facebookmetapixel
Advertisement
FMCG कंपनियों में निवेश का मौका, DSP म्युचुअल फंड का नए ETF की पूरी डीटेलUS-Iran War: चीन यात्रा से पहले ट्रंप की ईरान को खुली चेतावनी, बोले- ‘डील करो वरना तबाही तय’Cabinet decisions: कोयले से गैस बनाएगी सरकार! ₹37,500 करोड़ की स्कीम से बदल सकती है देश की ऊर्जा तस्वीरहर महीने ₹30,000 करोड़ का नुकसान! आखिर कब तक पेट्रोल-डीजल के दाम रोक पाएगी सरकार?IT Sector Outlook: AI और क्लाउड से मिल रहा बड़ा काम, भारतीय IT कंपनियों के लिए बदल रही तस्वीरFuel Price Update: क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? RBI गवर्नर के बयान से बढ़ी चिंताबढ़िया ग्रोथ के बाद Max Financial पर बुलिश हुए ब्रोकरेज, दिए ₹1,980 तक के टारगेटRBI Dividend: सरकार को RBI से मिल सकता है रिकॉर्ड डिविडेंड, संकट के दौर में मिलेगा बड़ा सहाराक्रेडिट कार्ड बंद कराने से बिगड़ जाएगा CIBIL स्कोर? क्या कहते हैं एक्सपर्टभारत की अर्थव्यवस्था पर Morgan Stanley का बड़ा भरोसा, FY27 में GDP ग्रोथ 6.7% रहने का अनुमान

तीसरी तिमाही में प्रमोटरों के गिरवी शेयर बढ़कर 1.61 फीसदी

Advertisement
Last Updated- February 19, 2023 | 7:24 PM IST
Stock market today

प्रमोटरों (Promoters) के गिरवी शेयरों में अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (2022-23) के दौरान इजाफा हुआ और यह कवायद बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स में 6 फीसदी की बढ़ोतरी के बीच देखने को मिली।

कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तकों की हिस्सेदारी के प्रतिशत के तौर पर प्रवर्तकों के गिरवी शेयरों की वैल्यू वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही में बढ़कर 1.61 फीसदी पर पहुंच गई, जो सितंबर तिमाही (2022-23) में 1.57 फीसदी रही थी।

प्रवर्तकों की तरफ से गिरवी शेयरों की कुल वैल्यू 2.2 लाख करोड़ रुपये रही, जो बीएसई 500 इंडेक्स के कुल बाजार पूंजीकरण का 0.83 फीसदी बैठता है।

रिपोर्ट में कहा गया है, प्रमुख भारतीय कंपनियों के प्रवर्तकों ने दिसंबर तिमाही में गिरवी शेयरों में बढ़ोतरी की क्योंकि बढ़ती महंगाई के कारण वैश्विक स्तर पर नीतिगत सख्ती के कारण इक्विटी बाजारों में उतारचढ़ाव देखने को मिला।

बीएसई 500 इंडेक्स की 87 कंपनियों के प्रवर्तकों ने अपनी हिस्सेदारी का कम से कम कुछ हिस्सा तीसरी तिमाही के आखिर में गिरवी रखा। इसमें से सिर्फ 17 कंपनियों के प्रवर्तकों की 25 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी गिरवी थी।

जिन कंपनियों के प्रवर्तकों ने अपनी हिस्सेदारी का 90 फीसदी से ज्यादा गिरवी रखा वे हैं मैक्स फाइनैंशियल सर्विसेज और थायरोकेयर टेक्नोलॉजिज शामिल हैं। जिन कंपनियों के प्रवर्तकों ने गिरवी शेयरों में खासी बढ़ोतरी की उनमें लॉयड्स मेटल्स ऐंड एनर्जी, हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजिज, वॉकहार्ट, इमामी और अजंता फार्मा शामिल हैं।

उधर, मदरसन सूमी वायरिंग इंडिया, दीपक फर्टिलाइजर्स ऐंड पेट्रोकेमिकल्स, जीएमआर एयरपोर्ट्स, गेन्युल्स इंडिया और 360 वन के प्रवर्तकों के गिरवी शेयरों में कमी दर्ज हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, लॉयड्स मेटल्स ऐंड एनर्जी और हैप्पिएस्ट माइंड्स टेक्नोलॉजिज के प्रवर्तकों ने नए शेयर गिरवी रखे।

निफ्टी-50 में शामिल कंपनियों में प्रवर्तकों की सबसे ज्यादा गिरवी शेयर अदाणी पोर्ट्स ऐंड स्पेशल इकनॉमिक जोन (17.3 फीसदी), अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइजेज (16.4 फीसदी), एशियन पेंट्स (7.6 फीसदी), इंडसइंड बैंक (45.5 फीसदी) और जेएसडब्ल्यू स्टील (17.6 फीसदी) के पाए गए।

यह रिपोर्ट दिसंबर 2022 के आंकड़ों पर आधारित है। तब से प्रवर्तकों के गिरवी शेयरों में फेरबदल भी हो सक

Advertisement
First Published - February 19, 2023 | 7:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement