Stock Market Closing Bell, September 29: एशियाई बाजारों से मिलेजुले रुख के बीच भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के पहले ट्रेडिंग सेशन यानी सोमवार (29 सितंबर) को गिरावट में बंद हुए। इसी के साथ बाजार में लगातार छठें ट्रेडिंग सेशन में गिरावट दर्ज की गई। मीडिया, प्राइवेट बैंक और फार्मा शेयरों में बिकवाली से बाजार नीचे आया। वहीं, निवेशक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के ब्याज दरों पर निर्णय से पहले सतर्क रुख अपना रहे हैं। बिजनेस स्टैंडर्ड के सर्वे के अनुसार, आरबीआई ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और इन्हें स्थिर रख सकता है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 100 से ज्यादा अंक चढ़कर 80,588 पर खुला। खुलने के बाद यह 300 अंक चढ़ गया था। लेकिन कारोबार के दूसरे हाफ में इंडेक्स में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंत में यह 61.52 अंक या 0.08 प्रतिशत गिरकर 80,364.94 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 मजबूती के साथ 24,728 पर ओपन हुआ। खुलने के बाद यह 24,791 अंक तक चढ़ा। लेकिन बाद में बिकवाली हो गई। अंत में अंत में यह 19.80 अंक या 0.08 फीसदी गिरकर 24,634.90 पर बंद हुआ।
बोनांजा में रिसर्च एनालिस्ट वैभव विदवानी ने कहा, ”बीते सप्ताह भारी बिकवाली के बाद बाजार में सोमवार को सपाट क्लोजिंग देखने को मिली। ज्यादातर सेक्टर्स पर ग्लोबल और घरेलू अनिश्चितताओं के चलते दबाव बना रहा। बाजार में नई पॉजिटिव खबरों की कमी और नकारात्मक घटनाओं की आशंका ने इस सुस्त माहौल को बनाए रखा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के भारतीय फार्मा निर्यात पर भारी टैरिफ लगाने की घोषणा से निवेशकों की भावना पर असर पड़ा, जिससे प्रमुख फार्मा कंपनियों की कमाई पर दबाव की चिंता बढ़ गई। इसके अलावा, H1-B वीज़ा नियमों को सख्त करने की अटकलों ने आईटी सेक्टर को प्रभावित किया और बाजार की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।”
उन्होंने कहा, ”हालांकि, कारोबार की शुरुआत में PSU बैंक, एनर्जी और चुनिंदा रियल्टी शेयरों में तेजी देखी गई। लेकिन प्राइवेट बैंकिंग और लार्ज-कैप आईटी शेयरों में मुनाफावसूली के चलते यह बढ़त टिक नहीं पाई। मिडकैप शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिली, लेकिन स्मॉलकैप शेयरों ने कमजोर प्रदर्शन किया, जिससे बाजार का रुख अनिर्णय भरा बना रहा।”
उन्होंने कहा कि आगे की दिशा के लिए बाजार की नजर अब रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर है, जिसकी शुरुआत आज हो चुकी है। आम उम्मीद है कि आरबीआई ब्याज दरों को यथावत रखेगा लेकिन नीति में नरमी का संकेत दे सकता है। इससे महंगाई और ग्रोथ के बीच संतुलन बना रहे। हालांकि निवेशक अब भी सतर्क हैं और अमेरिका के साथ ट्रेड वार्ता या आरबीआई से किसी स्पष्ट नीति रुख की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जो तय करेगा कि बाजार में आगे उछाल आएगा या कमजोरी जारी रहेगी।”
सेंसेक्स की कंपनियों में एक्सिस बैंक सबसे ज्यादा 1.63 फीसदी गिरकर बंद हुआ। मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एल एंड टी, एचसीएल टेक, कोटक बैंक, पावर ग्रिड और आईटीसी के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। दूसरी तरफ, टाइटन 2.60 फीसदी बढ़कर बंद हुआ। एसबीआई, एनटीपीसी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटरनल, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर हरे निशान में रहे।
ब्रोडर मार्केट की बात करें तो निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.27 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.07 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी फार्मा और ऑटो इंडेक्स में क्रमशः 0.15 प्रतिशत और 0.18 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके विपरीत, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस इंडेक्स 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।