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Parliament Winter Session: SIR विवाद से लेकर एयर क्वालिटी संकट तक, संसद में इन मुद्दों पर हो सकती है बहस

Winter Session 2025 में पेश होने वाले प्रमुख विधेयक ऊर्जा, वित्त, बीमा, शिक्षा, सड़क और मध्यस्थता क्षेत्रों में बड़े सुधार और निवेश-सुविधा बढ़ाने के लिए तैयार किए गए हैं।

Last Updated- November 29, 2025 | 4:00 PM IST
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Parliament Winter Session: दिल्ली में बढ़ते जहरीले प्रदूषण, चुनावी सूची में हुए बदलावों पर विपक्ष की नाराज़गी और वंदे मातरम जैसे मुद्दों के बीच, 1 दिसंबर से शुरू हो रहा संसद का शीतकालीन सत्र खासा गर्म रहने की संभावना है।

15 दिनों के इस सत्र के लिए केंद्र की एनडीए सरकार ने कुल 12 विधेयक सूचीबद्ध किए हैं। इनमें से दो विधेयकों को पारित कराने पर जोर होगा, जबकि दस नए विधेयक पेश किए जाएंगे। प्रस्तावित कानून परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा सुधार, कॉरपोरेट कानून, कैपिटल मार्केट, मध्यस्थता (arbitration) और बीमा क्षेत्र को और मजबूत और सरल बनाने से जुड़े हैं।

सरकार का लक्ष्य है कि इन विधेयकों से कारोबार करने की प्रक्रिया आसान हो, निवेश बढ़े और बीमा की पहुंच आम लोगों तक गहराई से हो सके।

संसद के विंटर सेशन में क्या-क्या मुद्दे चर्चा में रहेंगे

सत्र से पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दिल्ली की स्मॉग-समस्या को “हेल्थ इमरजेंसी” बताया है और इसे संसद में विस्तृत बहस का विषय बनाने की मांग की है। दिल्ली-एनसीआर फिर से गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है और सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर मौखिक तौर पर चिंता जताई है। हालांकि यह मुद्दा आधिकारिक एजेंडा में नहीं है, लेकिन विपक्ष इसे उठाने की पूरी तैयारी में है।

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) – विपक्ष की चिंता

ट्रिनमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम समेत कई विपक्षी दल सर्वदलीय मुद्दे के रूप में 12 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में चल रहे विशेष गहन वोटर-सूची (SIR) पुनरीक्षण को भी उठाएंगे। पिछले मानसून सत्र में भी यही मांग उठी थी जब बिहार में यह प्रक्रिया चल रही थी। केंद्र का कहना था कि न्यायपालिका में लंबित मामलों पर सदन में चर्चा नहीं हो सकती और चुनाव आयुक्त के कार्य पर सदन टिप्पणी नहीं कर सकता। तब कई बार सदन में बाधा भी आई थी। फिर भी बिहार का SIR पूरा हुआ और विधानसभा चुनाव में रेकॉर्ड मतदान हुआ।

‘वोट चोरी’ के आरोप

राहुल गांधी संभवतः हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की विधानसभा चुनावों में हुई कथित ‘वोट चोरी’ का मामला भी उठाएंगे। चुनाव आयोग ने इनके विरोध में कहा है कि ऐसे आरोपों के लिए ठोस सबूत समेत शिकायत देनी चाहिए  जो अ,ब तक नहीं हुई है।

‘वंदे मातरम्’ पर विशेष चर्चा

सरकार ने सत्र के आरंभ में देश के राष्ट्रीय गीत “वंदे मातरम्” पर एक दिन की विशेष चर्चा रखने की योजना बनाई है। यह 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर रखा जा रहा है। इस मुद्दे पर विपक्ष को सर्वदलीय बैठक में जानकारी दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने हाल ही में यह कहा था कि कांग्रेस ने 1937 में कुछ महत्वपूर्ण पद्य हटाए थे, जिससे विभाजन का बीज बोया गया, ऐसी टिप्पणियां मीडिया में आईं और यह भी चर्चा का हिस्सा बन सकता है।

पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हाल में कहा कि संसद में ‘जय हिन्द’ और ‘वंदे मातरम्’ कहने पर रोका जा रहा है या पाबंदी लगाई जा रही है, ऐसा क्यों किया जा रहा है, यह सवाल उठाया है। 24 नवंबर को राज्यसभा सचिवालय ने सांसदों को निर्देश दिया कि सदन के अंदर या बाहर ‘वंदे मातरम्’ व ‘जय हिन्द’ जैसे नारे न लगाए जाएं ताकि संसदीय शिष्टाचार बना रहे।

‘वंदे मातरम्’ बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1870 के दशक में लिखा था और 1950 में इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया गया था।

सर्दी सत्र 2025: पेश होने वाले प्रमुख विधेयक

संसद के सर्दी सत्र में सरकार कई अहम विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इन प्रस्तावित कानूनों का मकसद ऊर्जा, शिक्षा, सड़क निर्माण, बीमा और वित्तीय बाजारों समेत कई क्षेत्रों में बड़े बदलाव लाना है। आइए समझते हैं प्रत्येक बिल का सरल सार:

1) एटॉमिक एनर्जी बिल, 2025

यह बिल पहली बार देश के नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी कंपनियों की सहभागिता खोलने का प्रस्ताव रखता है।
मुख्य उद्देश्य:

  • परमाणु ऊर्जा उत्पादन में निजी निवेश बढ़ाना

  • दुर्घटना की स्थिति में ऑपरेटरों पर अतिरिक्त दायित्व कम करना

  • 2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर के लक्ष्य को गति देना

2) सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (SMC) बिल, 2025

यह बिल शेयर बाज़ार से जुड़े तीन पुराने कानूनों को एक ही कोड में शामिल करने का बड़ा सुधार है। इससे-

  • वित्तीय बाज़ारों का नियमन सरल होगा

  • निवेशकों और कंपनियों के लिए प्रक्रियाएं आसान बनेंगी

  • Ease of Doing Business में बढ़ोतरी होगी

3) इंश्योरेंस लॉज़ (संशोधन) बिल, 2025

बीमा क्षेत्र में गहराई से बदलाव करने का प्रस्ताव है।

  • इंश्योरेंस एक्ट, LIC एक्ट और IRDAI एक्ट में संशोधन

  • बीमा कवरेज बढ़ाने पर ज़ोर

  • बीमा कंपनियों में 100% FDI की अनुमति देने का सुझाव
    यह कदम बीमा क्षेत्र में तेजी और प्रतिस्पर्धा ला सकता है।

4) कॉरपोरेट लॉज़ (संशोधन) बिल, 2025

कंपनी कानून और LLP कानून में बदलाव कर कारोबार को और सहज बनाने की कोशिश है।
लक्ष्य:

  • नियमों को सरल और स्पष्ट बनाना

  • 2022 की कंपनी लॉ कमेटी की सिफारिशों के आधार पर कमियां दूर करना

5) हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल, 2025

यह बिल भारत में उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखता है।
प्रमुख प्रावधान:

  • एक नई Higher Education Commission of India की स्थापना

  • विश्वविद्यालयों को ज़्यादा स्वायत्तता

  • पारदर्शी मान्यता और बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण

6) संविधान (131वां संशोधन) बिल, 2025

इस बिल का उद्देश्य चंडीगढ़ को धारा 240 में शामिल करना था, ताकि अन्य गैर-विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों जैसा दर्जा मिले।
लेकिन-

  • राजनीतिक विवाद के बाद गृह मंत्रालय ने कहा कि यह बिल सर्दी सत्र में पेश नहीं किया जाएगा

  • इससे पहले व्यापक चर्चा की जाएगी

First Published - November 29, 2025 | 4:00 PM IST

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