प्रमुख वाहन विनिर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमऐंडएम) अब गाड़ियां बनाने से आगे बढ़कर एक राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक-मोबिलिटी ईकोसिस्टम बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। कंपनी ने 2027 तक राजमार्गों पर 1,000 अल्ट्रा-फास्ट चार्जिंग पॉइंट स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में बताया है।
सभी चार्जर 180 किलोवॉट और उससे अधिक क्षमता के होंगे, जिससे एक उच्च-शक्ति वाले इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) कॉरिडोर का निर्माण होगा, जिसे एक शहर से दूसरे शहर के लिए इलेक्ट्रिक यात्रा को निर्बाध बनाने के वास्ते डिजाइन किया गया है।
कंपनी ने बताया कि चार फास्ट चार्जर से लैस दो स्टेशन चालू हैं। महिंद्रा ऐंड महिंद्रा शेष चार्जर 250 उच्च-यातायात कॉरिडोर पर लगाएगी, जिनकी भारत की लंबी दूरी की सड़क आवाजाही में करीब 90 फीसदी हिस्सेदारी है।
यह नेटवर्क ब्रांड-विशिष्ट होगा, सभी ईवी उपयोगकर्ताओं के लिए खुला होगा और एकीकृत खोज और भुगतान के लिए गूगल मैप्स, एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के ऐप्लिकेशन से जुड़ा होगा।
महिंद्रा ऐंड महिंद्रा के वाहन खंड के मुख्य कार्य अधिकारी और महिंद्रा इलेक्ट्रिक ऑटोमोबाइल के कार्यकारी निदेशक नलिनीकांत गोलागुंटा ने कहा कि चार्जिंग रोलआउट कंपनी की दीर्घकालिक ईवी रणनीति का केंद्र बिंदु है।
गोलागुंटा ने कहा, ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का भविष्य लंबी दूरी की यात्रा को शहर में ड्राइविंग जितना आसान बनाने पर निर्भर करता है। इसकी शुरुआत भारत के राजमार्गों पर एक विश्वसनीय, तेज चार्जिंग सिस्टम से होती है। लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक स्पोर्ट यूटिलिटी वाहनों की हमारी बढ़ती रेंज के साथ हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ग्राहक हर यात्रा के लिए बगैर किसी झिझक के इलेक्ट्रिक वाहन चुन सकें।’
यह कवायद ऐसे समय में की जा रही है जब महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने कंपनी के इन्ग्लो प्लेटफॉर्म पर निर्मित सात-सीटर एक्सईवी 9S पेश करने के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन पोर्टफोलियो का विस्तार किया है। एक्सईवी 9S की बुकिंग और डिलीवरी अगले साल जनवरी में शुरू होगी।
नए मॉडल के साथ, महिंद्रा के पास अब चार इलेक्ट्रिक एसयूवी हैं। इनमें एक्सयूवी 400, एक्सईवी 9ई, बीई 6 और एक्सईवी 9एस शामिल हैं। – इनमें से तीन (एक्सईवी 9ई, बीई 6, एक्सईवी 9एस) इन्ग्लो प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं।
पिछले सात महीनों में इसने 30,000 से अधिक बीई6 और एक्सईवी 9-श्रृंखला के इलेक्ट्रिक वाहन बेचे हैं, जिससे कंपनी को लगभग 8,000 करोड़ रुपये की कमाई हुई है। इसके अलावा, कंपनी को उम्मीद है कि 2027-28 तक उसके कुल कारोबार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 25 फीसदी हो जाएगी, जिसे विनिर्माण में वृद्धि से बल मिलेगा।
मार्च में महिंद्रा की इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में 181 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसके बाद पूरे साल लगातार उच्च वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें जून में 523 फीसदी, अगस्त में 942 फीसदी और सितंबर में 583 फीसदी की उल्लेखनीय वृद्धि शामिल है, जो कि निम्न आधार पर थी। अक्टूबर महिंद्रा के लिए सबसे अच्छा महीना रहा, जहां बिक्री तीन गुना बढ़कर 3,911 गाड़ियों की हो गई।
कंपनी के कार्यकारी निदेशक और मुख्य कार्य अधिकारी (वाहन एवं कृषि क्षेत्र) राजेश जेजुरिकर ने कहा, ‘हम चालू वित्त वर्ष के अंत तक 8,000 इलेक्ट्रिक वाहनों की परिचालन उत्पादन क्षमता प्रति माह तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इसमें से हमारा लक्ष्य 7,000 वाहन प्रति माह बेचना है।’