facebookmetapixel
दुनिया में उथल-पुथल के बीच भारत की अर्थव्यवस्था के क्या हाल हैं? रिपोर्ट में बड़ा संकेत30% टूट चुका Realty Stock बदलेगा करवट, 8 ब्रोकरेज का दावा – ₹1,000 के जाएगा पार; कर्ज फ्री हुई कंपनीसिर्फ शेयरों में पैसा लगाया? HDFC MF की रिपोर्ट दे रही है चेतावनीIndia manufacturing PMI: जनवरी में आर्थिक गतिविधियों में सुधार, निर्माण और सर्विस दोनों सेक्टर मजबूतसोना, शेयर, बिटकॉइन: 2025 में कौन बना हीरो, कौन हुआ फेल, जानें हर बातट्रंप ने JP Morgan पर किया 5 अरब डॉलर का मुकदमा, राजनीतिक वजह से खाते बंद करने का आरोपShadowfax Technologies IPO का अलॉटमेंट आज होगा फाइनल, फटाफट चेक करें स्टेटसGold and Silver Price Today: सोना-चांदी में टूटे सारे रिकॉर्ड, सोने के भाव ₹1.59 लाख के पारSilver के बाद अब Copper की बारी? कमोडिटी मार्केट की अगली बड़ी कहानीAI विश्व शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे स्पेन के 80 विश्वविद्यालयों के रेक्टर

देश में शिक्षकों की संख्या 1 करोड़ पार, कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 54.2 प्रतिशत

महिला शिक्षकों की बढ़ती उपस्थिति के कारण लड़कियों के नामांकन में वृद्धि हुई है, जो 2024-25 में सभी नए नामांकनों का 48.3 प्रतिशत है

Last Updated- August 28, 2025 | 11:19 PM IST
One Nation One Student ID

देश में शिक्षकों की कुल संख्या किसी भी शैक्षणिक वर्ष में पहली बार 1 करोड़ को पार कर गई है। यह जानकारी 2024-25 के लिए शिक्षा मंत्रालय की एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली प्लस (यूडाइज प्लस) की रिपोर्ट में दी गई है। इसमें सरकारी और निजी दोनों तरह के स्कूलों के शिक्षक शामिल हैं।

यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में महिला शिक्षकों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। अब कुल शिक्षक कार्यबल में महिलाओं की हिस्सेदारी 54.2 प्रतिशत हो गई है जबकि 2014-15 में यह आंकड़ा 46.9 प्रतिशत पर ही था।  शिक्षा मंत्रालय के अनुसार 2014 से अब तक कुल 51.4 लाख शिक्षकों की भर्ती की गई है, जिनमें से 61 प्रतिशत महिलाएं हैं।

अधिकारियों ने संकेत दिया कि महिला शिक्षकों की बढ़ती उपस्थिति के कारण लड़कियों के नामांकन में वृद्धि हुई है, जो 2024-25 में सभी नए नामांकनों का 48.3 प्रतिशत है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 48.1 प्रतिशत था। लेकिन रिपोर्ट में छात्रों के कुल नामांकन में गिरावट दर्ज की गई है, जो 2022-23 में 25.17 करोड़ से घटकर 2024-25 में 24.69 करोड़ रह गई है।

आंकड़ों से पता चलता है कि यह गिरावट प्राथमिक विभागों (कक्षा 1 से 5) में प्रवेश के प्रतिशत में गिरावट के साथ आई है। कक्षा 1 से 5 तक दाखिले 2022-23 में 48.7 प्रतिशत से घटकर 2024-25 में 48 प्रतिशत रह गई है।

First Published - August 28, 2025 | 11:01 PM IST

संबंधित पोस्ट