Stock Market Closing Bell, December 9, 2025: एशियाई बाजारों में गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार के मंगलवार (9 दिसंबर) को लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले चावल पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। इससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा है और अमेरिका के साथ ट्रेड डील की उम्मीदों को भी झटका लगा है।
तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 300 से ज्यादा अंक गिरकर 84,742 पर खुला। खुलते ही इसमें गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान यह 700 से ज्यादा अंक गिर गया था। अंत में यह 436.41 अंक या 0.51 फीसदी गिरकर 84,666.28 पर बंद हुआ।
इसी तरह, नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 (Nifty-50) भी गिरावट के साथ 25,867 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह 25,728 अंक के इंट्रा-डे लो तक गया। अंत में 120.90 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 25,839.65 पर बंद हुआ।
जियोजित इंवेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, ”घरेलू शेयर बाजार आज कमजोर खुला। अमेरिकी फेड की नीति बैठक से पहले निवेशक सतर्क दिखे। रुपये की कमजोरी, एफआईआई की लगातार बिकवाली और अमेरिका–भारत ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता ने भी बाजार पर दबाव डाला। आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि पीएसयू बैंक, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में खरीदारी रही। स्मॉल-कैप शेयरों ने अन्य इंडेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।”
उन्होंने कहा, ”वैश्विक बाजारों में भी दबाव बढ़ा है। ऐसा इसलिए क्योंकि जापान में बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है और उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान अपनी दिसंबर बैठक में सख्त रुख अपना सकता है। बाजार में आम तौर पर फेड के 25 बेसिस पॉइंट की दर कटौती और बैंक ऑफ जापान केदरों में वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। लेकिन 2026 के लिए उनकी आगे की गाइडेंस बेहद अहम होगी। शार्ट टर्म में केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियां, मुद्रा का उतार-चढ़ाव और एफआईआई फ्लो बाजार की दिशा तय करेंगे। जबकि घरेलू मैक्रो डेटा की मजबूती गिरावट को सीमित रखने में मदद कर सकती है।”
सेंसेक्स की कंपनियों में एशियन पेंट्स, टेक एम, एचसीएल टेक, टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, सन फार्मा, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस सेंसेक्स पर सबसे ज्यादा 4.6 प्रतिशत तक की गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, इटरनल, टाइटन, अदानी पोर्ट्स, बीईएल और एसबीआई हरे निशान में रहे।
ब्रोडर मार्केटस में निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.32 प्रतिशत ऊपर रहा और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.14 प्रतिशत ऊपर रहा। सेक्टोरल मोर्चे पर निफ्टी आईटी, ऑटो और फार्मा सेक्टरों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, मीडिया, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल्स भी लाल निशान में रहे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि वे कृषि उत्पादों के आयात पर नए टैरिफ लगा सकते हैं, खासकर भारत से आने वाले चावल और कनाडा से आयात होने वाले फर्टिलाइजर पर। उनका कहना था कि ये आयात अमेरिकी किसानों के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं और इसे लेकर कदम उठाना जरूरी है।
भारत और अमेरिका ट्रेड डील में लगे हुए हैं। लेकिन अभी तक डील को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है। हालांकि, अमेरिकी ट्रेड वार्ताकार इस सप्ताह व्यापार वार्ता जारी रखने के लिए भारत में होंगे। लेकिन माना जा रहा है कि क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों के कारण दिसंबर में कोई समझौता अंतिम रूप नहीं ले पाएगा।
शेयर बाजार में हालिया गिरावट से निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 46,493,974.43 करोड़ रुपये पर आ गया है। शुक्रवार को यह 471,71,042 करोड़ रुपये था। इस तरह, निवेशकों को पिछले दो ट्रेडिंग सेशन में 6,77,068.38 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
भारतीय चावल कंपनियों के शेयरों में मंगलवार (9 दिसंबर) को बाजार खुलते ही बड़ी गिरावट देखने को मिली। केआरबीएल, एलटी फूड्स और जीआरएम जैसी चावल कंपनियों के शेयर 10 फीसदी तक गिर गए। राईस स्टॉक्स में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप (Donald Trump) के ताजा बयान के चलते आई है।
वॉल स्ट्रीट पर बिकवाली के चलते पूरे एशिया में बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन को H200 चिप की बिक्री को मंजूरी दिए जाने के बाद मेनलैंड चीन का CSI 300 इंडेक्स 0.11 प्रतिशत नीचे आया। जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.41 प्रतिशत नीचे आया। इस सौदे में अमेरिकी सरकार के लिए एक बड़ी कटौती भी शामिल है। इस बीच, जापान का निक्केई 0.11 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का KOSPI 0.39 प्रतिशत नीचे आया।
वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। डॉव जोन्स 0.45 प्रतिशत, एसएंडपी 500 0.35 प्रतिशत और नैस्डैक 0.14 प्रतिशत नीचे आ गए। निवेशक अब इस हफ्ते फेडरल रिकर्व की नीतिगत बैठक का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं और उम्मीद है कि अमेरिकी फेड बुधवार को अपने नीतिगत फैसले की घोषणा करेगा।
घरेलू मोर्चे पर चावल से जुड़े शेयरों फोकस में रहेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय चावल पर नए टैरिफ लगाने की संभावना का संकेत दिया है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच ट्रेड डील अनसुलझी रह सकती है।