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काशी-तमिल संगमम में PM मोदी की विशेष अपील: तमिल सीखने और सांस्कृतिक विरासत जानने का बड़ा मौका

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उन्होंने इस आयोजन को विश्व की सबसे प्राचीन भाषा तमिल और विश्व के सबसे प्राचीन शहरों में से एक काशी दोनों का संगम बताया

Last Updated- November 30, 2025 | 9:41 PM IST
PM Modi
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी | फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागरिकों से वाराणसी में आयोजित होने वाले काशी-तमिल संगमम में भाग लेने और तमिल भाषा सीखने के अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया। मोदी ने अपने मासिक ‘मन की बात’ संबोधन में कहा कि काशी-तमिल संगमम का चौथा संस्करण 2 दिसंबर को वाराणसी के नमो घाट पर शुरू होगा। उन्होंने कहा, ‘इस बार के काशी-तमिल संगमम का विषय बहुत ही रोचक है- तमिल सीखें- तमिल करकलम।’

उन्होंने इस आयोजन को विश्व की सबसे प्राचीन भाषा तमिल और विश्व के सबसे प्राचीन शहरों में से एक काशी दोनों का संगम बताया। मोदी ने कहा कि काशी-तमिल संगमम उन सभी लोगों के लिए महत्त्वपूर्ण मंच बन गया है, जिन्हें तमिल भाषा से लगाव है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘काशी के लोगों से जब भी बात होती है तो वे हमेशा बताते हैं कि काशी-तमिल संगमम का हिस्सा बनना उन्हें बहुत अच्छा लगता है। यहां उन्हें कुछ नया सीखने और नए-नए लोगों से मिलने का अवसर मिलता है।’ उन्होंने कहा, ‘मेरा आप सभी से आग्रह है कि काशी-तमिल संगमम का हिस्सा जरूर बनें। इसके साथ ही ऐसे और भी मंचों के बारे में सोचें, जिनसे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना मजबूत हो।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी और मालाबार तट के लोग नौसैनिक पोत आईएनएस माहे के नाम से ही खुश हो गए। उन्होंने कहा कि दरअसल, इसका ‘माहे’ नाम उस स्थान माहे के नाम पर रखा गया है, जिसकी एक समृद्ध ऐतिहासिक विरासत रही है। उन्होंने कहा, ‘केरल और तमिलनाडु के कई लोगों ने इस बात पर गौर किया कि इस युद्धपोत का प्रतीक-चिह्न उरुमी और कलारिपयट्टू की पारंपरिक लचीली तलवार की तरह दिखाई पड़ता है।’

उपहारों में वोकल फॉर लोकल

प्रधानमंत्री ने जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए दक्षिण अफ्रीका की अपनी हालिया यात्रा के बारे में कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना विश्व नेताओं को उनके द्वारा दिए गए उपहारों में परिलक्षित हुई।

उन्होंने कहा, ‘जी-20 सम्मेलन के दौरान मैंने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति को नटराज की कांस्य प्रतिमा भेंट की। ये तमिलनाडु के तंजावुर की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी चोल कालीन शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण है।’

उन्होंने कहा, ‘कनाडा के प्रधानमंत्री को चांदी के अश्व की प्रतिकृति दी गई। यह राजस्थान के उदयपुर की बेहतरीन शिल्पकला को दर्शाती है। जापान के प्रधानमंत्री को चांदी की बुद्ध की प्रतिकृति भेंट की गई। इसमें तेलंगाना और करीमनगर की प्रसिद्ध चांदी की कलाकृतियों की बारीकी का पता चलता है। इटली की प्रधानमंत्री को फूलों की आकृतियों वाला चांदी का आईना उपहार में दिया। ये भी करीमनगर की ही पारंपरिक धातु शिल्पकला को प्रदर्शित करता है।’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री को मैंने पीतल उरली भेंट की, ये केरल के मन्नार का उत्कृष्ट शिल्प है। मेरा उद्देश्य था कि दुनिया भारतीय शिल्प, कला और परंपरा के बारे में जानें। हमारे कारीगरों की प्रतिभा को वैश्विक मंच मिले।’

विकसित भारत की सबसे बड़ी शक्ति

प्रधानमंत्री ने अंतरिक्ष निर्माण से लेकर कृषि तक हाल की उपलब्धियों का उल्लेख कर कहा कि युवाओं की लगन ‘विकसित भारत’ की सबसे बड़ी शक्ति है। प्रधानमंत्री ने नवंबर की प्रेरणादायक घटनाओं में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने, सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस समारोह और अयोध्या में राम मंदिर पर धर्मध्वज का जिक्र किया। हैदराबाद में दुनिया की सबसे बड़ी लीप इंजन एमआरओ इकाई का उ‌द्घाटन और आईएनएस ‘माहे’ को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने का भी उल्लेख किया।

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First Published - November 30, 2025 | 9:41 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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