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Year Ender: 2025 में चुनौतियों के बीच चमका शेयर बाजार, निवेशकों की संपत्ति ₹30.20 लाख करोड़ बढ़ी

2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए कंसोलिडेशन और बदलाव का साल रहा। कई वर्षों तक दोहरे अंक के मजबूत ‘रिटर्न’ के बाद इस साल बेंचमार्क इंडेक्सों में अपेक्षाकृत बढ़त सीमित रही

Last Updated- December 30, 2025 | 4:13 PM IST
stock market

Year Ender 2025: विदेशी निवेशकों की निकासी, टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं, हाई वैल्यूएशन और रुपये की कमजोरी जैसी कई चुनौतियों के बावजूद बीएसई के बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में आठ फीसदी से ज्यादा की बढ़त से इस साल दलाल स्ट्रीट के निवेशकों की संपत्ति 30.20 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। एक्सपर्ट्स ने कहा कि तमाम प्रतिकूलताओं के बावजूद मजबूत घरेलू निवेशक समर्थन और सुदृढ़ व्यापक आर्थिक स्थिति, खासकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में तेजी से शेयर बाजारों ने मजबूत प्रदर्शन किया।

निवेशकों की संपत्ति ₹30.20 लाख करोड़ बढ़ी

इनक्रेड वेल्थ के सीईओ नितिन राव ने कहा, ‘‘विदेशी निवेशकों की निकासी एक चुनौती बनी रही, इसके बावजूद बाजार की मजबूती साफतौर पर दिखी। 2025 में भारतीय बाजार के प्रमुख कारकों में मजबूत घरेलू निवेशक समर्थन शामिल रहा।’’

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 29 दिसंबर तक 6,556.53 अंक यानी 8.39 फीसदी चढ़ा। एक दिसंबर को इसने 86,159.02 के अपने ऑलटाइम हाई को छुआ। इस साल अब तक बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (MCap) 30,20,376.68 करोड़ रुपये बढ़कर 4,72,15,483.12 करोड़ रुपये (करीब 5250 अरब अमेरिकी डॉलर) हो गया। बीएसई में शामिल कंपनियों का मार्केट कैप पिछले साल अप्रैल में पहली बार 400 लाख करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गया था।

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2025 में सेंसेक्स-निफ्टी 8-10% बढ़ा

एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुदी आर. ने कहा कि 2025 को भारतीय शेयरों के लिए कंसोलिडेशन और बदलाव का वर्ष कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘कई वर्षों तक दोहरे अंक के मजबूत ‘रिटर्न’ के बाद इस साल बेंचमार्क इंडेक्सों में अपेक्षाकृत सीमित बढ़त रही। सेंसेक्स और निफ्टी में साल भर में करीब 8-10 फीसदी की वृद्धि हुई। वैश्विक प्रतिकूलताओं, विदेशी पूंजी की निकासी और वैल्यूएशन में सुधार के बीच यह प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा।’’

FIIs ने बाजार से रिकॉर्ड ₹1.6 लाख करोड़ निकाले

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट के रिसर्च हेड संतोष मीणा ने कहा कि घरेलू स्तर पर बाजारों को कमजोर कॉरपोरेट आय वृद्धि, हाई वैल्यूएशन, रुपये की कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी का सामना करना पड़ा जिससे स्थिर व्यापक आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद धारणा सतर्क बनी रही। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं और अमेरिका के केंद्रीय बैंक की ब्याज दरों को लेकर बदलती अपेक्षाओं का बाजारों पर असर पड़ा। विदेशी निवेशकों ने 2025 में शेयर बाजार से रिकॉर्ड 1.6 लाख करोड़ रुपये (करीब 18 अरब अमेरिकी डॉलर) की निकासी की।

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DIIs और IPOs से शेयर बाजार को मिला सहारा

स्टॉक्सकार्ट के डायरेक्टर और सीईओ प्रणय अग्रवाल ने कहा कि मजबूत आर्थिक वृद्धि, सरकार के पूंजीगत व्यय एवं घरेलू निवेशकों के सतत निवेश से बाजारों को सहारा मिला। हालांकि, विदेशी पूंजी की निकासी, हाई वैल्यूएशन और वैश्विक जोखिम से बचाव की प्रवृत्तियों के कारण समय-समय पर उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस साल आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) की रिकॉर्ड संख्या ने भी बाजार को मजबूती दी। प्रमुख आईपीओ में टाटा कैपिटल का 15,512 करोड़ रुपये का इश्यू सबसे आगे रहा। इसके बाद एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (12,500 करोड़ रुपये), एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया (11,607 करोड़ रुपये), हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज (8,750 करोड़ रुपये), लेंसकार्ट सॉल्यूशंस (7,278 करोड़ रुपये) और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स (6,632 करोड़ रुपये) का स्थान रहा।

SIP बना ग्रोथ इंजन

अग्रवाल ने कहा कि सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) में लगातार इनफ्लो, खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी एवं लॉन्ग टर्म ग्रोथ की कहानी में भरोसे ने वैश्विक अस्थिरता के दौरान भी बाजार को स्थिरता प्रदान की। मार्केट कैप के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रही जिसका बाजार पूंजीकरण 20,91,173 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद एचडीएफसी बैंक (15,25,457.75 करोड़ रुपये), भारती एयरटेल (11,86,978.75 करोड़ रुपये), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (11,77,199.05 करोड़ रुपये) और आईसीआईसीआई बैंक (9,60,478.36 करोड़ रुपये) शीर्ष पांच में शामिल रहीं।

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बाजार के लिए 2025 कंसोलिडेशन का साल रहा

एसबीआई सिक्योरिटीज के मौलिक रिसर्च हेड सनी अग्रवाल ने कहा कि 2020-24 के दौरान मजबूत रिटर्न के बाद 2025 कंसोलिडेशन और औसत की ओर लौटने का वर्ष रहा। कुछ क्षेत्रों में हाई वैल्यूएशन, आय में सुस्ती एवं बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं से 2025 की पहली तिमाही में बाजार में सुधार आया जिसके बाद अप्रैल से बड़ी कंपनियों में धीरे-धीरे ‘रिकवरी’ देखने को मिली। सेंसेक्स 2024 में 5,898.75 अंक या 8.16 फीसदी चढ़ा था और बीएसई में शामिल कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 77.66 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 4,41,95,106.44 करोड़ रुपये हो गया था। बाजार पूंजीकरण 2023 में 81.90 लाख करोड़ रुपये बढ़ा था।

(PTI इनपुट के साथ)

First Published - December 30, 2025 | 3:59 PM IST

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