facebookmetapixel
Suzlon 2.0: विंड एनर्जी से आगे विस्तार की तैयारी, EV और AI भी हो सकते हैं पूरी तरह ग्रीनटैक्स कट नहीं, लेकिन बड़ी राहत! बजट 2026 में आम आदमी को क्या मिलेगा? रिपोर्ट में 8 बड़ी बातेंRupee vs Dollar: रुपये में नहीं थम रही गिरावट, ₹91 के पार निकला; लगातार कमजोरी के पीछे क्या हैं वजहें?Metal stock: शानदार Q3 नतीजों के बाद 52 वीक हाई पर, ब्रोकरेज ने कहा- अभी और ऊपर जाएगा Gold, Silver price today: चांदी ₹3.13 लाख के पार नए ​शिखर पर, सोने ने भी बनाया रिकॉर्डसोना-चांदी का जलवा, तेल में उथल-पुथल! 2026 में कमोडिटी बाजार का पूरा हाल समझिए1 महीने में जबरदस्त रिटर्न का अनुमान, च्वाइस ब्रोकिंग को पेप्सी बनाने वाली कंपनी से बड़ी तेजी की उम्मीदShadowfax IPO: ₹1,907 करोड़ का आईपीओ खुला, सब्सक्राइब करना चाहिए या नहीं ? जानें ब्रोकरेज की रायजो शेयर दौड़ रहा है, वही बनेगा हीरो! क्यों काम कर रहा बाजार का यह फॉर्मूलाStocks to watch: LTIMindtree से लेकर ITC Hotels और UPL तक, आज इन स्टॉक्स पर रहेगा फोकस

पॉलिसीधारक कर सकते हैं फ्री लुक पीरियड का इस्तेमाल, लेकिन सतर्क रहें

फ्री लुक पीरियड से पॉलिसीधारक जीएसटी छूट का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसकी सलाह सतर्कता के साथ लेने की देते हैं

Last Updated- September 06, 2025 | 11:11 AM IST
Insurance policy
Representative Image

व्यक्तिगत स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से छूट दिए जाने के बाद पॉलिसीधारक बीमा पॉलिसियों की खरीद टालने के लिए फ्री लुक पीरियड का विकल्प अपना सकते हैं, जिससे जीएसटी प्रीमियम पर शून्य जीएसटी का लाभ उठा सकें।

बीमा पॉलिसियों में फ्री लुक पीरियड के दौरान पॉलिसीधारक खरीद के 30 दिन के भीतर उसकी समीक्षा कर सकता है और उसे रद्द कर सकता है।
जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होंगी।

जीवन बीमा कंपनी के एक अधिकारी के मुताबिक, ‘इस बात की संभावना है कि पॉलिसीधारक फ्री लुक पीरियड का इस्तेमाल करें और फिर 22 सितंबर के बाद खरीदारी करें। लोग फ्री लुक के बारे में जानते हैं और यह हो सकता है। प्रोटेक्शन बिजनेस में जीएसटी करीब 18 प्रतिशत है और यह उद्योग में सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत है। शेष सेग्मेंट में सिर्फ 4 से 5 प्रतिशत जीएसटी है और इन पॉलिसियों में संभवतः लोग फ्री लुक पीरियड का इस्तेमाल नहीं करेंगे।’

जीएसटी परिषद ने सभी व्यक्तिगत जीवन बीमा पॉलिसियों को जीएसटी से छूट देने का फैसला किया है, जिसमें टर्म लाइफ , यूनिट लिंक्ड (यूलिप) और एंडोमेंट पॉलिसियों के साथ पुनर्बीमा भी शामिल है। इस कदम का मकसद बीमा को और वहनीय बनाना और देश में इसका कवरेज बढ़ाना है।

इसी तरह से सभी व्यक्तिगत स्वाथ्य बीमा पॉलिसियों (फेमिली फ्लोटर और सीनियर सिटीजन प्लान सहित) और उनके पुनर्बीमा पर भी कर छूट दी गई है।

इंश्योरेंस ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईबीएआई) के प्रेसीडेंट नरेंद्र भारींदवाल ने कहा, ‘उपभोक्ता फ्री लुक पीरियड के विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं, जिससे जीएसटी का लाभ उठाया जा सके। बहरहाल इसकी सलाह नहीं दी जा सकती, क्योंकि इस अवधि के दौरान पॉलिसियों को रद्द किया जाना आसान कवायद नहीं है।’ भारींदवाल ने बताया कि पॉलिसीधारकों को एक ई-मेल भेजना होगा और बीमा कंपनी ग्राहक तक पहुंचने और उसे अपने पास रखने के लिए राजी करने का प्रयास करेगी। इसी तरह से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों का भी मसला है। फ्री लुक पीरियड का इस्तेमाल पैसा बचाने वाला, लेकिन मूर्खतापूर्ण कदम होगा।

वहीं क्विकइंश्योर के सह संस्थापक और सीईओ आनंद श्रीखंडे का मानना है कि लोग फ्री लुक पीरियड का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन संभवतः वे इसका दुरुपयोग नहीं करेंगे। साथ ही यह बुद्धिमत्तापूर्ण नहीं होगा कि फ्री लुक पीरियड का इस्तेमाल जीएसटी लाभ लेने के लिए किया जाए।

First Published - September 6, 2025 | 11:06 AM IST

संबंधित पोस्ट