर रहा। 

भारत के नजरिये से देखें तो इस बार रैंकिंग में शामिल कुल 96 विश्वविद्यालयों में से शीर्ष 250 में केवल 31 ही जगह बना पाए और 18 इससे बाहर हो गए। क्षेत्रीय स्तर पर 32वां स्थान पाकर आईआईटी बंबई भारतीय शैक्षणिक संस्थानों में शीर्ष पर रहा और इसके बाद आईआईटी दिल्ली (34वां) और दिल्ली विश्वविद्यालय (50वां) रहे।  44,000 नियोक्ताओं से संस्थान के छात्रों की गुणवत्ता के बारे में पूछने के बाद तैयार नियोक्ता प्रतिष्ठा सूचकांक के मामले में आईआईटी बंबई क्षेत्रीय स्तर पर 21वें स्थान पर रहा। पीएचडी इंडिकेटर के स्तर पर भारत का वर्चस्व रहा और यहां के सात संस्थानों को पूरे 100 अंक मिले। इनमें आईआईटी मद्रास, आईआईटी खडग़पुर, आईआईटी कानपुर, आईआईटी भुवनेश्वर, आईआईटी इंदौर, आईआईटी पटना, और आईआईटी रोपड़ शामिल हैं। 
Keyword: education, world ranking, IIT,,
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