facebookmetapixel
Advertisement
लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथऑल टाइम हाई के करीब Oil Stock पर ब्रोकरेज सुपर बुलिश, कहा- खरीद लें, 65% और चढ़ने का रखता है दमBharat PET IPO: ₹760 करोड़ जुटाने की तैयारी, सेबी में DRHP फाइल; जुटाई रकम का क्या करेगी कंपनीतेल, रुपये और यील्ड का दबाव: पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी अस्थिरता, लंबी अनिश्चितता के संकेतवैश्विक चुनातियों के बावजूद भारतीय ऑफिस मार्केट ने पकड़ी रफ्तार, पहली तिमाही में 15% इजाफाJio IPO: DRHP दाखिल करने की तैयारी तेज, OFS के जरिए 2.5% हिस्सेदारी बिकने की संभावनाडेटा सेंटर कारोबार में अदाणी का बड़ा दांव, Meta और Google से बातचीतभारत में माइक्रो ड्रामा बाजार का तेजी से विस्तार, 2030 तक 4.5 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमानआध्यात्मिक पर्यटन में भारत सबसे आगे, एशिया में भारतीय यात्रियों की रुचि सबसे अधिकबांग्लादेश: चुनौतियों के बीच आजादी का जश्न, अर्थव्यवस्था और महंगाई बनी बड़ी चुनौती

In Parliament: 18वीं लोकसभा के पाँचवें सत्र का समापन, लोकसभा स्पीकर ने कार्यवाही में व्यवधान पर जताई चिंता

Advertisement

इस दौरान कुल 14 सरकारी विधेयक पुर:स्थापित किए गए, जिनमें से 12 विधेयक पारित किए गए। 120 घंटे चर्चा करने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 37 घंटे ही काम हो पाया।

Last Updated- August 21, 2025 | 3:39 PM IST

18वीं लोकसभा के पाँचवें सत्र का समापन हो गया है। यह सत्र 21 जुलाई 2025 को आरंभ हुआ था और इसमें देश के महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हुई। इस दौरान कुल 14 सरकारी विधेयक पुर:स्थापित किए गए, जिनमें से 12 विधेयक पारित किए गए। सत्र के दौरान 28 और 29 जुलाई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा हुई, जिसका समापन प्रधानमंत्री के उत्तर के साथ हुआ। वहीं, 18 अगस्त को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की उपलब्धियों पर भी विशेष चर्चा आरंभ की गई।

हालांकि, इस सत्र में 419 तारांकित प्रश्न कार्यसूची में शामिल थे, लेकिन लगातार नियोजित व्यवधान के कारण केवल 55 प्रश्नों के ही मौखिक उत्तर लिए जा सके। सदन में 120 घंटे चर्चा करने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 37 घंटे ही काम हो पाया। इस बात पर सदन की गरिमा और कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई गई।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि संसद में नारेबाज़ी, तख्तियां दिखाना और व्यवधान लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ है और इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुँचती है। उन्होने कहा, ‘जनप्रतिनिधि के रूप में हमारे आचरण और कार्यप्रणाली को पूरा देश देखता है। जनता की हमसे बड़ी उम्मीद रहती है कि हम उनकी समस्याओं और व्यापक जनहित के मुद्दों पर, महत्वपूर्ण विधेयकों पर, संसद की मर्यादा के अनुरूप गंभीर और सार्थक चर्चा करें। लोकसभा अथवा संसद परिसर में नारेबाज़ी करना, तख्तियां दिखाना और नियोजित गतिरोध संसदीय मर्यादा को आहत करता है।’

Also read: In Parliament: संसदीय समिति का सुझाव, निवेश दर को 31% से बढ़ाकर 35% करना आवश्यक

लोकसभा स्पीकर ने मॉनसून सत्र के समापन पर सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, ‘इस सत्र में जिस प्रकार की भाषा और आचरण देखा गया, वह संसद की गरिमा के अनुकूल नहीं है। हम सभी का दायित्व है कि हम सदन में स्वस्थ परंपराओं के निर्माण में सहयोग करें। इस गरिमामयी सदन में हमें नारेबाज़ी और व्यवधान से बचते हुए गंभीर और सार्थक चर्चा को आगे बढ़ाना चाहिए। संसद सदस्य के रुप में हमें अपने कार्य और व्यवहार से देश और दुनिया के समक्ष एक आदर्श स्थापित करना चाहिए। सदन और संसद परिसर में हमारी भाषा सदैव संयमित और मर्यादित होनी चाहिए।’

लोकसभा स्पीकर ने सभी सदस्यों से अपील की कि वे स्वस्थ परंपराओं के निर्माण में सहयोग करें और गंभीर तथा सार्थक चर्चा को प्राथमिकता दें। साथ ही, सदन में सहमति और असहमति दोनों को लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया बताया गया, लेकिन सभी दलों से आग्रह किया गया कि वे सदन की गरिमा, मर्यादा और शालीनता बनाए रखें। उन्होंने कहा, ‘सहमति और असहमति होना लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है, किंतु हमारा सामूहिक प्रयास होना चाहिए कि सदन गरिमा, मर्यादा और शालीनता के साथ चले। हमें विचार करना होगा कि हम देश के नागरिकों को देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था के माध्यम से क्या संदेश दे रहे हैं। मुझे विश्वास है कि इस विषय पर सभी राजनीतिक दल और माननीय सदस्य गंभीर विचार और आत्म-मंथन करेंगे।’

(लोकसभा सचिवालय इनपुट के साथ)

In Parliament: ध्वनिमत से लोकसभा में पारित हुआ ‘ऑनलाइन गेमिंग का प्रचार और विनियमन विधेयक, 2025’ 

In Parliament: पीएम, सीएम, मंत्रियों को पद से हटाने संबंधी विधेयक संसद में पेश, विपक्ष का जोरदार हंगामा

Advertisement
First Published - August 21, 2025 | 2:11 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement