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भारी बारिश से फसलें बर्बाद, इस राज्य की सरकार ने किसानों को दिया ₹947 करोड़ का राहत पैकेज

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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दिवाली के दिन भी की बैठकें, जूनागढ़, कच्छ, पाटन, पंचमहल और वाव-थराद के किसानों को मिलेगी मदद

Last Updated- October 21, 2025 | 11:45 AM IST
Farmer

गुजरात सरकार ने अगस्त और सितंबर में भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पांच जिलों के किसानों के लिए 947 करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया है। राज्य के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने सोमवार को बताया कि यह फैसला मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने लिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने दिवाली के दिन भी बैठकें कीं ताकि किसानों के लिए यह विशेष राहत पैकेज जल्द तय किया जा सके।

कितनी सहायता मिलेगी और कहां?

वाघाणी ने बताया कि कुल 947 करोड़ रुपये में से 563 करोड़ रुपये राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के तहत दिए जाएंगे, जबकि 384 करोड़ रुपये राज्य बजट से जोड़े गए हैं। यह राहत राशि 18 तालुका के 800 गांवों के प्रभावित किसानों को दी जाएगी। ये गांव जूनागढ़, पंचमहल, कच्छ, पाटन और वाव-थराद जिलों में हैं।

फसलों के हिसाब से तय होंगे मुआवजे के नियम

सरकार के बयान के मुताबिक, सिंचित (irrigated) और असिंचित (non-irrigated) जमीन के लिए मुआवजे के अलग-अलग नियम होंगे। इसके अलावा सामान्य फसलों और बागवानी फसलों (horticultural crops) के लिए भी सहायता की दरें अलग तय की गई हैं।

बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान किन इलाकों में?

वाघाणी ने बताया कि वाव-थराद और पाटन जिलों के निचले इलाकों में भौगोलिक कारणों से बार-बार बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे खेती की जमीन लंबे समय तक पानी में डूबी रहती है और फसलें खराब हो जाती हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इन इलाकों की समस्या का स्थायी हल निकालने के लिए बाढ़ नियंत्रण (Flood Mitigation) उपाय शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए पहली बार 2,500 करोड़ रुपये का अलग फंड बनाया जाएगा। अगर जरूरत पड़ी तो इसे 5,000 करोड़ रुपये या उससे अधिक तक बढ़ाया जाएगा। (PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - October 21, 2025 | 11:45 AM IST

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