facebookmetapixel
Advertisement
AI निवेश थीम की रफ्तार पड़ी धीमी, GEM फंड्स से 10 अरब डॉलर निकले; भारत पर बढ़ा दबावलेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारत के नए सेना प्रमुख, जनरल उपेंद्र द्विवेदी की लेंगे जगहiPhone पार्ट्स बनाने वाली Tata Electronics पर प्रदूषण के आरोप, होसुर प्लांट बंद करने की चेतावनीNEET-UG 2026 में बड़ा बदलाव, परीक्षा समय बढ़ा और रफ वर्क पेज में सुधारएयर इंडिया AI-171 हादसे की अंतिम रिपोर्ट जांच पूरी होने के बाद जारी होगी: AAIBमाइक्रोफाइनैंस सेक्टर में दबाव फिर बढ़ा, अप्रैल में शुरुआती डिफॉल्ट में इजाफामाइक्रोफाइनैंस सेक्टर में सुधार के संकेत, सात तिमाहियों बाद लोन पोर्टफोलियो में बढ़ोतरीमिसाइल डिफेंस में भारत की बड़ी छलांग, बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराने की BMD क्षमता हासिल कीवेनेजुएला से कच्चे तेल की सप्लाई का अर्श से फर्श तक का सफर, अब फिर वापसी के संकेतNBFC का बहीखाता FY28 तक ₹93 लाख करोड़ पहुंचने का अनुमान, अनसिक्योर्ड लोन पर बढ़ी चिंता

फंड निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार धीमी

Advertisement

साल 2025 की पहली छमाही में यूनिक एमएफ निवेशकों की संख्या सिर्फ 5.2 फीसदी बढ़ी

Last Updated- July 28, 2025 | 11:20 PM IST
Mutual Fund

इक्विटी बाजार में अस्थिरता यानी उतारचढ़ाव बढ़ने से इक्विटी योजनाओं का आकर्षण कुछ हद तक कम हो गया, जिससे कैलेंडर वर्ष 2025 में म्युचुअल फंडों (एमएफ) के साथ नए निवेशकों के जुड़ाव की रफ्तार काफी कम हो गई है। साल 2025 की पहली छमाही में यूनिक एमएफ निवेशकों की संख्या सिर्फ 5.2 फीसदी बढ़ी जबकि पिछले साल की इसी अवधि में इसमें करीब 12 फीसदी का इजाफा हुआ था।

यूनिक निवेशकों की कुल संख्या परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन के पंजीकरण से मापी जाती है। जून 2025 तक उद्योग में कुल 5.53 करोड़ यूनिक निवेशक थे जो दिसंबर 2024 के 5.26 करोड़ से ज्यादा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों के जुड़ाव की रफ्तार काफी हद तक शेयर बाजार के प्रदर्शन से संबद्ध होती है। सैपिएंट फिनसर्व के संस्थापक निदेशक अमित बिवलकर ने कहा, इस साल निवेशकों का जुड़ाव कम होने की मुख्य वजह शेयर बाजार की कमजोर धारणा रही है।

एप्सिलॉन मनी के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक देव ने कहा, कई प्रमुख कारक इस रुझान को बताते हैं। इसमें सबसे महत्त्वपूर्ण कारक बाजार में अस्थिरता और सितंबर 2024 के बाद आई तेज गिरावट है। आज की स्थिति के अनुसार निफ्टी 500 एक साल की अवधि में 2 फीसदी नीचे आ गया है।

मार्च 2025 में समाप्त हुई छह महीने की अवधि में इक्विटी बाजारों में गिरावट ने इक्विटी म्युचुअल फंडों के पिछले रिटर्न चार्ट, खासकर एक साल के प्रदर्शन पर असर डाला। विभिन्न समयावधियों में रिटर्न चार्ट पर इक्विटी योजनाओं का मजबूत प्रदर्शन 2020 के बाद नए निवेशकों की संख्या में वृद्धि के प्रमुख कारणों में से एक रहा है।

नए फंडों की पेशकश (एनएफओ) भी नए निवेशकों को जोड़ने में भी प्रमुख भूमिका निभाती हैं पर इसमें भी मंदी रही है। 2025 की पहली छमाही में म्युचुअल फंडों ने 25 ऐक्टिव इक्विटी योजनाएं पेश की हैं जबकि 2024 की पहली छमाही में इनकी संख्या 30 थी। इसी अवधि में एनएफओ संग्रह 37,885 करोड़ रुपये से घटकर 10,690 करोड़ रुपये रह गया है। हालांकि मंदी के कारण इक्विटी म्युचुअल फंडों में निवेश और नए निवेशकों की संख्या में गिरावट आई है, लेकिन मौजूदा खुदरा निवेशकों की भागीदारी मजबूत बनी हुई है।

Advertisement
First Published - July 28, 2025 | 10:59 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement