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Samvat 2082: शेयर बाजार में निवेशकों को मिल सकता हैं 10–15% रिटर्न, इन सेक्टर्स पर रखें नजर

एनॉलिस्ट का मानना है कि सरकार के टैक्स और GST सुधार, रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दरों में कटौती और क्रेडिट बूस्टिंग के उपाय बाजार को सपोर्ट देंगे

Last Updated- October 21, 2025 | 2:36 PM IST
stock market
Representational Image

Samvat 2082: बीते साल बाजार में सीमित कमाई के बावजूद संवत 2082 में इक्विटी निवेशकों को 10 से 15 फीसदी तक का दमदार रिटर्न मिल सकता है। हालांकि वैल्यूएशन पिछले साल की ऊंचाइयों से थोड़ा नीचे आया है, लेकिन यह अब भी लॉन्ग-टर्म औसत से ऊपर है, जिससे बड़ी तेजी की संभावना सीमित रह सकती है। एनॉलिस्ट का मानना है कि आने वाले महीनों में बाजार की चाल कॉर्पोरेट कमाई की रफ्तार, जीडीपी ग्रोथ और विदेशी निवेशकों (FPI) के इनफ्लो पर निर्भर करेगी।

संवत 2081 में बाजार रहा सुस्त

संवत 2081 में निफ्टी और सेंसेक्स ने दो साल की मजबूत बढ़त के बाद रुकावट दिखाई। निफ्टी 6.8% और सेंसेक्स 5.8% बढ़े, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 5.8% की बढ़त रही। इसके विपरीत, निफ्टी स्मॉलकैप 100 2.1% गिरा- जबकि पिछले दो संवतों (2079 और 2080) में इसमें 30% से अधिक की रैली देखी गई थी।

कमजोर इनकम ग्रोथ, ट्रंप टैरिफ, यूएस ट्रेड पॉलिसी, एच1बी वीजा फीस, और चीन जैसे अन्य बाजारों में FPI आउटफ्लो के चलते घरेलू बाजारों पर दबाव देखने को मिला।

2027 से सुधर सकती है कॉरपोरेट इनकम: नोमुरा

ब्रोकरेज फर्म नोमुरा की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कॉर्पोरेट इनकम में मौजूदा धीमी रफ्तार अभी कुछ समय तक बनी रह सकती है। ब्रोकरेज को वित्त वर्ष 2027 (FY27) से इसमें सुधार की उम्मीद है। नोमुरा ने मार्च 2026 के लिए निफ्टी 50 का लक्ष्य 26,140 तय किया है, जो FY27 के अनुमानित प्रति शेयर आय (EPS) ₹1,245 पर आधारित है।

टैक्स सुधार और RBI पॉलिसी से सपोर्ट

एनॉलिस्ट का मानना है कि सरकार के टैक्स और GST सुधार, रिजर्व बैंक (RBI) की ब्याज दरों में कटौती और क्रेडिट बूस्टिंग के उपाय बाजार को सपोर्ट देंगे। हालांकि कमजोर घरेलू मांग, रोजगार और सैलरी ग्रोथ में सुस्ती, और कम बचत दर इन फायदों को सीमित कर सकती है।

मार्सेलस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के को-फाउंडर प्रमोद गुब्बी का कहना है कि एक नया एक्सपेंस साइकिल शुरू हो रहा है। GST और इनकम टैक्स दरों में कटौती से उपभोक्ताओं को खर्च करने की थोड़ी राहत मिली है। लेकिन सार्वजनिक खर्च धीमा हुआ है क्योंकि सरकार वित्तीय अनुशासन पर ध्यान दे रही है। ऐसे में आगे निजी निवेश को उपभोक्ता मांग से बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

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बिना निजी निवेश के बड़े सुधार मुश्किल

एनॉलिस्ट का कहना है कि जब तक निजी निवेश नहीं बढ़ता, तब तक बाजार में व्यापक और टिकाऊ सुधार आना मुश्किल है। हालांकि, अब वैल्यूएशन अत्यधिक महंगे नहीं रहे और यह संतुलित स्तर पर आ गए हैं।

वैलेंटिस एडवाइजर्स के संस्थापक और एमडी ज्योतिवर्धन जयपुरिया ने कहा, “मैं आने वाले साल के लिए पॉजिटिव हूं। हमें करीब 10–12% रिटर्न मिल सकता है। इस दौरान कंपनियों की करीब 14% इनकम ग्रोथ रहने की उम्मीद है। वैल्यूएशन अब वाजिब स्तर पर हैं, इसलिए रिटर्न कमाई के अनुरूप रह सकते हैं।”

किन सेक्टर्स में बनेगा पैसा?

संवत 2081 में फाइनेंशियल्स और ऑटो शेयर सबसे बेहतर रहे, जबकि आईटी, एनर्जी और रियल एस्टेट पिछड़ गए। एनॉलिस्ट का अनुमान है कि संवत 2082 में भी चुनिंदा सेक्टर अच्छा रिटर्न जेनरेट कर सकते हैं। बैंकिंग, फार्मा और सीमेंट सेक्टर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।

जयपुरिया के मुताबिक, “बैंकिंग सेक्टर में कमाई की वापसी होगी। जेनेरिक दवाओं पर टैरिफ का डर खत्म हो गया है, जो फार्मा कंपनियों के लिए सकारात्मक है। सीमेंट सेक्टर में दो साल बाद कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे रिटर्न बेहतर हो सकते हैं।”

सैमको ग्रुप के सीईओ जिमीत मोदी ने कहा कि निवेशक वास्तविक उम्मीदें रखें। महामारी के बाद असाधारण रिटर्न अब दोहराए नहीं जाएंगे। भीड़भाड़ वाले थीम्स, जैसे सोना या चांदी, में FOMO से बचना चाहिए।

First Published - October 21, 2025 | 2:36 PM IST

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